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मुख्तार अंसारी के करीबी गुर्गे शकील हैदर पर तीन और मुकदमे दर्ज
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लखनऊ। बांदा जेल में बंद बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के करीबी गुर्गे शकील हैदर के खिलाफ जालसाजी के तीन और मुकदमे वजीरगंज थाने में दर्ज किए गए हैं। पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि शकील ने उनके साथ धोखाधड़ी की। जो जमीन उनको बेची है, उस पर बैंक से लोन लिया था। बैंक ने रिकवरी नोटिस चस्पा कर दिया है। पीड़ितों ने डीजीपी कार्यालय व डीसीपी पश्चिम से शिकायत की थी। जांच के बाद केस दर्ज किया गया है।
प्रभारी निरीक्षक वजीरगंज राजकिशोर पांडेय के मुताबिक, माल निवासी रामगोपाल ने गढ़ीपीर खां निवासी आमिर से बरावनकला में 10.35 लाख रुपये में एक प्लॉट खरीदा था। रजिस्ट्री मई 2019 को हुई। आमिर ने दावा किया कि यह जमीन उसने शीशमहल निवासी शकील हैदर से ली थी। जमीन पर कब्जा मिलने के बाद रामगोपाल ने निर्माण कराया और वह गृह प्रवेश करने वाले थे। तभी उनको पता चला कि जमीन के सभी दस्तावेज बैंक में गिरवी हैं। रामगोपाल के मुताबिक, शकील हैदर ने हिंद बिल्डर्स के नाम से कंपनी बनाई थी। जिसके जरिये खसरा संख्या. 552 पर शकील हैदर 48 करोड़ रुपये का लोन यूनाइटेड बैंक से हासिल किया था। इसके बाद फर्जी दस्तावेजों के जरिये बेच भी दिया। इसकी जानकारी तब हुई जब बैंक ने रिकवरी नोटिस जारी किया। डीसीपी पश्चिम व डीजीपी कार्यालय में शिकायत के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया है।
शिक्षिका सहित दो महिलाओं से की ठगी
शकील हैदर के गिरोह ने हरदोई के भरावन खंड में प्रधानाध्यापिका के पद पर तैनात सुशीला व बालागंज की प्रियंका सिंह से भी ठगी की। सुशीला के मुताबिक, अक्तूबर 2019 में बरावनकला में प्लॉट खरीदा जिसकी रजिस्ट्री भी कराई। चार दीवारी बनवा ली। कुछ दिन पहले पड़ोसियों ने बताया कि उनकी दीवार पर बैंक के कर्मचारियों ने करोड़ों रुपये के लोन की रिकवरी नोटिस चस्पा कर दी है। वह पंजाब नेशनल बैंक (तब युनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया) की अमीनाबाद शाखा गईं। वहां पता चला कि उनकी जमीन पर करोड़ों रुपये का लोन शकील हैदर ने अपनी कंपनी के नाम ले रखा है। जिसकी किस्तें भी नहीं दे रहा था। सुशीला ने डीसीपी पश्चिम कार्यालय में तहरीर दी जिस पर मुकदमा दर्ज किया गया। इसी तरह बालागंज की प्रियंका सिंह ने भी बरावनकला में जमीन खरीदी थी। निर्माण के लिए बैंक से लोन भी करा लिया। कुछ दिन पहले पता चला कि मकान पर नोटिस चस्पा है। जबकि वह अपनी किस्तें भी अदा कर रही थीं। नोटिस पढ़ने के बाद वह अमीनाबाद पीएनबी गईं जहां पता चला कि शकील ने करोड़ों रुपये का लोन लिया है। उसका रिकवरी नोटिस है। पीड़ित ने शकील व उसके कंपनी के कर्मचारियों से संपर्क किया तो धमकी देने लगे।
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खरीदारों को धमका रहे शकील के गुर्गे
बरावनकला में प्लाटिंग कर जमीन बेचने वाले शकील हैदर के कई साथी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस से शिकायत के बाद से ही शकील के गुर्गे धमकी दे रहे हैं। पीड़ितों के मुताबिक, उन लोगों ने ठाकुरगंज थाने में तहरीर दी थी लेकिन केस दर्ज नहीं किया गया। अब वजीरगंज थाने में शकील हैदर, कल्लू, आमिर और रईस अहमद के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर के मुताबिक, शकील को अगस्त में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
बैंक के 107 करोड़ रुपये हड़पे
शकील हैदर ने अमीनाबाद के पंजाब नेशनल बैंक (पुराना यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया) की शाखा से लोन कराया। यह लोन हिंद कंस्ट्रक्शन प्रोडक्ट प्रा. लि. और हिंद बिल्डटेक कंपनी के नाम कराया गया। बैंक के अधिकारी के मुताबिक, हिंद कंस्ट्रक्शन प्रोडक्ट प्रा. लि. के नाम से 65 करोड़ का लोन कराया गया। यह लोन हासिल करने में शकील हैदर के अलावा हनी अब्बास, वारिस हसन और तनवीर अहमद शामिल थे। वहीं दूसरी कंपनी हिंद बिल्डटेक के नाम से 42 करोड़ का लोन शकील हैदर ने कराया था। इन दोनों कंपनियों के खाते में लोन की रकम पहुंचने के बाद शकील ने उसे खर्च कर दिया लेकिन किस्त की रकम देने में आनाकानी करने लगा। इसी बीच में यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया को पंजाब नेशनल बैंक में मर्ज कर दिया गया। इसके बाद जांच पीएनबी के अधिकारियों ने की। हालांकि शकील हैदर ने इसके पहले ही गिरवी रखी हुई जमीन को 70 से अधिक लोगों को रजिस्ट्री कर दिया था। इसके लिए उसने फर्जी दस्तावेज भी तैयार कराए थे।
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प्रभारी निरीक्षक वजीरगंज राजकिशोर पांडेय के मुताबिक, माल निवासी रामगोपाल ने गढ़ीपीर खां निवासी आमिर से बरावनकला में 10.35 लाख रुपये में एक प्लॉट खरीदा था। रजिस्ट्री मई 2019 को हुई। आमिर ने दावा किया कि यह जमीन उसने शीशमहल निवासी शकील हैदर से ली थी। जमीन पर कब्जा मिलने के बाद रामगोपाल ने निर्माण कराया और वह गृह प्रवेश करने वाले थे। तभी उनको पता चला कि जमीन के सभी दस्तावेज बैंक में गिरवी हैं। रामगोपाल के मुताबिक, शकील हैदर ने हिंद बिल्डर्स के नाम से कंपनी बनाई थी। जिसके जरिये खसरा संख्या. 552 पर शकील हैदर 48 करोड़ रुपये का लोन यूनाइटेड बैंक से हासिल किया था। इसके बाद फर्जी दस्तावेजों के जरिये बेच भी दिया। इसकी जानकारी तब हुई जब बैंक ने रिकवरी नोटिस जारी किया। डीसीपी पश्चिम व डीजीपी कार्यालय में शिकायत के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया है।
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शिक्षिका सहित दो महिलाओं से की ठगी
शकील हैदर के गिरोह ने हरदोई के भरावन खंड में प्रधानाध्यापिका के पद पर तैनात सुशीला व बालागंज की प्रियंका सिंह से भी ठगी की। सुशीला के मुताबिक, अक्तूबर 2019 में बरावनकला में प्लॉट खरीदा जिसकी रजिस्ट्री भी कराई। चार दीवारी बनवा ली। कुछ दिन पहले पड़ोसियों ने बताया कि उनकी दीवार पर बैंक के कर्मचारियों ने करोड़ों रुपये के लोन की रिकवरी नोटिस चस्पा कर दी है। वह पंजाब नेशनल बैंक (तब युनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया) की अमीनाबाद शाखा गईं। वहां पता चला कि उनकी जमीन पर करोड़ों रुपये का लोन शकील हैदर ने अपनी कंपनी के नाम ले रखा है। जिसकी किस्तें भी नहीं दे रहा था। सुशीला ने डीसीपी पश्चिम कार्यालय में तहरीर दी जिस पर मुकदमा दर्ज किया गया। इसी तरह बालागंज की प्रियंका सिंह ने भी बरावनकला में जमीन खरीदी थी। निर्माण के लिए बैंक से लोन भी करा लिया। कुछ दिन पहले पता चला कि मकान पर नोटिस चस्पा है। जबकि वह अपनी किस्तें भी अदा कर रही थीं। नोटिस पढ़ने के बाद वह अमीनाबाद पीएनबी गईं जहां पता चला कि शकील ने करोड़ों रुपये का लोन लिया है। उसका रिकवरी नोटिस है। पीड़ित ने शकील व उसके कंपनी के कर्मचारियों से संपर्क किया तो धमकी देने लगे।
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खरीदारों को धमका रहे शकील के गुर्गे
बरावनकला में प्लाटिंग कर जमीन बेचने वाले शकील हैदर के कई साथी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस से शिकायत के बाद से ही शकील के गुर्गे धमकी दे रहे हैं। पीड़ितों के मुताबिक, उन लोगों ने ठाकुरगंज थाने में तहरीर दी थी लेकिन केस दर्ज नहीं किया गया। अब वजीरगंज थाने में शकील हैदर, कल्लू, आमिर और रईस अहमद के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर के मुताबिक, शकील को अगस्त में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
बैंक के 107 करोड़ रुपये हड़पे
शकील हैदर ने अमीनाबाद के पंजाब नेशनल बैंक (पुराना यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया) की शाखा से लोन कराया। यह लोन हिंद कंस्ट्रक्शन प्रोडक्ट प्रा. लि. और हिंद बिल्डटेक कंपनी के नाम कराया गया। बैंक के अधिकारी के मुताबिक, हिंद कंस्ट्रक्शन प्रोडक्ट प्रा. लि. के नाम से 65 करोड़ का लोन कराया गया। यह लोन हासिल करने में शकील हैदर के अलावा हनी अब्बास, वारिस हसन और तनवीर अहमद शामिल थे। वहीं दूसरी कंपनी हिंद बिल्डटेक के नाम से 42 करोड़ का लोन शकील हैदर ने कराया था। इन दोनों कंपनियों के खाते में लोन की रकम पहुंचने के बाद शकील ने उसे खर्च कर दिया लेकिन किस्त की रकम देने में आनाकानी करने लगा। इसी बीच में यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया को पंजाब नेशनल बैंक में मर्ज कर दिया गया। इसके बाद जांच पीएनबी के अधिकारियों ने की। हालांकि शकील हैदर ने इसके पहले ही गिरवी रखी हुई जमीन को 70 से अधिक लोगों को रजिस्ट्री कर दिया था। इसके लिए उसने फर्जी दस्तावेज भी तैयार कराए थे।