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मिशन शक्ति के पहले चरण में तीन करोड़ लोगों को किया जागरूक
Mon, 26 Oct 2020 09:08 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 26 Oct 2020 09:08 PM IST
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मिशन शक्ति के तहत कार्यशाला का आयोजन (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिए सरकार की ओर से शुरू ‘मिशन शक्ति’ का पहला चरण सोमवार को समाप्त हो गया। इस दौरान महिला कल्याण व बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग ने 9.1 लाख कार्यक्रमों का आयोजन कर 2.96 करोड़ लोगों को जागरूक किया।
निदेशक महिला कल्याण मनोज राय ने बताया कि महिला कल्याण तथा बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग ने मुख्यालय स्तर से सभी जिलों को महिलाओं व बच्यों के प्रति हिंसा से रोकथाम संबंधी कानूनों सहित कल्याणकारी योजनाओं का ऑडियो एवं वीडियो संदेश व मूवी भेजी गई है। अभियान के अगले चरण के कार्यक्रमों के लिए भी थीम का निर्धारण कर दिया गया है।
अगले चरण में इस तरह होंगे कार्यक्रम
14 से 20 नवंबर तक ‘बाल व महिला अधिकार तथा मानसिक स्वास्थ्य व मनोसामाजिक परामर्श’, 10 से 10 दिसंबर तक ‘महिलाओं व बच्चों की तस्करी तथा बलपूर्वक भिक्षावृत्ति, बाल-श्रम’ की थीम पर कार्यक्रम होंगे। 24 से 30 जनवरी तक ‘कन्या भ्रूण हत्या’, 14 से 20 फरवरी तक ‘यौन अपराध, किशोरावस्था में किशोर-किशोरियों को समर्थन’, 8 से 15 मार्च तक ‘घरेलू हिंसा तथा सुरक्षित यात्रा’ और अंतिम चरण 13 से 22 अप्रैल तक की थीम ‘बाल विवाह’ पर कार्यक्रम होंगे।
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निदेशक महिला कल्याण मनोज राय ने बताया कि महिला कल्याण तथा बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग ने मुख्यालय स्तर से सभी जिलों को महिलाओं व बच्यों के प्रति हिंसा से रोकथाम संबंधी कानूनों सहित कल्याणकारी योजनाओं का ऑडियो एवं वीडियो संदेश व मूवी भेजी गई है। अभियान के अगले चरण के कार्यक्रमों के लिए भी थीम का निर्धारण कर दिया गया है।
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अगले चरण में इस तरह होंगे कार्यक्रम
14 से 20 नवंबर तक ‘बाल व महिला अधिकार तथा मानसिक स्वास्थ्य व मनोसामाजिक परामर्श’, 10 से 10 दिसंबर तक ‘महिलाओं व बच्चों की तस्करी तथा बलपूर्वक भिक्षावृत्ति, बाल-श्रम’ की थीम पर कार्यक्रम होंगे। 24 से 30 जनवरी तक ‘कन्या भ्रूण हत्या’, 14 से 20 फरवरी तक ‘यौन अपराध, किशोरावस्था में किशोर-किशोरियों को समर्थन’, 8 से 15 मार्च तक ‘घरेलू हिंसा तथा सुरक्षित यात्रा’ और अंतिम चरण 13 से 22 अप्रैल तक की थीम ‘बाल विवाह’ पर कार्यक्रम होंगे।
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