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Lucknow News: नेपाल से कोटा में कोचिंग के छात्र-छात्राओं को सप्लाई हो रही चरस की खेप, तीन गिरफ्तार
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लखनऊ। एसटीएफ ने बृहस्पतिवार को चरस तस्कर गिरोह का राजफाश कर तीन तस्करों को गिरफ्तार किया। तस्करों के पास से 20 किलो चरस बरामद हुई। चरस की खेप की सप्लाई राजस्थान के कोटा जिले में होनी थी, जहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं तक पहुंचाया जाना था। इन छात्र-छात्राओं को नशे का लती बनाया जा रहा है। बरामद चरस की कीमत करीब एक करोड़ रुपये है।
एसटीएफ सीओ डीके शाही की टीम को मादक पदार्थ की तस्करी होने के संबंध में इनपुट मिला था। इसके आधार पर टीम ने सुबह कृष्णानगर इलाके में दो कारों को रोका। इनमें सवार तीन लोगों को पकड़कर पूछताछ शुरू की।
इसमें शाहजहांपुर का मो. आफताब खान, हरदोई का सलमान खान व राजस्थान कोटा का अनिल कुमार शुक्ला शामिल था। अनिल की कार से बीस किलो चरस बरामद हुई। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि आफताब व सलमान नेपाल से चरस की खेप लाए थे।
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लखनऊ में अनिल को देनी थी। अब अनिल इसे लेकर कोटा रवाना होने वाला था। अनिल ने बताया कि कोटा कोचिंग मंडी में चरस समेत कई मादक पदार्थों की बड़े पैमाने पर खपत है। उसका गिरोह वहां पर सक्रिय है। जो सीधे कोचिंग के छात्र-छात्राओं के संपर्क रहते हैं। वह उनको मादक पदार्थ उपलब्ध करवाते हैं। इससे मोटी रकम कमाते हैं।
व्हाट्सएप पर मांग, चंद मिनट में डिलीवरी
एसटीएफ के मुताबिक, कोटा में गिराेह के गुर्गों ने तमाम व्हाट्सएप ग्रुप बना रखे हैं। इसमें कोचिंग के छात्र-छात्राएं जुड़े हुए हैं। छात्र-छात्राएं ग्रुप पर मादक पदार्थ की मांग करते हैं। तय रकम ऑनलाइन ट्रांसफर करते हैं। पैसे देने के कुछ ही मिनटों बाद गिरोह के सदस्य उन तक मादक पदार्थ पहुंचा देते हैं। यही नहीं मुख्य तस्कर नेपाल के बड़े तस्करों के सीधे संपर्क में हैं। अधिकतर वह पब्लिक ट्रांसपोर्ट से मादक पदार्थ लेकर जाते हैं। इससे किसी एजेंसी को शक नहीं होता। इस बार वह कार से ले जा रहे थे। धर लिए गए।
रकम का लेनदेन ऑनलाइन
एसटीएफ के मुताबिक, अनिल अपने साथियों आफताब व सलमान को ऑनलाइन पेमेंट करता है। ये दोनों अपने हिस्से का पैसा लेने के बाद बची रकम नेपाल के तस्करों को भेज देते थे। एसटीएफ ने ट्रांजेक्शन का विवरण भी जुटाया है।
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एसटीएफ सीओ डीके शाही की टीम को मादक पदार्थ की तस्करी होने के संबंध में इनपुट मिला था। इसके आधार पर टीम ने सुबह कृष्णानगर इलाके में दो कारों को रोका। इनमें सवार तीन लोगों को पकड़कर पूछताछ शुरू की।
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इसमें शाहजहांपुर का मो. आफताब खान, हरदोई का सलमान खान व राजस्थान कोटा का अनिल कुमार शुक्ला शामिल था। अनिल की कार से बीस किलो चरस बरामद हुई। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि आफताब व सलमान नेपाल से चरस की खेप लाए थे।
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लखनऊ में अनिल को देनी थी। अब अनिल इसे लेकर कोटा रवाना होने वाला था। अनिल ने बताया कि कोटा कोचिंग मंडी में चरस समेत कई मादक पदार्थों की बड़े पैमाने पर खपत है। उसका गिरोह वहां पर सक्रिय है। जो सीधे कोचिंग के छात्र-छात्राओं के संपर्क रहते हैं। वह उनको मादक पदार्थ उपलब्ध करवाते हैं। इससे मोटी रकम कमाते हैं।
व्हाट्सएप पर मांग, चंद मिनट में डिलीवरी
एसटीएफ के मुताबिक, कोटा में गिराेह के गुर्गों ने तमाम व्हाट्सएप ग्रुप बना रखे हैं। इसमें कोचिंग के छात्र-छात्राएं जुड़े हुए हैं। छात्र-छात्राएं ग्रुप पर मादक पदार्थ की मांग करते हैं। तय रकम ऑनलाइन ट्रांसफर करते हैं। पैसे देने के कुछ ही मिनटों बाद गिरोह के सदस्य उन तक मादक पदार्थ पहुंचा देते हैं। यही नहीं मुख्य तस्कर नेपाल के बड़े तस्करों के सीधे संपर्क में हैं। अधिकतर वह पब्लिक ट्रांसपोर्ट से मादक पदार्थ लेकर जाते हैं। इससे किसी एजेंसी को शक नहीं होता। इस बार वह कार से ले जा रहे थे। धर लिए गए।
रकम का लेनदेन ऑनलाइन
एसटीएफ के मुताबिक, अनिल अपने साथियों आफताब व सलमान को ऑनलाइन पेमेंट करता है। ये दोनों अपने हिस्से का पैसा लेने के बाद बची रकम नेपाल के तस्करों को भेज देते थे। एसटीएफ ने ट्रांजेक्शन का विवरण भी जुटाया है।