ALERT: रहमानखेड़ा तक आ पहुंचा बाघ
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लगातार आगे बढ़ रहा भटका हुआ बाघ रहमानखेड़ा तक आ पहुंचा है।
हरदोई-माल के बार्डर पर मौजूदगी जताने के बाद बाघ ने अब मलिहाबाद-काकोरी के गांवों का रुख किया है।
दिवाली बाद बाघ की मूवमेंट मलिहाबाद के तमाम इलाकों में ट्रेस की गई।
उसकी आखिरी लोकेशन (शुक्रवार तड़के हुई मूवमेंट) रहमानखेड़ा के जंगलों के नजदीक जाती हुई मिली।
यह जगह शहर से 10 किमी से भी कम है। बाघ को पकड़ने के लिए दुधवा से हथिनियों को बुलवाया गया है।
निशान मलिहाबाद के फतेहगंज, माल नई बस्ती में मिले।
रहमानखेड़ा के आसपास के आधा दर्जन से अधिक इलाकों में करीब 5 किमी तक बाघ के पगमार्क मिले।
किसानों और ग्रामीणों ने आलू, लौकी के खेतों में नये पगमार्क देखे तो वन विभाग को इसकी सूचना दी।
पगमार्क 24-30 घंटे पुराने
रहमानखेड़ा के जंगलों में बाघ की जो आखिरी लोकेशन ट्रेस हुई है उसी लोकेशन पर जनवरी 2012 में एक और व्यस्क भटके हुए बाघ ने भी डेरा जमाया था।
तब टाइगर आपेरशन में रूपकली, गंगाकली और पुष्पाकली थ्री टियर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर बाघ को दबोचने में सफलता मिली थी।
शनिवार को बाघ के ताजा पगमार्क गोधन गांव से अलग मलहा, कटौली, कठिंगरा, हंसनखेड़ा और रहमानखेड़ा के नजदीक बेता नाले के पास तक ट्रेस हुए हैं।
डीएफओ अवध एससी यादव ने बताया, ये पगमार्क 24-30 घंटे पुराने बताये जा रहे हैं। कॉम्बिंग में एक टीम और बढ़ा दी गई हैं। लोकलाइज करने के साथ ट्रेंड हथनियों को भी लगाया जायेगा।