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एलडीए ने लावारिस छोड़े तो ठगों ने उठाया फायदा गोलमाल कर बेच दिए फ्लैट
Wed, 23 Oct 2019 03:35 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Wed, 23 Oct 2019 03:35 PM IST
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फ्लैट
- फोटो : amar ujala
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लखनऊ में गोमतीनगर के विराजखंड-2 में लावारिस पड़े 32 फ्लैटों को एलडीए भले ही सात वर्षों में नहीं बेच पाया, लेकिन उसके ही कथित कर्मचारियों ने गोलमाल कर वन विभाग के दो कर्मचारियों से फ्लैट देने के नाम पर पैसा ले लिया। ठगी के शिकार दोनों लोगों को रजिस्ट्री तक कराने का आश्वासन दे दिया गया। पीड़ितों का कहना है कि कई लोगों से इस तरह ठगी की गई है।
वन विभाग में मृतक आश्रित कोटे में चतुर्थ श्रेणी की नौकरी पाई उमा प्रधान और संविदा कर्मचारी मार्कंडेय तिवारी से फ्लैट बेचने के नाम पर ठगी हुई है। उमा प्रधान से झांसा देकर जहां 2.75 लाख रुपये नकद ले लिए गए, वहीं उनके फ्लैट को फाइनेंस कराने के नाम पर निजी लोन देने वाली कंपनी से 50 हजार रुपये का मोबाइल भी ठगों ने खरीद लिया।
वहीं, दूसरे संविदा कर्मचारी से भी 60 हजार रुपये नकद ठगों ने ले लिए। ठगी करने वालों में आदित्य कुमार (मोबाइल नंबर 7518730088), राहुल कुमार (7905366344) और विजय कुमार (9161519555) के नाम सामने आए हैं। आदित्य कुमार जहां खुद को एलडीए का इंजीनियर बताता है, वहीं राहुल और विजय खुद को संविदा पर तैनात बताते हैं। यही दोनों लोगों से पैसा लेकर आदित्य तक पहुंचाते थे।
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वन विभाग में मृतक आश्रित कोटे में चतुर्थ श्रेणी की नौकरी पाई उमा प्रधान और संविदा कर्मचारी मार्कंडेय तिवारी से फ्लैट बेचने के नाम पर ठगी हुई है। उमा प्रधान से झांसा देकर जहां 2.75 लाख रुपये नकद ले लिए गए, वहीं उनके फ्लैट को फाइनेंस कराने के नाम पर निजी लोन देने वाली कंपनी से 50 हजार रुपये का मोबाइल भी ठगों ने खरीद लिया।
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वहीं, दूसरे संविदा कर्मचारी से भी 60 हजार रुपये नकद ठगों ने ले लिए। ठगी करने वालों में आदित्य कुमार (मोबाइल नंबर 7518730088), राहुल कुमार (7905366344) और विजय कुमार (9161519555) के नाम सामने आए हैं। आदित्य कुमार जहां खुद को एलडीए का इंजीनियर बताता है, वहीं राहुल और विजय खुद को संविदा पर तैनात बताते हैं। यही दोनों लोगों से पैसा लेकर आदित्य तक पहुंचाते थे।
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कर्मचारियों की पहचान कराकर होगी कार्रवाई
उमा का कहना है कि करीब आठ महीने पहले उन्हें आदित्य और विजय ने फ्लैट दिखाकर पैसा ले लिया। फ्लैट में टूटफूट दिखाकर इसे ठीक करने में समय लगने की बात कही। इसके बाद पास में ही एक घर किराये पर दिलवा दिया। ठगों ने बताया कि एलडीए इन फ्लैट को बेच नहीं पाया था। इसकी रजिस्ट्री वे लोग कराकर देंगे। कुछ दिन से फ्लैट के पास खाली पड़ी जमीन को भी साथ में देने के नाम पर 55 हजार रुपये की मांग ये लोग कर रहे हैं।
‘अमर उजाला’ की खबर पर चेते
मार्कंडेय तिवारी ने बताया कि पिछले दिनों ‘अमर उजाला’ में इन फ्लैटों को लेकर छपी खबरों को पढ़ने के बाद माथा ठनका। पता किया तो अपने साथ ठगी की जानकारी मिली। इन लोगों से पैसा मांगा तो उल्टे हमें ही फंसाने की धमकी देते हैं।
इन लोगों को नकद में पैसा देने से पहले खुद भी सोचना चाहिए था कि एलडीए में इस तरह कोई जमा नहीं लिया जाता है। ठगी में शामिल एलडीए कर्मचारियों की पहचान करा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - प्रभु एन सिंह, वीसी, एलडीए
‘अमर उजाला’ की खबर पर चेते
मार्कंडेय तिवारी ने बताया कि पिछले दिनों ‘अमर उजाला’ में इन फ्लैटों को लेकर छपी खबरों को पढ़ने के बाद माथा ठनका। पता किया तो अपने साथ ठगी की जानकारी मिली। इन लोगों से पैसा मांगा तो उल्टे हमें ही फंसाने की धमकी देते हैं।
इन लोगों को नकद में पैसा देने से पहले खुद भी सोचना चाहिए था कि एलडीए में इस तरह कोई जमा नहीं लिया जाता है। ठगी में शामिल एलडीए कर्मचारियों की पहचान करा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - प्रभु एन सिंह, वीसी, एलडीए