{"_id":"68265112e4e3196d8b0c7974","slug":"three-day-urs-begins-with-milads-mehfil-lucknow-news-c-13-1-lko1029-1206055-2025-05-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: मीलाद की महफिल से तीन दिवसीय उर्स का आगाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: मीलाद की महफिल से तीन दिवसीय उर्स का आगाज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। हजरत बशीरउल्लाह शाह इनायती का तीन दिवसीय सालाना उर्स बृहस्पतिवार से शुरू हुआ। अकीदतमंदों ने दरगाह पर हाजिरी देकर कुरान की तिलावत की। मीलाद की महफिल में उलमा ने औलिया इकराम की जिंदगी और शिक्षाओं पर रोशनी डाली।
माल एवेन्यू इस्लामिया कब्रिस्तान स्थित हजरत बशीरउल्लाह शाह इनायती के उर्स के पहले दिन दरगाह पर सुबह कुरानख्वानी की नूरानी महफिल सजी। इशा की नमाज के बाद दरगाह के सज्जादानशीन जमील अहमद बशीरी की अध्यक्षता में मीलाद हुआ। इसमें कारी जुबैर अहमद सबाहती ने औलिया इकराम की जिंदगी पर रोशनी डाली।
कहा कि औलिया इकराम ने पूरी जिंदगी रसूल अल्लाह के बताए रास्ते पर चलते हुए गुजारी। औलिया इकराम की बारगाह और उनकी शिक्षाओं से परेशानियों से निजात मिलती है। कारी मोहम्मद अनवर, कारी मोहम्मद जरीफ ने कलाम पेश किए। दरगाह के सज्जादानशीन जमील अहमद ने बताया कि शुक्रवार को शाम 7.30 बजे दरगाह पर हल्क-ए-जिक्र और सलाम होगा। इसके बाद दादा मियां और हजरत ख्वाजा बशीरउल्लाह की दरगाह पर चादर पेश होगी। रात में महफिले समां का आयोजन होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
माल एवेन्यू इस्लामिया कब्रिस्तान स्थित हजरत बशीरउल्लाह शाह इनायती के उर्स के पहले दिन दरगाह पर सुबह कुरानख्वानी की नूरानी महफिल सजी। इशा की नमाज के बाद दरगाह के सज्जादानशीन जमील अहमद बशीरी की अध्यक्षता में मीलाद हुआ। इसमें कारी जुबैर अहमद सबाहती ने औलिया इकराम की जिंदगी पर रोशनी डाली।
विज्ञापन
कहा कि औलिया इकराम ने पूरी जिंदगी रसूल अल्लाह के बताए रास्ते पर चलते हुए गुजारी। औलिया इकराम की बारगाह और उनकी शिक्षाओं से परेशानियों से निजात मिलती है। कारी मोहम्मद अनवर, कारी मोहम्मद जरीफ ने कलाम पेश किए। दरगाह के सज्जादानशीन जमील अहमद ने बताया कि शुक्रवार को शाम 7.30 बजे दरगाह पर हल्क-ए-जिक्र और सलाम होगा। इसके बाद दादा मियां और हजरत ख्वाजा बशीरउल्लाह की दरगाह पर चादर पेश होगी। रात में महफिले समां का आयोजन होगा।
विज्ञापन