बन रहा है शौचालय, अब लौट आएगी बहू
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स्वच्छता अभियान का पहला मंत्र घर-घर हो शौचालय के प्रति धनीराम का पुरवा की बहू के संघर्ष का असर दिखा। चार साल से मायके में रहने को मजबूर विवाहिता की पीड़ा जनप्रतिनिधियों से लेकर प्रशासन के कान तक पहुंची, तो सभी सक्रिय हो गए।
सांसद ने मौके पर जाकर हालात देखे तो पांच घरों के लोग शौचालय न होने से दर्द बयां करते दिखे। आनन-फानन में सभी घरों में शौचालय का निर्माण की प्राथमिकता गिनाते हुए सांसद ने जेई बुलाकर खर्च का सर्वे शुरू कराया है।
अमर उजाला में छपी ‘शौचालय बनेगा तभी लौटूंगी ससुराल’ खबर से शुक्रवार शहर के बाहरी इलाके में स्थित अनजान सा मोहल्ला धनीराम का पुरवा स्थित अरविंद के घर मीडिया का जमावड़ा शुरू हो गया। भाजपा सांसद लल्लू सिंह ने दौरा कर वहां शौचालयविहीन परिवारों के दुख-दर्द को सुना। पंचायत भी लगाई और मौके पर ही पांच शौचालय बनवाने का ऐलान किया।
शौचालय बनने का काम शुरु
शौचालय बनवाने की कमान उन्होंने यहीं के दो युवाओं आलोक कुमार द्विवेदी तथा सुरेंद्र यादव को दी। रीना के पति अरविंद को दिलासा देते हुए कहा कि शौचालय शीघ्र बन जाएगा और उसके बाद मैं खुद तुम्हारे साथ रीना की विदाई कराने चिखड़ी चलूंगा। यह सुन अरविंद के चेहरे पर मुस्कान आ गई। उधर, शौचालय बनते ही बहू भी घर आने को राजी हो गई है।
सांसद ने अश्विनीपुरम वार्ड के छोटे से धनीराम का पुरवा के हर घर पहुंच वहां की समस्या को जाना। सर्वे के दौरान सांसद को पांच घर ऐसे मिले, जहां पर शौचलय नहीं हैं। उन्होंने कहा कि 20 फरवरी तक काम शुरू हो जाएगा।
धनीराम का पुरवा में शुक्रवार को कई स्याह दृश्य दिखे। राम बक्श यादव से जैसे ही सांसद ने शौचालय के बारे में पूछा तो उनका गला भर्रा उठा। बोल उठे- तीन जवान बेटियां हैं सांसद जी, कहां जाए? यह जवाब सुन मौके पर मौजूद हर कोई परेशान हो उठा। स्वच्छता को लेकर पीएम बेहद संवेदनशील हैं। मोहल्ले के आलोक व सुरेंद्र को उन घरों की सूची बनाने को कहा है, जहां शौचालय नहीं है।