नप गए तीन बाल परियोजना विकास अधिकारी
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बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के तीन बाल विकास परियोजना अधिकारियों की दिवाली इस बार काली हो गई है।
धनतेरस के दिन ही विभाग ने इन्हें निलंबित कर दिया। इनमें अमेठी, लखीमपुर खीरी व महराजगंज के बाल विकास परियोजना अधिकारी शामिल हैं।
अमेठी के सलोन में तैनात बाल विकास परियोजना अधिकारी अजीत कुमार पर आरोप है कि उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों से अवैध धन की वसूली की थी।
साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों की साड़ी खरीद में भी अनियमितता की शिकायतें थीं। इसी की प्रारंभिक जांच के बाद निदेशालय ने इन्हें निलंबित कर दिया गया।
वहीं लखीमपुर खीरी की रमिया बेहड़ इलाके की बाल विकास परियोजना अधिकारी जरीना बेगम को पोषाहार वितरण में अनियमितता के आरोप में निलंबित किया गया है। तीसरा मामला महराजगंज का है।
यहां की बाल विकास परियोजना अधिकारी ऊषा रानी जायसवाल पर आरोप है कि उन्होंने उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में रुचि नहीं दिखाई। उन पर उच्च अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना के भी आरोप हैं।
उन्होंने कहा कि जो भी कर्मचारी व अधिकारी गड़बड़ी करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग में पूरी तरह पारदर्शिता रखने का प्रयास किया जा रहा है। जो भी शिकायतें आ रही हैं, उनका परीक्षण कर कार्रवाई की जा रही है।