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यूपी: तीन महीने बीतने पर भी नियमित मुख्य सचिव पर नहीं हुआ निर्णय, जल्द फैसले की संभावना

Sun, 01 Dec 2019 06:10 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 01 Dec 2019 06:10 PM IST
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Three months passed, decision on appointment of regular chief secretary is awaiting.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : अमर उजाला

प्रदेश सरकार तीन महीने बीतने के बावजूद नियमित मुख्य सचिव पर फैसला नहीं कर पाई है। इस बीच शनिवार को दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के सेवानिवृत्त हो जाने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद जल्द फैसले की संभावना बढ़ गई है।

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1984 बैच के आईएएस अधिकारी अनूप चंद्र पांडेय 31 अगस्त को मुख्य सचिव पद से रिटायर हुए थे। कृषि उत्पादन आयुक्त व अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा राजेंद्र कुमार तिवारी तभी से कार्यवाहक मुख्य सचिव के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। तीन महीने बीत गए, उन्हें नियमित जिम्मेदारी देने पर निर्णय नहीं हो सका। इससे अटकलें लगाई जा रही हैं कि सरकार उनके विकल्प का रास्ता बना रही है।
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इस चर्चा के बीच 1986 बैच के आईएएस अधिकारी आलोक टंडन को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनाती मिलने के बावजूद एक  वर्ष के लिए जाने से रोक दिया गया। वह भविष्य में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से डिबार न हों, इसलिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अपनी ओर से पत्र भी लिखा।
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इस कदम के बाद से नियमित मुख्य सचिव पर निर्णय की अटकलें तेज हैं और तिवारी के साथ टंडन का नाम इस पद की दौड़ में शामिल माना जाने लगा है। पिछले कुछ दिनों के भीतर 1984 बैच के आईएएस अधिकारी दुर्गाशंकर मिश्र भी राजधानी का ताबड़तोड़ दौरा कर रहे हैं। ऐसे में वह भी दावेदार माने जा रहे हैं।

यह प्रशासनिक अधिकारी हुए रिटायर

शनिवार को परिवहन निगम के चेयरमैन संजीव सरन, अपर मुख्य सचिव खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. अनीता भटनागर जैन और आयुक्त अयोध्या मंडल मनोज मिश्र लंबी प्रशासनिक सेवा पूरी कर रिटायर हो गए। सरन के रिटायर होने से एक वरिष्ठ अफसर की तैनाती के लिए सम्मानजनक पोस्ट खाली हो गई है।

सरकार ने यदि आलोक को मुख्य सचिव बनाने का फैसला किया तो सचिवालय में उनसे वरिष्ठ तैनात दो अफसरों में से एक को परिवहन निगम के चेयरमैन के पद पर भेजा जा सकेगा। दूसरे के लिए समाज कल्याण आयुक्त सहित कई अन्य पदों का विकल्प बताया जा रहा है।

मुख्यमंत्री विभिन्न विषयों पर प्रधानमंत्री व गृहमंत्री का मार्गदर्शन लेने की बात सार्वजनिक तौर पर करते रहे हैं। ऐसे में शनिवार को प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि सीएम के लौटने के बाद नए मुख्य सचिव पर निर्णय हो सकता है।

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