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महामहिम का आगमन : पुलिस अफसरों की ‘दृष्टि’ से हुई 72 किलोमीटर ट्रैक की स्क्रीनिंग
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लखनऊ। राष्ट्रपति के लखनऊ आगमन को लेकर गुरुवार को पुलिस अधिकारियों ने आधुनिक निरीक्षण यान ‘दृष्टि’ से लखनऊ से कानपुर के 72 किमी ट्रैक का निरीक्षण किया। दृष्टि को पहली बार वीआईपी ड्यूटी में लगाया जा रहा है। इसमें लगे हाई क्वालिटी कैमरों से ट्रैक किनारे रिकॉर्डिंग की जाएगी। जेसीपी कानून-व्यवस्था पीयूष मोर्डिया व एसपी रेलवे सौमित्र यादव के नेतृत्व में रेलवे, आरपीएफ व पुलिस के कई अधिकारी ट्रैक के निरीक्षण को कानपुर रवाना हुए।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद प्रेसिडेंशियल एक्सप्रेस से 25 जून को सफदरगंज, दिल्ली से कानपुर सेंट्रल के लिए रवाना होंगे। ट्रेन कानपुर देहात के झिंझक व रूरा रेलवे स्टेशनों पर रुकेगी, जहां वह अपने स्कूल के दिनों के साथियों से मिलेंगे। इसके बाद कानपुर प्रवास पूरा कर 28 जून को कानपुर सेंट्रल से लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन के लिए रवाना होंगे। उनके आगमन से पहले ही जीआरपी, पुलिस, आरपीएफ ने सुरक्षा के पक्के बंदोबस्त करने शुरू कर दिए हैं। इसके तहत ही गुरुवार को सफदरगंज से कानपुर रेलखंड पर स्पेशल ट्रेन चलाकर ट्रायल किया और रेलवे प्रशासन कानपुर से लखनऊ तक ट्रेन चलाकर ट्रायल करेगा। पटरियों के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जाएगी। इसमें रेलवे के आधुनिक सुविधाओं से लैस निरीक्षण यान दृष्टि को भी तैनात किया गया है। वहीं कानपुर से लेकर लखनऊ के बीच पड़ने वाली रेलवे क्रॉसिंग पर संबंधित थानों की पुलिस भी तैनात रहेगी। इसके अलावा गंगा की छमक नाली, सई नदी आदि पुलों पर आरपीएफ निगरानी करेगी। ट्रैक किनारे बस्तियों पर पुलिस और आरपीएफ की विशेष नजर होगी। चारबाग स्टेशन परिसर में राष्ट्रपति के आने से पहले सर्कुलेटिंग एरिया, सड़कों की मरम्मत की जा रही है।
हर कॉशन पर थमेगी ट्रेन की रफ्तार
प्रेसिडेंशियल एक्सप्रेस को दिल्ली से लखनऊ के बीच 50 से अधिक कॉशन से गुजरना होगा। इन कॉशन पर ट्रेन की रफ्तार घटेगी। कुछ कॉशन किए गए हैं, लेकिन अब भी तमाम ऐसे हैं, जिनसे होकर ट्रेन को गुजरना होगा।
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कानपुर तक 130, आगे 80 की रहेगी रफ्तार
दिल्ली से कानपुर तक का रूट हाई स्पीड के लिए मुफीद है। इसलिए इस बीच प्रेसिडेंशियल एक्सप्रेस की स्पीड 130 तक रहेगी, लेकिन कानपुर से लखनऊ रूट हाई स्पीड के लिए नहीं है। इसलिए यहां स्पीड लिमिट 80 किमी तक है। ट्रेन को इसी रफ्तार से चलना पड़ेगा।
हटेगा ट्रैक किनारे पड़ा हादसे का सामान
प्रेसिडेंशियल एक्सप्रेस की सुरक्षा के लिए रेलवे ट्रैक किनारे पड़ा हादसे का सामान भी हटाया जाएगा। चारबाग सहित पूरे सेक्शन पर जगह जगह लोहे के एंगल व अन्य उपकरण पड़े रहते हैं। शरारती तत्व इन्हें ट्रैक पर रख देते हैं। इसलिए इन्हें हटाया जाएगा। इसके लिए ट्रैकमैन जिम्मेदारी संभालेंगे।
114 सीसीटीवी से चप्पे-चप्पे पर नजर, टंकी से होगी निगरानी
सुरक्षा के लिए लखनऊ जंक्शन के 49 और चारबाग के 65 हाई डेफिनीशन सीसीटीवी कैमरे चप्पे चप्पे पर नजर रखेंगे। इनमें जो कैमरे खराब थे, उन्हें ठीक करवाया गया है। वहीं स्टेशन पर पानी की टंकी से लेकर ऊंचाई से नजर रखने वाली हर जगह पर आरपीएफ, जीआरपी के जवान मुस्तैद रहेंगे।
130 कदम चल 101 फीट के तिरंगे से रूबरू होंगे राष्ट्रपति
चारबाग रेलवे स्टेशन पर प्रेसिडेंशियल एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर एक पर आएगी। प्लेटफॉर्म पर प्रेसीडेंट के कोच को कुछ ऐसे रोका जाएगा ताकि वह सीधे निकासी द्वार तक पहुंच सकें। ट्रेन से उतरकर पोर्टिको तक महज 130 कदम चलने के बाद वह चारबाग रेलवे स्टेशन की शान 101 फीट ऊंचे तिरंगे से रूबरू होंगे।
8 सेक्टर में बंटा 72 किमी ट्रैक
कानपुर सेंट्रल से लखनऊ तक 72 किमी लंबे ट्रैक को 8 सेक्टरों में बांटा गया है। प्रेसिडेंशियल एक्सप्रेस आठ थानों की सीमा से गुजरेगी। वहीं गंगा घाट पुल से चारबाग तक कुल 12 रेलवे स्टेशन पड़ेंगे। पूरे सफर में कानपुर से उन्नाव तक चार व राजधानी में बंथरा, सरोजनीनगर, कृष्णानगर और मानकनगर थाना क्षेत्र लगेंगे। रेलवे स्टेशनों पर दो जीआरपी एसआई, चार कांस्टेबल तो ट्रैक की सुरक्षा में आरपीएफ व आरपीएसएफ जवान तैनात रहेंगे।
महाप्रबंधक भी राष्ट्रपति के साथ आएंगे
सफदरजंग से कानपुर सेंट्रल तक राष्ट्रपति की प्रेसिडेंशियल एक्सप्रेस में उत्तर रेलवे के जीएम आशुतोष गंगल भी उनके साथ आएंगे। कानपुर में उनका सैलून अलग हो जाएगा। इसके बाद वह ट्रैक का निरीक्षण करते हुए लखनऊ पहुंचेंगे। वहीं लखनऊ-कानपुर सेक्शन पर एक स्पेशल ट्रेन का ट्रायल भी किया जाएगा।
दो प्लेटफार्म रहेंगे खाली
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की प्रेसिडेंशियल एक्सप्रेस चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर सुबह 11:50 बजे पहुंचेगी। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से प्लेटफार्म दो व तीन पर कोई भी ट्रेन नहीं आएगी। इस पर आने वाली गाड़ियों को प्लेटफार्म नंबर चार से सात पर शिफ्ट किया जाएगा। यात्रियों को दिक्कतें न हों, इसके लिए पार्सल घर की साइडिंग से प्लेटफार्म नंबर चार से सात तक पहुंचने की व्यवस्था की जा रही है। स्टेशन निदेशक सुदीप सिंह राष्ट्रपति के अभिनंदन के लिए मौजूद रहेंगे।
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद प्रेसिडेंशियल एक्सप्रेस से 25 जून को सफदरगंज, दिल्ली से कानपुर सेंट्रल के लिए रवाना होंगे। ट्रेन कानपुर देहात के झिंझक व रूरा रेलवे स्टेशनों पर रुकेगी, जहां वह अपने स्कूल के दिनों के साथियों से मिलेंगे। इसके बाद कानपुर प्रवास पूरा कर 28 जून को कानपुर सेंट्रल से लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन के लिए रवाना होंगे। उनके आगमन से पहले ही जीआरपी, पुलिस, आरपीएफ ने सुरक्षा के पक्के बंदोबस्त करने शुरू कर दिए हैं। इसके तहत ही गुरुवार को सफदरगंज से कानपुर रेलखंड पर स्पेशल ट्रेन चलाकर ट्रायल किया और रेलवे प्रशासन कानपुर से लखनऊ तक ट्रेन चलाकर ट्रायल करेगा। पटरियों के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जाएगी। इसमें रेलवे के आधुनिक सुविधाओं से लैस निरीक्षण यान दृष्टि को भी तैनात किया गया है। वहीं कानपुर से लेकर लखनऊ के बीच पड़ने वाली रेलवे क्रॉसिंग पर संबंधित थानों की पुलिस भी तैनात रहेगी। इसके अलावा गंगा की छमक नाली, सई नदी आदि पुलों पर आरपीएफ निगरानी करेगी। ट्रैक किनारे बस्तियों पर पुलिस और आरपीएफ की विशेष नजर होगी। चारबाग स्टेशन परिसर में राष्ट्रपति के आने से पहले सर्कुलेटिंग एरिया, सड़कों की मरम्मत की जा रही है।
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हर कॉशन पर थमेगी ट्रेन की रफ्तार
प्रेसिडेंशियल एक्सप्रेस को दिल्ली से लखनऊ के बीच 50 से अधिक कॉशन से गुजरना होगा। इन कॉशन पर ट्रेन की रफ्तार घटेगी। कुछ कॉशन किए गए हैं, लेकिन अब भी तमाम ऐसे हैं, जिनसे होकर ट्रेन को गुजरना होगा।
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कानपुर तक 130, आगे 80 की रहेगी रफ्तार
दिल्ली से कानपुर तक का रूट हाई स्पीड के लिए मुफीद है। इसलिए इस बीच प्रेसिडेंशियल एक्सप्रेस की स्पीड 130 तक रहेगी, लेकिन कानपुर से लखनऊ रूट हाई स्पीड के लिए नहीं है। इसलिए यहां स्पीड लिमिट 80 किमी तक है। ट्रेन को इसी रफ्तार से चलना पड़ेगा।
हटेगा ट्रैक किनारे पड़ा हादसे का सामान
प्रेसिडेंशियल एक्सप्रेस की सुरक्षा के लिए रेलवे ट्रैक किनारे पड़ा हादसे का सामान भी हटाया जाएगा। चारबाग सहित पूरे सेक्शन पर जगह जगह लोहे के एंगल व अन्य उपकरण पड़े रहते हैं। शरारती तत्व इन्हें ट्रैक पर रख देते हैं। इसलिए इन्हें हटाया जाएगा। इसके लिए ट्रैकमैन जिम्मेदारी संभालेंगे।
114 सीसीटीवी से चप्पे-चप्पे पर नजर, टंकी से होगी निगरानी
सुरक्षा के लिए लखनऊ जंक्शन के 49 और चारबाग के 65 हाई डेफिनीशन सीसीटीवी कैमरे चप्पे चप्पे पर नजर रखेंगे। इनमें जो कैमरे खराब थे, उन्हें ठीक करवाया गया है। वहीं स्टेशन पर पानी की टंकी से लेकर ऊंचाई से नजर रखने वाली हर जगह पर आरपीएफ, जीआरपी के जवान मुस्तैद रहेंगे।
130 कदम चल 101 फीट के तिरंगे से रूबरू होंगे राष्ट्रपति
चारबाग रेलवे स्टेशन पर प्रेसिडेंशियल एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर एक पर आएगी। प्लेटफॉर्म पर प्रेसीडेंट के कोच को कुछ ऐसे रोका जाएगा ताकि वह सीधे निकासी द्वार तक पहुंच सकें। ट्रेन से उतरकर पोर्टिको तक महज 130 कदम चलने के बाद वह चारबाग रेलवे स्टेशन की शान 101 फीट ऊंचे तिरंगे से रूबरू होंगे।
8 सेक्टर में बंटा 72 किमी ट्रैक
कानपुर सेंट्रल से लखनऊ तक 72 किमी लंबे ट्रैक को 8 सेक्टरों में बांटा गया है। प्रेसिडेंशियल एक्सप्रेस आठ थानों की सीमा से गुजरेगी। वहीं गंगा घाट पुल से चारबाग तक कुल 12 रेलवे स्टेशन पड़ेंगे। पूरे सफर में कानपुर से उन्नाव तक चार व राजधानी में बंथरा, सरोजनीनगर, कृष्णानगर और मानकनगर थाना क्षेत्र लगेंगे। रेलवे स्टेशनों पर दो जीआरपी एसआई, चार कांस्टेबल तो ट्रैक की सुरक्षा में आरपीएफ व आरपीएसएफ जवान तैनात रहेंगे।
महाप्रबंधक भी राष्ट्रपति के साथ आएंगे
सफदरजंग से कानपुर सेंट्रल तक राष्ट्रपति की प्रेसिडेंशियल एक्सप्रेस में उत्तर रेलवे के जीएम आशुतोष गंगल भी उनके साथ आएंगे। कानपुर में उनका सैलून अलग हो जाएगा। इसके बाद वह ट्रैक का निरीक्षण करते हुए लखनऊ पहुंचेंगे। वहीं लखनऊ-कानपुर सेक्शन पर एक स्पेशल ट्रेन का ट्रायल भी किया जाएगा।
दो प्लेटफार्म रहेंगे खाली
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की प्रेसिडेंशियल एक्सप्रेस चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर सुबह 11:50 बजे पहुंचेगी। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से प्लेटफार्म दो व तीन पर कोई भी ट्रेन नहीं आएगी। इस पर आने वाली गाड़ियों को प्लेटफार्म नंबर चार से सात पर शिफ्ट किया जाएगा। यात्रियों को दिक्कतें न हों, इसके लिए पार्सल घर की साइडिंग से प्लेटफार्म नंबर चार से सात तक पहुंचने की व्यवस्था की जा रही है। स्टेशन निदेशक सुदीप सिंह राष्ट्रपति के अभिनंदन के लिए मौजूद रहेंगे।