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Lucknow News: जीआईएस सर्वे के बाद बढ़े टैक्स से भड़के व्यापारी

Fri, 15 Nov 2024 04:07 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 15 Nov 2024 04:07 AM IST
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Traders angry over increased taxes after GIS survey
नगर निगम के गृहकर समाधान शिविर में शिकायत दर्ज कराते व्यापारी।
केस-1
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लाटूश रोड स्थित होटल मालिक गुलाब चंद्र गुप्ता ने कहा, पहले होटल का टैक्स 13,770 रुपये सालाना आता था। जीआईएस सर्वे के बाद यह बढ़ाकर 70,315 रुपये सालाना कर दिया गया। इस तरह यह पांच गुना से अधिक बढ़ा दिया गया और बकाया भी 8.25 लाख निकाल दिया गया। अब इतना टैक्स कहां से देंगे। नगर निगम में कई बार आपत्ति दर्ज की, पर कोई हल नहीं निकला।



केस-2

लखनऊ होटल एंड रेस्टोरेंट ओनर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा ने कहा, इस साल जो हाउस टैक्स के बिल नगर निगम दे रहा है उसमें पिछले 10 साल का बकाया व ब्याज लगाया जा रहा। जो बजट होटल (थ्री स्टार, फोर स्टार आदि के अलावा जिनको कोई स्टार नहीं मिला है) हैं उन पर पांच गुना गृहकर लिया जाना सही नहीं है। गृहकर बढ़ने से जलकर भी बढ़ जा रहा है।
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लखनऊ। नगर निगम के गृहकर समाधान शिविर में बृहस्पतिवार को होटल, रेस्टोरेंट के कारोबारी प्रमुख रूप से पहुंचे। व्यापारी नेता संदीप बंसल भी पहुंचे। शिविर में मौजूद महापौर सुषमा खर्कवाल व नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह से व्यापारियों की बढ़े टैक्स को लेकर नोकझोंक भी हुई। नोकझोंक का कारण जलकर व पुराना गृहकर माफ करने जैसी कई मांगें थीं, जिन्हें पूरा करना निगम प्रशासन के बस में नहीं हैं। इसके लिए नगर निगम अधिनियम में ही प्रदेश सरकार को संशोधन करना पड़ेेगा।
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व्यापारियों की नाराजगी को देखते हुए महापौर ने अलग बैठक करने का वादा किया और आपत्तियों को जमा करा लिया। कारोबारी गुलाब चंद्र कहना था कि नगर निगम ने 2002 के बाद 2010 में टैक्स रिवाइज नहीं किया तो उसमें उनकी क्या गलती है। वह तो हर साल टैक्स जमा कर रहे थे। अब 2024 में 2010 में बढ़ी दरों के तहत बिल भेज दिया गया। इसमें बढ़ी दरों के हिसाब से बकाया एरियर निकाला गया और फिर ब्याज लगाया गया। एक साथ छोटा व्यापारी 10 से 15 लाख रुपये का बकाया टैक्स कैसे चुका पाएगा।



जब पानी कनेक्शन नहीं तो टैक्स क्यों दें

व्यापारी नेता संदीप बंसल ने महापौर से कहा, जिन व्यापारियों ने जलकल विभाग से पानी का कनेक्शन नहीं लिया है तो वह जलकर क्यों दें। उसे माफ किया जाए। महापौर ने कहा, जिन भी घरों के दायरे में 100 मीटर में पानी की पाइप लाइन बिछी है उनसे जलकर लिए जाने का नियम है। यह नियम नगर निगम अधिनियम में है।



जिनका देरी से रिवाइज हुआ टैक्स उनसे नहीं लिया जा रहा ब्याज

नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक ने कहा, गृहकर की 2002 के बाद 2010 में गृहकर की दरें बढ़ी थीं, जिनका गृहकर रिवाइज नहीं हुआ उन्हें राहत दी जा रही है। गृहकर को रिवाइज कराने के लिए कई बार अभियान चलाया गया। ऐसे में जो भवनस्वामी रह गए उनसे बकाया लिया जा रहा है, मगर ब्याज नहीं।
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