अमेठी हत्याकांड पर डीजीपी बोले, राजनीतिक रंजिश में हुई वारदात, फरार आरोपियों को जल्द पकड़ेंगे
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अमेठी में भाजपा सांसद स्मृति ईरानी के करीबी और बरौलिया गांव के पूर्व प्रधान सुरेंद्र प्रताप सिंह हत्याकांड पर यूपी के डीजीपी ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि दो अभी भी फरार हैं जो कि जल्द ही हमारी गिरफ्त में होंगे। डीजीपी ने कहा कि यह पूरी तरह स्पष्ट है कि मृतक व आरोपियों के बीच राजनीतिक रंजिश थी। इसीलिए घटना को अंजाम दिया गया।
गिरफ्तार आरोपी नसीम (झोलाछाप डॉक्टर), धर्मनाथ गुप्ता (पूर्व प्रत्याशी ग्राम प्रधान बरौलिया) और रामचंद्र (वर्तमान में बीडीसी) हैं। वारदात में आरोपी वसीम और गोलू की गिरफ्तारी के लिए 10 लोगों को हिरासत में लेकर दबिश दी जा रही है।OP Singh, UP DGP on ex-village head of Amethi who was shot dead: We have arrested three murder suspects. Two suspects are still absconding&we will nab them soon. On the basis of all evidence it is very clear that the 5 murder suspects&the victim had local level political rivalry. pic.twitter.com/ieq7vqyCPP
— ANI UP (@ANINewsUP) May 27, 2019विज्ञापन
गौरतलब है कि सुरेंद्र प्रताप सिंह की शनिवार रात पांच बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। सूचना मिलते ही रविवार को स्मृति बरौलिया पहुंचीं, परिवार को सांत्वना दी और सुरेंद्र की अर्थी को कंधा दिया। सुरेंद्र के बड़े भाई ने पांच आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया है।
सुरेंद्र के बेटे अभय और पत्नी रुक्मणी सिंह का आरोप है कि हत्या के पीछे सियासी रंजिश है। अभय ने बताया कि स्मृति की जीत के बाद क्षेत्र में विजय यात्रा निकाली गई थी। लगता है कि कांग्रेस समर्थकों ने इसी कारण हत्या को अंजाम दिया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने डीजीपी ओम प्रकाश सिंह को वारदात का खुलासा करने के निर्देश दिए थे।
सुरेंद्र बरौलिया गांव के बाहर कमालपुर में रहते थे। शनिवार रात वह एक शादी समारोह में गए थे। रात करीब 11 बजे लौटे और बरामदे में सोए हुए थे। इसी बीच दो बाइक से पहुंचे पांच बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोलियों की तड़तडाहट सुनकर परिवार के लोग बाहर निकले तो सुरेंद्र खून से लथपथ मिले। परिजन उन्हें पहले पीएचसी जायस फिर जिला अस्पताल रायबरेली ले गए। वहां से उन्हें ट्रॉमा सेंटर लखनऊ ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सिर में लगी गोली को बताया गया है।
13 दिन तक कार्यक्रमों से दूर रहेगी भाजपा
भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गेश त्रिपाठी ने पूर्व प्रधान सुरेंद्र की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। दुर्गेश ने कहा कि सुरेंद्र के निधन से पार्टी ने एक ऊर्जावान व जुझारू कार्यकर्ता खो दिया है। जिलाध्यक्ष ने सुरेंद्र की तेरहवीं तक पार्टी के सभी कार्यक्रम व उत्सव को स्थगित करने की बात कही है।
कहा कि अमेठी सांसद स्मृति ने परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि वे सुरेंद्र के परिवार के साथ एक बहन की तरह खड़ी हैं और उनकी हत्या में लिप्त आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की कोशिश की जाएगी।
दो फीट की दूरी से मारी गोली
सुरेंद्र सिंह का पोस्टमार्टम रविवार को सुबह 11 बजे केजीएमयू स्थित मर्च्यूरी में किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक हत्यारों ने सुरेंद्र को करीब दो फीट की दूरी से गोली मारी। एक गोली उनके बाएं भौं पर लगी थी जो सिर के पिछले हिस्से में अटक गई। पोस्टमार्टम में डॉक्टरों को गोली सिर के पिछले हिस्से में मिली। सिर के अलावा शरीर के किसी भी हिस्से में गोली नहीं लगी है। चिकित्सकों के मुताबिक सुरेंद्र की मौत गोली लगने के बाद अधिक रक्तस्राव के कारण हुई।
प्रधानी चुनाव की रंजिश थी गांव में
पूर्व प्रधान की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को लेकर गांव के दो लोगों से नहीं बनती थी। इनमें गांव का धर्मनाथ गुप्ता व 2015 में बीडीसी चुना गया रामचंद्र पासी प्रमुख था। धर्मनाथ गुप्ता जहां अपने भाई के माध्यम से गांव के प्रधान पद पर काबिज होना चाहता था वहीं रामचंद्र भी आगामी चुनाव में ग्राम प्रधान बनने का सपना देख रहा था। बताते हैं कि स्मृति की जीत पर शुक्रवार को सुरेंद्र ने गांव में बड़ा आयोजन किया था। इस जश्न के दौरान भी उनकी बीडीसी से झड़प हो गई थी।
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