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रायबरेलीः जाली नोट छापने वाले रैकेट का खुलासा, डेढ़ साल में छापे 30 लाख नोट, गिरफ्तार
Mon, 04 Nov 2019 03:59 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, रायबरेली
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, रायबरेली
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 04 Nov 2019 03:59 PM IST
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जाली नोट प्रकरण में पकड़े गए आरोपियों के साथ एएसपी शशिशेखर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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रायबरेली के महराजगंज कोतवाली पुलिस ने जाली नोट छापने वाले रैकेट का खुलासा करते हुए रविवार को तीन आरोपियों को जेल भेज दिया। इनके पास से एक लाख नौ हजार रुपये के जाली नोट के अलावा स्कैनर, प्रिंटर समेत अन्य सामान बरामद किया गया है। पुलिस की मानें तो पकड़े गए आरोपियों ने डेढ़ साल में करीब 30 लाख जाली नोट छापे।
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मुख्य आरोपी किराए का कमरा लेकर यह कारोबार कर रहा था। उसके साथ एक किन्नर भी रहता था। जो फरार है। पुलिस किन्नर की तलाश कर रही है। पुलिस कार्यालय में अपर पुलिस अधीक्षक शशिशेखर सिंह ने बताया कि महराजगंज क्षेत्र के रानी का पुरवा गांव स्थित मुन्नी देवी के मकान में जाली नोट छापने का कार्य चल रहा था।
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सूचना पर शनिवार को सीओ महराजगंज विनीत सिंह, कोतवाल लालचंद्र सरोज ने छापा मारा तो जाली नोट छापने के कारोबार की हकीकत सामने आ गई। एएसपी ने बताया कि इस मामले में अमेठी जिले के फुरसतगंज थाना क्षेत्र के पडऱई मजरे मकदूमपुर गांव निवासी रामकृपाल, लखनऊ जिले के बंथरा थाना क्षेत्र के बंथरा कस्बा निवासी अनुराग सिंह चौहान और मिल एरिया थाना क्षेत्र के पूरे दूलम मजरे अमावां निवासी रियाज अहमद को गिरफ्तार किया गया है।
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रामकृपाल इस रैकेट का मुख्य आरोपी है। लखनऊ जिले के पारा में किन्नर का मकान है, लेकिन इस समय वह मुख्य आरोपी संग रह रहा था।