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Lucknow News: जिले में मिले गलाघोंटू के तीन मरीज, विभाग सतर्क
Fri, 27 Sep 2024 11:02 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 27 Sep 2024 11:02 PM IST
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श्रावस्ती। जिले में अलग-अलग स्थानों पर इलाज के दौरान परीक्षण कराने पर डिप्थीरिया (गलाघोंटू) के तीन मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। गलाघोंटू की रोकथाम के लिए विद्यालयों में विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है।
गलाघोंटू के मरीज सिरसिया क्षेत्र के ग्राम ताल बघौड़ा, इकौना क्षेत्र के ग्राम अकबरपुर व गिलौला क्षेत्र के ग्राम लक्ष्मननगर में चिह्नित किए गए हैं। ये मरीज स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज कराने आए थे। परीक्षण के दौरान इनमें गलाघोंटू का पता चला था। उपचार के बाद दो मरीजों की सेहत में सुधार है, जबकि एक का इलाज चल रहा है।
टीकाकरण के लिए 938 विद्यालयों का लक्ष्य तय
गलाघोंटू से बचाव के लिए जिले के 938 विद्यालय के छात्रों के टीकाकरण का लक्ष्य तय किया गया है। 26 सितंबर से शुरू हुए अभियान के दौरान अब तक कक्षा एक के 1,595, कक्षा पांच के 2,425 व कक्षा 10 के 1,271 छात्रों को बूस्टर डोज लगाई जा चुकी है। टीकाकरण अभियान 27 व 30 सितंबर व एक, चार व सात अक्तूबर को चलाया जाएगा।
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इस आयु के बच्चे को लगाया जाता है टीका
डिप्थीरिया (गलाघोंटू) से बचाव के लिए आमतौर पर दो, चार, छह, व 15 से 18 माह की आयु व चार वर्ष की आयु तक के बच्चों को लगाया जाता है। जिनको सात वर्ष की आयु से पहले सभी टीके लग चुके हैं, उन्हें पहला बूस्टर डोज 11 या 12 वर्ष की आयु में लगाया जाता है। जबकि बूस्टर डोज 10 वर्ष के अंतराल पर दोहराने की सलाह दी जाती है। गलाघोंटू होने पर मरीज के गले में सूजन होती है इससे सांस लेने में परेशानी व दम घुटने लगता है।
जिले में मिले तीनों मरीजों की हालत ठीक है। सही समय पर जानकारी होने के कारण उचित इलाज शुरू किया गया था। अन्य बच्चों को इस बीमारी से बचाने के लिए स्कूलों में टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। किसी को घबराने की जरूरत नहीं है।
- डॉ. एपी सिंह, सीएमओ
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गलाघोंटू के मरीज सिरसिया क्षेत्र के ग्राम ताल बघौड़ा, इकौना क्षेत्र के ग्राम अकबरपुर व गिलौला क्षेत्र के ग्राम लक्ष्मननगर में चिह्नित किए गए हैं। ये मरीज स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज कराने आए थे। परीक्षण के दौरान इनमें गलाघोंटू का पता चला था। उपचार के बाद दो मरीजों की सेहत में सुधार है, जबकि एक का इलाज चल रहा है।
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टीकाकरण के लिए 938 विद्यालयों का लक्ष्य तय
गलाघोंटू से बचाव के लिए जिले के 938 विद्यालय के छात्रों के टीकाकरण का लक्ष्य तय किया गया है। 26 सितंबर से शुरू हुए अभियान के दौरान अब तक कक्षा एक के 1,595, कक्षा पांच के 2,425 व कक्षा 10 के 1,271 छात्रों को बूस्टर डोज लगाई जा चुकी है। टीकाकरण अभियान 27 व 30 सितंबर व एक, चार व सात अक्तूबर को चलाया जाएगा।
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इस आयु के बच्चे को लगाया जाता है टीका
डिप्थीरिया (गलाघोंटू) से बचाव के लिए आमतौर पर दो, चार, छह, व 15 से 18 माह की आयु व चार वर्ष की आयु तक के बच्चों को लगाया जाता है। जिनको सात वर्ष की आयु से पहले सभी टीके लग चुके हैं, उन्हें पहला बूस्टर डोज 11 या 12 वर्ष की आयु में लगाया जाता है। जबकि बूस्टर डोज 10 वर्ष के अंतराल पर दोहराने की सलाह दी जाती है। गलाघोंटू होने पर मरीज के गले में सूजन होती है इससे सांस लेने में परेशानी व दम घुटने लगता है।
जिले में मिले तीनों मरीजों की हालत ठीक है। सही समय पर जानकारी होने के कारण उचित इलाज शुरू किया गया था। अन्य बच्चों को इस बीमारी से बचाने के लिए स्कूलों में टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। किसी को घबराने की जरूरत नहीं है।
- डॉ. एपी सिंह, सीएमओ