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ढाई करोड़ की स्मैक के साथ तीन तस्कर दबोचे गए, 9.60 लाख रुपये भी बरामद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 21 Aug 2018 09:13 PM IST
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एसटीएफ की गिरफ्त में तस्कर और बरामद सामान (इनसेट)।
- फोटो : amar ujala
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यूपी एसटीएफ ने अंतरराज्यीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए सोमवार रात राजधानी में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से ढाई करोड़ रुपये कीमत की स्मैक बरामद की है।
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एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि मादक पदार्थों के मुख्य तस्कर को पकड़ने के लिए अपर पुलिस अध्यक्ष विशाल विक्रम सिंह को जिम्मेदारी दी गई थी। पड़ताल के दौरान पता चला कि अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह का सरगना मो. सलमान उर्फ छोटू अपने दो साथियों तौफीक और संतोष के साथ मिलकर बाराबंकी व लखनऊ से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पंजाब, हरियाणा और दिल्ली व उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में कर रहा है।
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सलमान और तौफीक बाराबंकी के हैं, जबकि संतोष बिहार का मूल निवासी बताया जा रहा है। मुखबिर की सूचना पर सोमवार देर रात लखनऊ में गाजीपुर थानाक्षेत्र में पॉलिटेक्नीक चौराहे के पास से तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया।
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इनके पास से 2.50 किलो मारफीन (स्मैक), 9.52 लाख रुपये, स्कूटी, पांच मोबाइल और उक्त अभियुक्तों के पहचान पत्र बरामद किए हैं। मारफीन की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में ढाई करोड़ रुपये बताई जा रही है।
गिरफ्तार किए गए सलमान ने बताया कि इस मादक पदार्थ की तस्करी गैंग का वह खुद सरगना है। वह झारखंड और मालदा पश्चिम बंगाल से क्रूड (अवैध मादक पदार्थ) मंगाकर उससे स्मैक तैयार किया जाता है।
एक किलो क्रूड से 15 से 17 किलो तक स्मैक तैयार की जाती है। इस स्मैक को हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में बेच दिया जाता है। उसने बताया कि क्रूड मंगाने के लिए हर महीने 50 से 60 लाख रुपये हवाला के माध्यम से पश्चिम बंगाल व झारखंड भेजा जाता है।
क्रूड से तैयार किए गए स्मैक की तस्करी हर महीने कैरियर के माध्यम से की जाती है। कैरियर को आने जाने का ट्रेन में रिजर्वेशन व एक बार का 15 हजार रुपये दिया जाता है। तौफीक और संतोष दोनों बतौर कैरियर इसके साथ काम करते हैं।