फर्जी डिग्री पर नौकरी कर रहे तीन शिक्षक बर्खास्त, वेतन की रिकवरी भी होगी, एफआईआर के आदेश
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बेसिक शिक्षा विभाग की शिक्षक भर्ती में फर्जी बीएड की डिग्री पर शिक्षक की नौकरी हथियाने वाले प्राइमरी स्कूल के एक प्रधानाध्यापक व दो सहायक अध्यापकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनिराम सिंह ने विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) के निर्देश पर तीनों शिक्षकों की विभागीय जांच कराई। जांच में बीएड की डिग्री फर्जी मिलने पर तीनों शिक्षकों की सेवा समाप्त करने के साथ ही अब तक लिए गए वेतन की रिकवरी करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही तीनों ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारियों को एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है।
जिले के मनकापुर शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय रामपुर खास के प्रधानाध्यापक सुरजीत कुमार मौर्या की नियुक्ति 16 दिसंबर 2009 में बस्ती जनपद के गौर शिक्षा क्षेत्र के प्राइमरी स्कूल मुंडेर में हुई थी। 11 जुलाई 2013 को गैर जनपद तबादले से गोंडा आने पर मनकापुर में तैनाती हुई थी। वह डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से वर्ष 2005 में बीएड की डिग्री के आधार पर सहायक अध्यापक के पद चयनित हुए थे। जांच में डिग्री फर्जी पाई गई।
इन दो विद्यालयों के शिक्षकों की भी डिग्री मिली फर्जी
इसी तरह छपिया ब्लॉक के प्राइमरी स्कूल पायर खास द्वितीय के सहायक अध्यापक की नियुक्ति वर्ष 27 अगस्त 2016 में हुई थी। इनके बीएड की डिग्री भी फर्जी मिली है।
इनके साथ ही बेलसर के प्राइमरी स्कूल पकवान गांव में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत ज्ञानेंद्र सिंह दुबेला के बीएड की डिग्री भी जांच में फर्जी पाई गई है। इनकी तैनाती 9 नवंबर 2015 को मुजेहना के प्राइमरी स्कूल कोल्हुआ बनकट में हुई थी। हाल ही में अंग्रेजी मीडियम स्कूल होने पर प्राइमरी स्कूल पकवान गांव में इन्होंने नियुक्ति हासिल की थी।
बीएसए मनिराम सिंह ने बताया कि डिग्री फर्जी होने की जानकारी होने पर तीनों शिक्षकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। 22 जुलाई 2019 को सुनवाई का अवसर दिया गया। ये तीनों ही आरोप के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके। इससे तीनों की सेवाओं को समाप्त कर दिया गया है। बेलसर, मनकापुर व छपिया के खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि तीनों के विरुद्ध स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज कराएं।