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बालगृह में हीटर से जली बच्ची, तीन दिन तक दबाए रखी घटना

Tue, 10 Jan 2017 12:25 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Tue, 10 Jan 2017 12:25 PM IST
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three months baby burn with heater in lucknow orphanage
डेमो - फोटो : demo pic

प्राग नारायण रोड स्थित राजकीय बाल गृह (शिशु) की दत्तक ग्रहण इकाई में लगे हीटर की वजह से तीन महीने की एक बच्ची जल गई है। यहां के प्रभारी और स्टाफ ने घटना को तीन दिन तक छिपाए रखा।

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सूत्रों के अनुसार एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन्स जज पल्लवी अग्रवाल की विजिट में यह घटना उनके सामने आई। उन्होंने यहां के प्रभारी व स्टाफ को कड़ी फटकार लगाते हुए बच्ची का इलाज कराने का निर्देश दिया है।
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बच्ची का विभागीय डॉक्टर से ही इलाज कराया जा रहा है। यह घटना पांच जनवरी रात की बताई जा रही है। यहां नवजात और छोटे बच्चों के सोने की जगह को गर्म रखने के लिए हीटर लगाया जाता है।
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एक महिला स्टाफ की लापरवाही की वजह से जिस जगह यह तीन महीने की बच्ची सुलाई गई थी, पास ही में स्टूल पर हीटर लगा रखा था। किसी वजह से वह हीटर बच्ची पर गिर गया।

बच्ची की चीख सुनकर स्टाफ सदस्य ने आकर हीटर हटाया। इस घटना को संस्थान के प्रभारी हरीश श्रीवास्तव ने छिपाए रखा और बच्ची को अस्पताल ले जाने के बजाय स्टाफ के जरिए एंटी सेप्टिक क्रीम लगाते रहे। 

कम नहीं है स्टाफ के जुल्मों के किस्से

three months baby burn with heater in lucknow orphanage
डेमो
सात जनवरी को निरीक्षण के दौरान एडीजे पल्ली अग्र्रवाल के सामने यह घटना आई तो उन्होंने प्रभारी व स्टाफ को लापरवाही के कड़ी फटकार लगाई है। पीड़ित बच्ची के शरीर पर छाले और फफोले हैं, जिससे घटना की गंभीरता का पता चलता है। विभागीय डॉक्टर से बच्ची का इलाज कराया जा रहा है। 

प्राग नारायण रोड स्थिति इसी राजकीय बाल गृह से 13 दिसंबर को दो मासूम बच्चे भाग निकले थे। बाद में महानगर पुलिस को वे लावारिस मिले थे। यहां उन्हाेंने कहा कि था कि ‘हम बच्चों से सारा काम कराया जाता है।

सर्दी में रात को बर्तन मंजवाए जाते हैं और कोई गलती कर दें तो दीदी लोग मारती हैं। हमें वहां वापस मत भेजिए..।’ वे बाल गृह नहीं जाना चाहते थे क्योंकि यहां के स्टाफ ने उन्हें प्रताड़ित कर रखा था।

इसी तरह का एक मामला 2015 में सामने आया, जहां से भागे बच्चे ने बाल गृह में उत्पीड़न की बात कही थी। जब उसे पकड़कर वापस बाल गृह भेजा गया तो वह फिर भाग निकला और बताया कि पिछली बार जब उसे पकड़ा गया तो यहां के प्रभारी व स्टाफ ने भागने के लिए उसकी पिटाई की थी।
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