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ALERT: बच के, लखनऊ पर बाघ का साया!

Wed, 22 Oct 2014 01:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 22 Oct 2014 01:35 PM IST
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tiger footmark located in lucknow-hardoi border.

बाघ की लोकेशन बीते दो-तीन दिनों से हरदोई वन प्रभाग के क्षेत्रों में ट्रेस की जा रही है।

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वहां के अधिकारियों ने बाघ के फुट मार्क एकत्र कर विशेषज्ञों को दिखाए हैं। इसके आधार पर विशेषज्ञों ने युवा बाघ की मौजूदगी का अंदेशा जताया है।

हालांकि राजधानी क्षेत्र में न तो बाघ देखा गया है और न ही इसके फुट मार्क ही मिले हैं। इसके बावजूद वन विभाग और विशेषज्ञ एक्टिव हो गए हैं।

बताया जा रहा है कि युवा टाइगर अपना इलाका बनाने के लिए निकला है। वह 120-140 किलो वजनी है। गौरतलब है कि वर्ष 2012 की सर्दियों में लखीमपुर खीरी से भटके एक बाघ ने राजधानी में आमद दर्ज कराई थी।

बाघ की लोकेशन गोमती के घाटों भटपुर, मांझा इलाकों में देखने के बाद हरदोई वन विभाग के अधिकारियों ने लखनऊ के आला अधिकारियों से संपर्क साधा है।

रैपिड रिस्पांस यूनिट तैयार

tiger footmark located in lucknow-hardoi border.
हरदोई के अधिकारियों ने फुट मार्क के आधार पर युवा टाइगर की मौजूदगी की संभावना जताई है।

डीएफओ अवध एससी यादव ने मंगलवार को बताया कि फिलहाल राजधानी के वन प्रभाग में कहीं से भी अभी टाइगर साइटिंग, पगमार्क रिपोर्ट नहीं हुआ है।

रैपिड रिस्पांस यूनिट के मुखिया और लखनऊ जू के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. उत्कर्ष शुक्ला ने बताया कि फिलहाल उनसे अभी तक सीधा संवाद नहीं हो सका है, लेकिन किसी भी एक्शन के लिए टीम तैयार है।

सलाह-मशविरे में भी मदद की जाएगी। बाघ संरक्षण विशेषज्ञ संजय नारायन ने बताया कि बाघ खीरी से भटका है।

जिन स्थानों पर उसकी लोकेशन बताई जा रही, उससे लग रहा कि बाघ 100-125 किमी. की दूरी तय कर चुका है।
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