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Lucknow News: तीन रियल एस्टेट कंपनियों पर 23.15 लाख की ठगी का केस
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लखनऊ। रियल एस्टेट कंपनी वसुंधरा ग्रुप, एचके इंफ्राविजन व आरएआर ग्रुप ने चार लोगों को प्लॉट दिलाने का झांसा दिया फिर उनके 23.15 लाख रुपये ऐंठ लिए। पीड़ितों ने विभूतिखंड, मोहनलालगंज और गोमतीनगर थाने में धोखाधड़ी और विश्वासघात की धारा में एफआईआर दर्ज कराई है।
बलिया के हजौली निवासी शिवसागर यादव के मुताबिक 2014 में प्लॉट खरीदने के सिलसिले में विभूतिखंड स्थित वसुंधरा ग्रुप से उनका संपर्क हुआ था। यहां उन्होंने निदेशक सुधीर सिंह व मुन्ना से कंपनी की सुल्तानपुर रोड स्थित आर्चिड वैली साइट में प्लॉट बुक कराया। शिवसागर ने कंपनी में 4 लाख जमा कराए। मगर उन्हें अभी तक कब्जा नहीं दिया। इसी तरह शिवसागर के इलाके की ही मलरी देवी ने 2016 में 2.40 लाख का प्लॉट बुक कराया। भुगतान के बाद उन्हें भी कब्जा नहीं मिला। पीड़ितों ने विभूतिखंड पुलिस से शिकायत की। इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह के मुताबिक मामले की तफ्तीश की जा रही है।
उधर, बिहार के छपरा की रिटायर्ड सैन्यकर्मी बिंदु देवी ने 2018 में एचके इंफ्राविजन कंपनी से संपर्क किया था। कंपनी के मालिक प्रमोद उपाध्याय व उसके भाई विनोद उपाध्याय से बिंदु की मुलाकात हुई थी। बिल्डर भाइयों के कहने पर बिंदु ने कंपनी की मोहनलालगंज स्थित कान्हा वैली साइट में 11.25 लाख का प्लॉट बुक कराया। मगर उनके नाम पर रजिस्ट्री नहीं हुई। इंस्पेक्टर मोहनलालगंज दिलेश कुमार सिंह के मुताबिक आरोपी प्रमोद को जेल भेजा जा चुका है। उसके भाई की तलाश में पुलिस टीमें लगी हैं।
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इसके अलावा वाराणसी निवासी बुजुर्ग प्रदीप कुमार के 2015 में विपुल खंड-5 स्थित आरएआर ग्रुप इंफ्राटेक कंपनी के निदेशक अमित मिश्रा व कर्मी जितेंद्र ने प्लॉट के नाम पर 5.50 लाख ऐंठ लिए। इंस्पेक्टर ब्रजेश चंद्र त्रिपाठी के मुताबिक मामले की तफ्तीश की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई होगी।
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बलिया के हजौली निवासी शिवसागर यादव के मुताबिक 2014 में प्लॉट खरीदने के सिलसिले में विभूतिखंड स्थित वसुंधरा ग्रुप से उनका संपर्क हुआ था। यहां उन्होंने निदेशक सुधीर सिंह व मुन्ना से कंपनी की सुल्तानपुर रोड स्थित आर्चिड वैली साइट में प्लॉट बुक कराया। शिवसागर ने कंपनी में 4 लाख जमा कराए। मगर उन्हें अभी तक कब्जा नहीं दिया। इसी तरह शिवसागर के इलाके की ही मलरी देवी ने 2016 में 2.40 लाख का प्लॉट बुक कराया। भुगतान के बाद उन्हें भी कब्जा नहीं मिला। पीड़ितों ने विभूतिखंड पुलिस से शिकायत की। इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह के मुताबिक मामले की तफ्तीश की जा रही है।
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उधर, बिहार के छपरा की रिटायर्ड सैन्यकर्मी बिंदु देवी ने 2018 में एचके इंफ्राविजन कंपनी से संपर्क किया था। कंपनी के मालिक प्रमोद उपाध्याय व उसके भाई विनोद उपाध्याय से बिंदु की मुलाकात हुई थी। बिल्डर भाइयों के कहने पर बिंदु ने कंपनी की मोहनलालगंज स्थित कान्हा वैली साइट में 11.25 लाख का प्लॉट बुक कराया। मगर उनके नाम पर रजिस्ट्री नहीं हुई। इंस्पेक्टर मोहनलालगंज दिलेश कुमार सिंह के मुताबिक आरोपी प्रमोद को जेल भेजा जा चुका है। उसके भाई की तलाश में पुलिस टीमें लगी हैं।
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इसके अलावा वाराणसी निवासी बुजुर्ग प्रदीप कुमार के 2015 में विपुल खंड-5 स्थित आरएआर ग्रुप इंफ्राटेक कंपनी के निदेशक अमित मिश्रा व कर्मी जितेंद्र ने प्लॉट के नाम पर 5.50 लाख ऐंठ लिए। इंस्पेक्टर ब्रजेश चंद्र त्रिपाठी के मुताबिक मामले की तफ्तीश की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई होगी।