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Budget 2025: पान मसाला और लोहे में टैक्स चोरी रोकने के लिए पहली बार ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम, ये हुए बदलाव
Sun, 02 Feb 2025 04:19 PM IST
ishwar ashish
अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ
अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 02 Feb 2025 04:19 PM IST
सार
बजट में पान मसाला और लोहे में टैक्स चोरी रोकने के लिए सख्त प्रावधान किए गए हैं। अब हर उत्पाद का यूनीक नंबर होगा।
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- फोटो : amar ujala
विस्तार
सबसे ज्यादा टैक्स चोरी के आरोपों से घिरे सेक्टरों पर बजट में घेराबंदी की व्यवस्था कर दी गई है। आम बजट 2025-26 में ऐसी इंडस्ट्री के लिए ट्रैक एंड ट्रेस मैकेनिज्म सिस्टम का प्रावधान किया गया है। ये नया प्रावधान धारा-148ए के तहत लाया गया है। पान मसाला और लोहा इकाइयां सबसे पहले इसकी जद में आएंगी।
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ट्रैक एंड ट्रेस मैकेनिज्म नाम से ही साफ है कि इस व्यवस्था में उत्पादों की ट्रैकिंग और ट्रेसिंग की जा सकेगी। इससे उत्पाद के बनने और आखिर में इस्तेमाल करने वाले तक की पूरी चेन जीएसटी विभाग की नजर में रहेगी। इसके तहत पान मसाला, लोहा समेत कई उत्पादों को अधिसूचित किया जाएगा। फिर ऐसे उत्पाद बनाकर बेचने पर यूनिक आईडी अंकित करनी पड़ेगी। इससे विभाग को इसके एक्सेस का अधिकार मिल जाएगा।
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अभी उत्पाद बनते हैं और एक ही इनवायस से कई बार भेज दिए जाते हैं। नई व्यवस्था में ये खेल मुश्किल हो जाएगा। अब जिस यूनिक नंबर से माल बनेगा, उसे रिपीट नहीं किया जा सकेगा। ये यूनिक नंबर हर उत्पाद पर हॉलमार्क के रूप में होगा। वही नंबर बिल से लेकर उत्पाद तक पर होगा। मशीनों में भी यूनिक नंबर रहेगा। इससे फर्जी इनवायस या एक ही इनवायस से बार-बार माल भेजने का झंझट खत्म होगा।
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इंस्पेक्टर राज की वापसी का खतरा भी
नई व्यवस्था से जीएसटी अधिकारियों को असीमित अधिकार मिल जाएंगे। इससे किसी भी इंडस्ट्री या उत्पाद को ट्रैक एंड ट्रेस मैकेनिज्म में रखकर निगरानी के बहाने उत्पीड़न की आशंका भी बढ़ जाएगी। जीएसटी विशेषज्ञ इसे इंस्पेक्टर राज की वापसी की आशंका के रूप में भी देख रहे हैं, क्योंकि जिस इंडस्ट्री पर अधिकारी को शक होगा, उसे इस मैकेनिज्म में रख देंगे। पहले सर्च वारंट की जरूरत होगी। अब इस सेक्शन से बिना सर्च वारंट के ही जांच अधिकार मिल जाएंगे।
ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ टैक्स प्रैक्टिशनर के उपाध्यक्ष धर्मेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि बजट में टैक्स चोरी के आरोपों से घिरी रहने वाली पान मसाला और लोहा इंडस्ट्री पर शिकंजा कसा गया है। बजट में ऐसी इंडस्ट्री के लिए ट्रैक एंड ट्रेस मैकेनिज्म सिस्टम लागू किया गया है। जीएसटी अधिकारियों के पास पूरा एक्सेस रहेगा। उनके अधिकारों में असीमित वृद्धि की गई है। इससे फिर इंस्पेक्टर राज की आशंका पैदा हो गई है।