{"_id":"5eb31f508ebc3e9037300a5b","slug":"throwing-used-mask-gloves-can-cause-police-case18","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब खुले में फेंका मास्क व ग्लव्स तो दर्ज होगा केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब खुले में फेंका मास्क व ग्लव्स तो दर्ज होगा केस
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लखनऊ। मास्क व ग्लव्स का उपयोग करने के बाद लोग इन्हें खुले में फेंक दे रहे हैं। इससे कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। इस पर सख्त नगर निगम प्रशासन ने ऐसे लोगों पर एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की है। इसकी मंजूरी के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा जाएगा। इसके साथ ही उन लोगों पर भी जुर्माना लगाया जाएगा, जो इधर-उधर थूकते या गंदगी फैलाते मिलेंगे। नगर स्वास्थ्य अधिकारी सुनील रावत कहते हैं कि खुले में पड़े मास्क व ग्लब्स से यदि किसी संक्रमित व्यक्ति का मास्क-ग्लब्स किसी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति के संपर्क में आया तो वह भी संक्रमित हो जाएगा। जिससे बड़ी समस्या पैदा हो जाएगी। ---- तय की जाएगी सबकी जवाबदेही नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि लोगों को लगातार समझाया जा रहा है, लेकिन वह मान नहीं रहे हैं। मास्क व ग्लव्स खुले में फेंक रहे हैं। अब ऐसे लोगों पर कानूनी कार्रवाई होगी। जिन आवासीय समितियों में यह पाया जाएगा वहां समितियों की भी जिम्मेदारी तय होगी। ----- 72 घंटे बंद रखने के बाद काटकर फेंक सकते हैं सामान्य लोग नगर निगम के पर्यावरण अभियंता और अस्पताली कचरे का निस्तारण करने वाली कंपनी एसएमएस के प्रबंधक अनिकेत जोशी ने बताया कि मास्क व ग्लव्स का सही निस्तारण करने के लिए पहले उनको एक पॉलीबैग में 72 घंटे के लिए बंद कर रख दें। उसके बाद उसको काटकर सामान्य घरेलू कचरे के साथ फेंक सकते हैं, तब वह खतरनाक नहीं रहता है। -------------- क्वारंटीन वालों का सीधे प्लांट जाता है कचरा अस्पताली कचरा निस्तारण करने वाली कंपनी के प्रबंधक अनिकेत ने बताया कि जो लोग आइसोलेशन में हैं या क्वारंटीन हैं और संक्रमित या संदिग्ध हैं तो इनका अस्पताली कचरा अलग रहता है। उसको कंपनी कलेक्ट कर इंसीनेटर प्लांट में निस्तारित करती है। -------------- हॉटस्पॉट से कर्मचारी कर रहे कलेक्ट पर्यावरण अभियंता पंकज भूषण ने बताया कि कोरोना हॉटस्पॉट इलाकों में कर्मचारी डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन कर रहे हैं। वहां के लोगों का सामान्य कचरा और मास्क-ग्लव्स आदि कर्मचारी खुद अलग बैग में लेकर जाते हैं। इसके लिए इलाके के लोगों को बताया जाता है कि अपने मास्क-ग्लव्स अलग पॉलीबैग में रखें। ----- यहां कर सकते हैं निस्तारण अस्पताली कचरा निस्तारण का काम करने वाली कंपनी के प्रबंधक ने बताया कि जनता की सुविधा के लिए शहर में कई स्थानों पर मास्क व ग्लव्स डालने के लिए पीले डस्टबिन लगाए गए हैं। मुंशीपुलिया चौराहा, कमता पुलिस चौकी, एसएसपी ऑफिस, सीएमओ ऑफिस, निगम मुख्यालय, बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट, मेट्रो मॉल में ये डस्टबिन लगे हैं। --- ले सकते हैं नगर निगम की मदद नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी का कहना है कि जहां पर लोगों को उचित निस्तारण में समस्या है तो वह नगर निगम के कंट्रोल रूम नंबर पर फोन 0522-2307782, 2307783 पर फोन कर बता सकते हैं। अस्पताली कचरा निस्तारण करने वाली कंपनी उनसे संपर्क कर समस्या का समाधान करेगी। ----- फैक्ट फाइल - शहर में 850 सामान्य अस्पतालों से प्रतिदिन 2000 किलो अस्पताली कचरा निकलता है। - शहर के 10 कोविड हॉस्पिटल से रोजाना 350 किलो अस्पताली कचरा निकलता है। ------ कोट एफआईआर का बना रहे प्रस्ताव उपयोग के बाद मास्क और ग्लव्स के निस्तारण का नियम है। इन्हें खुले में फेंकने से संक्रमण बढ़ सकता है। इसे रोकने के लिए कड़ा कदम उठाया जा रहा है। ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का प्रस्ताव बन रहा है। इंद्रमणि त्रिपाठी, नगर आयुक्त
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