लखनऊ में डेंगू का कहर जारी, महिला समेत तीन की मौत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डेंगू का कहर जारी है। शनिवार को डेंगू से एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 38 नए मरीजों में वायरस की पुष्टि हुई।
वहीं, मरीजों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए बलरामपुर अस्पताल में पांच बेड बढ़ाए गए हैं। इसके बाद भी मरीजों की भर्ती चुनौती साबित हो रही है। वहीं, ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स के लिए मारामारी है।
उधर, मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने शहर की नौ सीएचसी में 45, लोकबंधु में दस, आरएलबी में आठ और साढ़ामऊ में आठ बेड डेंगू मरीजों के लिए आरक्षित किए थे। हकीकत में यहां दिखावे के लिए डेंगू का इलाज हो रहा है। इसी वजह से सिविल, बलरामपुर व लोहिया में भीड़ बढ़ रही है।
हुसैनगंज, रिसाल दार-पार्क निवासी सुमनलता यादव (47) को डेंगू की शिकायत पर तीन दिन पहले सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिवारीजनों ने बताया कि कार्ड टेस्ट में डेंगू की पुष्टि हुई थी। बृहस्पतिवार रात हालत बिगड़ने पर उन्हें ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया था। शुक्रवार देर रात सुमनलता ने दम तोड़ दिया।
डॉक्टरों की लापरवाही ने ले ली जान
बुद्धेश्वर निवासी हरीश के बेटे अनिरुद्ध (31) को कई दिन से तेज बुखार था। भाई अजीत ने बताया कि सात दिन पहले राजाजीपुरम के आरएलबी अस्पताल गए तो डॉक्टरों ने दवाई देकर चलता कर दिया।
दो दिन बाद अनिरुद्ध की हालत फिर बिगड़ी तो निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां डॉक्टरों ने डेंगू बताया। दो दिन बाद हालत फिर बिगड़ी तो निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां डॉक्टरों ने डेंगू बताया। शनिवार सुबह चार बजे डॉक्टरों ने केजीएमयू ले जाने की सलाह दी। इस बीच भाई की मौत हो गई।
इसी तरह मोहनलालगंज के जहूर मोहम्मद के बेटे नाजिम (28) की भी दोपहर में डेंगू से मौत हो गई। परिवारीजनों ने बताया कि नाजिम अलीगंज के निजी अस्पताल में भर्ती था।
वहीं, सिविल, बलरामपुर और लोहिया अस्पताल में 38 मरीजों में वायरस की पुष्टि हुई है। बलरामपुर के सीएमएस डॉ. राजीव लोचन ने बताया कि नौ नंबर वार्ड में पांच बेड बढ़ाए गए जिसके बाद 21 बेड पर इलाज की सुविधा मिलेगी।