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यूपी बोर्डः स्टूडेंट्स जितना पढ़ा है, उसी का करें जमकर अभ्यास, इन टिप्स को करें फॉलो
Thu, 07 Feb 2019 03:03 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमरउजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमरउजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 07 Feb 2019 03:03 PM IST
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यूपी बोर्ड परीक्षा का आगाज बृहस्पतिवार से हो रहा है। विशेषज्ञों ने छात्रों को इस मौके पर तनावमुक्त होकर परीक्षा देने का गुरुमंत्र दिए। विशेषज्ञों के अनुसार अब तक जितना पढ़ा है, उसका ही जमकर अभ्यास करें।
विशेषज्ञों ने अभिभावकों को भी सलाह देते हुए कहा कि वे छात्रों पर अनावश्यक दबाव न डालें। उनके खानपान का ख्याल रखें और तनावमुक्त पढ़ने में सहायता करें। उनको पूरी नींद लेने को कहें और परीक्षा के दौरान सिर्फ अभ्यास करने पर ही बल दें।
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विशेषज्ञों ने अभिभावकों को भी सलाह देते हुए कहा कि वे छात्रों पर अनावश्यक दबाव न डालें। उनके खानपान का ख्याल रखें और तनावमुक्त पढ़ने में सहायता करें। उनको पूरी नींद लेने को कहें और परीक्षा के दौरान सिर्फ अभ्यास करने पर ही बल दें।
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यहां देखें, विशेषज्ञों के टिप्स
डॉ डीके मिश्रा, डॉ दिनेश कुमार और आईएच जैदी
- फोटो : amar ujala
हड़बड़ी में न जाएं परीक्षा देने
मंडलीय मनोवैज्ञानिक डॉ. डीके मिश्रा का कहना है कि परीक्षा देने कभी भी हड़बड़ी में न जाएं। समय से आधे घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचें। जो अब तक पढ़ा है उसी का अच्छी तरह से अभ्यास करें ताकि परीक्षा वाले दिन तनावमुक्त होकर जाएं। सुबह हल्का भोजन लें।
आत्मविश्वास बनाए रखें
मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार का कहना है अपना आत्मविश्वास बनाए रखें। यह कभी न सोचें कि उन्हें कुछ नहीं आता। बल्कि इस पर ध्यान केंद्रित करें कि जितना आता है, उसी में बेहतर प्रदर्शन करेंगे। किसी भी विषय में नए टॉपिक या पाठ्य सामग्री को हाथ न लगाएं। जा आता है उसी के शॉर्ट नोट्स बनाकर अभ्यास करें।
प्रश्नपत्र को पहले अच्छी तरह पढ़ें
शिया इंटर कॉलेज के शिक्षक आईएच जैदी का कहना है कि परीक्षा से पहले रात को भरपूर नींद लें। सुबह भोर में उठकर अध्ययन करें। प्रश्नपत्र को 15 मिनट अच्छी तरह से पढ़ें। जो प्रश्न अच्छी तरह आता है, उसके उत्तर बेहतर ढंग से लिखें।
विशेषज्ञ ने परीक्षा के मद्देनजर छात्रों को गुरुमंत्र दिए
मंडलीय मनोवैज्ञानिक डॉ. डीके मिश्रा का कहना है कि परीक्षा देने कभी भी हड़बड़ी में न जाएं। समय से आधे घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचें। जो अब तक पढ़ा है उसी का अच्छी तरह से अभ्यास करें ताकि परीक्षा वाले दिन तनावमुक्त होकर जाएं। सुबह हल्का भोजन लें।
आत्मविश्वास बनाए रखें
मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार का कहना है अपना आत्मविश्वास बनाए रखें। यह कभी न सोचें कि उन्हें कुछ नहीं आता। बल्कि इस पर ध्यान केंद्रित करें कि जितना आता है, उसी में बेहतर प्रदर्शन करेंगे। किसी भी विषय में नए टॉपिक या पाठ्य सामग्री को हाथ न लगाएं। जा आता है उसी के शॉर्ट नोट्स बनाकर अभ्यास करें।
प्रश्नपत्र को पहले अच्छी तरह पढ़ें
शिया इंटर कॉलेज के शिक्षक आईएच जैदी का कहना है कि परीक्षा से पहले रात को भरपूर नींद लें। सुबह भोर में उठकर अध्ययन करें। प्रश्नपत्र को 15 मिनट अच्छी तरह से पढ़ें। जो प्रश्न अच्छी तरह आता है, उसके उत्तर बेहतर ढंग से लिखें।
विशेषज्ञ ने परीक्षा के मद्देनजर छात्रों को गुरुमंत्र दिए
परीक्षा के दौरान लें आठ घंटे की नींद
परीक्षाएं सिर पर हैं। ऐसे में छात्र-छात्राओं में चिंता भी बढ़ जाती है। एक्सपर्ट का कहना है कि ऐसे समय में घबराएं नहीं, बल्कि तनावमुक्त रहें।
केजीएमयू के मानसिक रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आदर्श त्रिपाठी ने कहा कि परीक्षाओं के दौरान भी कम से कम आठ घंटे की नींद जरूर लें और परीक्षा को लेकर दहशत में कतई न रहें।
उन्होंने छात्र-छात्राओं को टिप्स देने के साथ ही अभिभावकों को भी सलाह दी है। वहीं लोहिया अस्पताल के आयुष चिकित्सक डॉ. संजय कुमार पांडेय ने सेहत को लेकर सचेत रहने की सलाह दी।
केजीएमयू के मानसिक रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आदर्श त्रिपाठी ने कहा कि परीक्षाओं के दौरान भी कम से कम आठ घंटे की नींद जरूर लें और परीक्षा को लेकर दहशत में कतई न रहें।
उन्होंने छात्र-छात्राओं को टिप्स देने के साथ ही अभिभावकों को भी सलाह दी है। वहीं लोहिया अस्पताल के आयुष चिकित्सक डॉ. संजय कुमार पांडेय ने सेहत को लेकर सचेत रहने की सलाह दी।
यहां देखें, स्टूडेंट्स के लिए टिप्स
डेमो
छात्र-छात्राओं के लिए टिप्स :
- परीक्षा के दौरान कम से कम आठ घंटे की नींद जरूर लें। पढ़ाई के दौरान चाय, कॉफी या अन्य चीजें ज्यादा न लें।
- परीक्षा की पूर्व संध्या पर हड़बड़ाहट में न रखें। यह भी कोशिश न करें कि पूरा कोर्स रातभर में दोहरा लूंगा।
- परीक्षा को लेकर दहशत में न रहें। डरने से जो भी तैयारी की है, वह भी भूल जाता है।
- सकारात्मक सोच रखें कि जो भी सवाल आएगा उसे हल कर लेंगे। यदि किसी कारणवश कोई सवाल छूट गया तो उसे लेकर फिक्र न करें। अगले विषय की तैयारी शुरू कर दें।
- किसी दूसरे छात्र से अपनी तुलना न करें। यह कभी न सोचें कि अमुक छात्र ने सभी सवालों का जवाब लिख लिया और मैं पीछे रह गया। इससे अगले विषय की तैयारी प्रभावित होगी।
- परीक्षा हाल में सभी सवालों को पढ़ लें। फिर एक-एक सवाल को हल करने पर खुद को केंद्रित करें।
- शारीरिक श्रम बंद न करें। कम से कम 30 मिनट जरूर खेलें। इससे मानसिक तनाव नहीं होगा।
- मोबाइल और टीवी पर ध्यान केंद्रित न करें। परीक्षा के दौरान इसे भुला दें।
- यह परीक्षा जीवन का अंतिम सत्य नहीं है। इसलिए इस बात का ध्यान रखें कि यह पहली परीक्षा है। अभी जीवन में तमाम परीक्षाएं देनी हैं।
- किसी भी कीमत पर तनाव न आने दें। खुद पर भरोसा रखें। जो भी करेंगे बेहतर होगा।
(जैसा कि केजीएमयू के मानसिक रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आदर्श त्रिपाठी ने बताया)
- परीक्षा के दौरान कम से कम आठ घंटे की नींद जरूर लें। पढ़ाई के दौरान चाय, कॉफी या अन्य चीजें ज्यादा न लें।
- परीक्षा की पूर्व संध्या पर हड़बड़ाहट में न रखें। यह भी कोशिश न करें कि पूरा कोर्स रातभर में दोहरा लूंगा।
- परीक्षा को लेकर दहशत में न रहें। डरने से जो भी तैयारी की है, वह भी भूल जाता है।
- सकारात्मक सोच रखें कि जो भी सवाल आएगा उसे हल कर लेंगे। यदि किसी कारणवश कोई सवाल छूट गया तो उसे लेकर फिक्र न करें। अगले विषय की तैयारी शुरू कर दें।
- किसी दूसरे छात्र से अपनी तुलना न करें। यह कभी न सोचें कि अमुक छात्र ने सभी सवालों का जवाब लिख लिया और मैं पीछे रह गया। इससे अगले विषय की तैयारी प्रभावित होगी।
- परीक्षा हाल में सभी सवालों को पढ़ लें। फिर एक-एक सवाल को हल करने पर खुद को केंद्रित करें।
- शारीरिक श्रम बंद न करें। कम से कम 30 मिनट जरूर खेलें। इससे मानसिक तनाव नहीं होगा।
- मोबाइल और टीवी पर ध्यान केंद्रित न करें। परीक्षा के दौरान इसे भुला दें।
- यह परीक्षा जीवन का अंतिम सत्य नहीं है। इसलिए इस बात का ध्यान रखें कि यह पहली परीक्षा है। अभी जीवन में तमाम परीक्षाएं देनी हैं।
- किसी भी कीमत पर तनाव न आने दें। खुद पर भरोसा रखें। जो भी करेंगे बेहतर होगा।
(जैसा कि केजीएमयू के मानसिक रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आदर्श त्रिपाठी ने बताया)
अभिभावक भी दें इन बातों का ध्यान
ignou students
अभिभावक भी ध्यान दें :
- बच्चे के साथ सकारात्मक रवैया रखें। उसके खानपान का ध्यान रखें।
- छात्र के साथ ऐसा व्यवहार रखें कि परीक्षा के नंबर केआधार पर प्यार, दुलार कम या अधिक नहीं होगा।
- बच्चे को प्रोत्साहित करें कि बेहतर होगा।
- बच्चे की आलोचना न करें। इस बात पर दबाव न डालें कि अमुक बच्चा रातभर पढ़ रहा है।
- कोशिश करें कि बच्चे को घर में अकेले न रहना पड़े।
- उसे हर परिस्थिति का सामना करने के लिए प्रोत्साहित करें।
- जिन बातों से बच्चे को चिढ़ हो, उसकी अनदेखी करें।
(जैसा कि केजीएमयू के मानसिक रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आदर्श त्रिपाठी ने बताया)
- बच्चे के साथ सकारात्मक रवैया रखें। उसके खानपान का ध्यान रखें।
- छात्र के साथ ऐसा व्यवहार रखें कि परीक्षा के नंबर केआधार पर प्यार, दुलार कम या अधिक नहीं होगा।
- बच्चे को प्रोत्साहित करें कि बेहतर होगा।
- बच्चे की आलोचना न करें। इस बात पर दबाव न डालें कि अमुक बच्चा रातभर पढ़ रहा है।
- कोशिश करें कि बच्चे को घर में अकेले न रहना पड़े।
- उसे हर परिस्थिति का सामना करने के लिए प्रोत्साहित करें।
- जिन बातों से बच्चे को चिढ़ हो, उसकी अनदेखी करें।
(जैसा कि केजीएमयू के मानसिक रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आदर्श त्रिपाठी ने बताया)
सेहत के प्रति भी रहें सतर्क
डेमो
सेहत
- मैदा वाली चीजों का प्रयोग कम से कम करें।
- खाने में रेशेदार चीजें बढ़ा दें। सलाद जरूर खाएं।
- फल और जूस का प्रयोग ज्यादा करें। पानी खूब पीएं।
- बाहर की चीजें, चाट मसाला वगैरह खाने से बचें।
- घर में भी तला-भुना खाने के बजाय हल्का और सुपाच्य भोजन ही प्रयोग करें।
- पित्तवर्धक चीजों जैसे चाय कॉफी, चटनी, अचार आदि का कम से कम सेवन करें।
- एक- एक चम्मच सुबह शाम अविपत्तिकर चूर्ण का सेवन करें, जिससे पित्त और वायु का प्रकोप नहीं होगा।
- शंखपुष्पी ब्राह्मी और हरिद्रा जैसे द्रव्य को भी सुबह-शाम ले सकते हैं।
- पेट साफ न हो तो पंचसकार चूर्ण का सेवन करें।
- (जैसा कि लोहिया अस्पताल के आयुष चिकित्सक डॉ. संजय कुमार पांडेय ने बताया)
- मैदा वाली चीजों का प्रयोग कम से कम करें।
- खाने में रेशेदार चीजें बढ़ा दें। सलाद जरूर खाएं।
- फल और जूस का प्रयोग ज्यादा करें। पानी खूब पीएं।
- बाहर की चीजें, चाट मसाला वगैरह खाने से बचें।
- घर में भी तला-भुना खाने के बजाय हल्का और सुपाच्य भोजन ही प्रयोग करें।
- पित्तवर्धक चीजों जैसे चाय कॉफी, चटनी, अचार आदि का कम से कम सेवन करें।
- एक- एक चम्मच सुबह शाम अविपत्तिकर चूर्ण का सेवन करें, जिससे पित्त और वायु का प्रकोप नहीं होगा।
- शंखपुष्पी ब्राह्मी और हरिद्रा जैसे द्रव्य को भी सुबह-शाम ले सकते हैं।
- पेट साफ न हो तो पंचसकार चूर्ण का सेवन करें।
- (जैसा कि लोहिया अस्पताल के आयुष चिकित्सक डॉ. संजय कुमार पांडेय ने बताया)