आगरा एक्सप्रेस वे पर एक लाख लोगों के लिए टाउनशिप
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आगरा एक्सप्रेस वे पर करीब एक हजार एकड़ जमीन का उपयोग एलडीए टाउनशिप बनाने के लिए करेगा। ये टाउनशिप काकोरी ब्लॉक के 16 गांवों में बनाई जाएंगी। इसमें लगभग एक लाख लोगों को बसाने की तैयारी है। साथ ही यहां कॉमर्शियल स्पेस भी होंगे।
भविष्य में यहां चार टाउनशिप बनाई जाएंगी। आगरा एक्सप्रेस वे के लिए 16 गांवों का अर्जन यूपीडा ने किया है। जबकि इन गांवों को एलडीए ने अपनी महायोजना में शामिल कर लिया है।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे 16 गांवों को एलडीए के क्षेत्र में शामिल किया जाएगा। इन गांवों की व्यावसायिक उपयोगिता बढ़ाने के लिए उनको एलडीए के भीतर लाया जा चुका है। इस संबंध में एलडीए बोर्ड में फैसला भी हो गया है। लखनऊ सदर तहसील के ये गांव काकोरी ब्लॉक की जद में आते हैं।
इन गांवों की जमीन एक्सप्रेस वे के रास्ते में
नटकौरा, भलिया, आदमपुर इंदरवारा, गहलवारा, रेवरी, बहरू, दोना, तेजकिशनखेड़ा, महमहूदपुर , कुसमी, भटऊ जलालपुर, शाहपुर बसरैला, गोटावां, शेरपुर मऊ, खानपुर मऊ, फैसलपुर और गोसापुर गांवों को एलडीए सीमा में लाया जा चुका है।
एक गांव की आबादी आई आड़े
महमूदपुर गांव की आबादी एक्सप्रेस वे में आड़े आ रही है। महमूदपुर की आबादी को कटिंगरा गांव में बसाया जाएगा। कटिंगरा में ग्राम समाज की खाली भूमि पर एलडीए 80 भूखंड निकालेगा। इसके साथ में कुछ मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध करवाएगा। बाकी पूर्ण विकसित करने के लिए गांव में यूपीडा काम करवाएगा।
एक लाख परिवारों को बसाने की तैयारी
यहां चार टाउनशिप बनाई जाएंगी। इनमें लगभग एक लाख परिवारों को बसाने की तैयारी है। इनमें से 20 हजार गरीब आवास होंगे। इससे कम आय वर्ग के लोगों को भी इन टाउनशिप में बसने का मौका मिलेगा। इन टाउनशिप में छोटे स्टेडियम, पार्क, होटल, शॉपिंग माल और आफिशियल कॉम्प्लेक्स भी होंगे।
80 किली दूरी कम करेगा एक्सप्रेस वे
एक्सप्रेस वे बनने से लखनऊ से दिल्ली की दूरी छह से सात घंटे में तय हो जाएगा। लखनऊ से आगरा के बीच सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे को आगरा में ताज एक्सप्रेस-वे (आगरा से नोएडा) से जोड़ दिया जाएगा। इस तरह से लखनऊ से आगरा करीब 380 किलोमीटर का रास्ता 300 किलोमीटर ही रह जाएगा। यह परियोजना करीब 9800 करोड़ रुपये की है।
उपजाऊ भूमि का न्यूनतम इस्तेमाल
इस सड़क को सरकार अपने दम यूपी एक्सप्रेस वे डवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) से बनवाने जा रही है। पांच खंड में सड़क बनेगी, जिसमें एक खंड का शिलान्यास भी सरकार ने कर दिया है। तीन साल में यह परियोजना पूरी कर ली जानी है। एक्सप्रेस वे फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, इटावा, मैनपुरी, कन्नौज और लखनऊ में मोहान रोड (मलिहाबाद के करीब) से गुजरेगा। इसमें उपजाऊ भूमि का कम से कम इस्तेमाल किया जाएगा।
इस पर एलडीए के उपाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार सिंह कहते हैं कि आगरा एक्सप्रेस वे के दोनों ओर नियोजित विकास किया जाएगा। ताकि, सरकार की इस परियोजना के साथ ही इसका वास्तविक इस्तेमाल भी किया जा सकेगा। लोगों को आवास मिलेंगे और व्यावसायिक उपयोग भी हो सकेगा।