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Lucknow: रहमान खेड़ा जंगल में घूम रहे बाघ को वन विभाग ने किया ट्रेंकुलाइज, कर चुका था 24 शिकार

Wed, 05 Mar 2025 07:26 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 05 Mar 2025 07:26 PM IST
सार

लखनऊ के रहमानखेड़ा में आतंक का पर्याय बने बाघ को पकड़ लिया गया है। बीते 90 दिनों में बाघ ने 24 शिकार किए। आखिरकार वन विभाग की टीम को सफलता मिल गई।

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Tiger caught after 90 days in Lucknow's Rehmankheda
रहमानखेड़ा में पकड़ा गया बाघ। - फोटो : amar ujala

विस्तार

रहमान खेड़ा जंगल में 90 दिनों से चहल कदमी कर रहे बाघ को वन विभाग की टीम ने बुधवार शाम सफलतापूर्वक ट्रेंकुलाइज कर लिया है। यह बाघ आसपास के 60 गांवों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ था, अब तक यह 24 शिकार कर चुका था।

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वन विभाग की टीम ने विशेषज्ञों की मदद से बाघ को बेहोश करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया। ट्रेंकुलाइज करने के बाद उसे बीकेटी (बख्शी का तालाब) रेंज कार्यालय लाया जाएगा, जहां वन्यजीव चिकित्सकों की टीम उसका स्वास्थ्य परीक्षण करेगी। रहमान खेड़ा जंगल और आसपास के ग्रामीण इलाकों में इस बाघ की उपस्थिति से लोग काफी दहशत में थे। कई बार ग्रामीणों ने बाघ को खुले में घूमते देखा था, जिससे खेती और पशुपालन पर भी असर पड़ रहा था। बाघ के हमलों के चलते ग्रामीणों को रात में बाहर निकलने में डर लगने लगा था।
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वन विभाग की कड़ी मेहनत लाई रंग
वन विभाग की टीम पिछले कई दिनों से बाघ पर नजर रख रही थी। कैमरा ट्रैप, ड्रोन और स्थानीय ग्रामीणों की सूचनाओं के आधार पर उसका मूवमेंट ट्रैक किया गया। कई बार उसे सुरक्षित पकड़ने की कोशिश की गई, लेकिन वह बच निकलता था। अंततः विशेषज्ञों की मदद से उसे ट्रेंकुलाइज कर लिया गया। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बाघ का पूरा मेडिकल चेकअप किया जाएगा। यदि वह स्वस्थ पाया जाता है, तो उसे किसी सुरक्षित जंगल या टाइगर रिजर्व में छोड़ा जा सकता है। यदि उसकी सेहत ठीक नहीं रहती, तो उसे पुनर्वास केंद्र में रखा जाएगा।
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ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
इस अभियान की सफलता से स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। वन विभाग की टीम का कहना है कि आगे भी ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए इलाके में निगरानी बढ़ाई जाएगी।

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