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लखनऊ : फर्जीवाड़ा कर बैंकों से करोड़ों रुपये हड़पने वाले गिरोह का पर्दाफाश
Fri, 01 Oct 2021 08:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 01 Oct 2021 08:21 AM IST
सार
उन्होंने कहा कि वह अस्पताल में हैं। उसके कुछ कर्मचारी भर्ती हैं। तत्काल रुपयों की जरूरत है। खाते की चेकबुक समाप्त हो गई है। अगर बैंक ने उनकी मदद नहीं की तो वह उच्चाधिकारियों से इसकी शिकायत करेंगे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
फर्जी दस्तावेज व नेट बैंकिंग के जरिये खातों से करोड़ों रुपये उड़ाने वाले गिरोह का खुलासा एसटीएफ व गाजीपुर पुलिस की टीम ने किया है। इस मामले में पुलिस ने गाजियाबाद से सरगना समेत तीन ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एसबीआई की इस्माइलगंज शाखा से फर्जीवाड़ा कर 33 लाख 20 हजार रुपये हड़पे थे।
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एसटीएफ के अधिकारी के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों में जीडीए फ्लैट टीलागांव गाजियाबाद से अलीगढ़ के मो. शरीफ, गाजियाबाद के सुमित चौहान और हरियाणा के अंकुश गांधी शामिल हैं। गाजीपुर थाने में एसबीआई के इस्माइलगंज शाखा की मुख्य प्रबंधक स्वाति अग्रवाल ने मुकदमा दर्ज कराया था। पांच जुलाई 2021 को स्वाति के पास बैंक के पूर्व प्रबंधक ने फोन किया। कहा कि निवान बालाजी ऑटो मूवर्स प्रा. लि. का शाखा में चालू खाता है जिसके प्रबंधक नवनीत पांडेय हैं। बैंक से संबंधित कुछ काम के लिए कॉल करेंगे। इसके बाद कुछ ही देर बाद स्वाति के पास एक नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को नवनीत पांडेय बताया।
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ट्रू कालर पर भी नाम नवनीत पांडेय डायरेक्टर किया मोटर्स दिखा रहा था। उन्होंने कहा कि वह अस्पताल में हैं। उसके कुछ कर्मचारी भर्ती हैं। तत्काल रुपयों की जरूरत है। खाते की चेकबुक समाप्त हो गई है। अगर बैंक ने उनकी मदद नहीं की तो वह उच्चाधिकारियों से इसकी शिकायत करेंगे। थोड़ी देर बाद कॉल करने वाले ने दो पत्र वाट्सएप पर भेजे। जो बालाजी ऑटो मूवर्स के लेटर हेड पर थे। यही नहीं लेटर हेड पर निवान बालाजी ऑटो मूवर्स के रबर स्टांप और नवनीत पांडेय के हस्ताक्षर थे। पत्र में चार कर्मचारियों के खातों को एड कर उनमें पांच लाख 70 हजार 419, आठ लाख 93 हजार, चार लाख 80 हजार, सात लाख 50 हजार 427 और छह लाख 26 हजार 590 रुपये आरटीजीएस करने के लिए कहा गया था। कॉल करने वाले के झांसे में आई स्वाति ने कुल 33,20,436 रुपये ट्रांसफर कर दिए। खाते से रुपये कटने का मेसेज आने पर बालाजी ऑटो मूवर्स ने बैंक से संपर्क किया जिसके बाद फर्जीवाड़े की जानकारी हुई।
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कोरोना में नौकरी गई तो शुरू कर दी ठगी
मुकदमा दर्ज होने के बाद इस मामले की पड़ताल गाजीपुर पुलिस के अलावा एसटीएफ ने भी शुरू की। एसटीएफ के मुताबिक मो. शरीफ सिटी बैंक के ऑफिस कनाट प्लेस में चेक रिशेप्सनिस्ट का काम करता था। इस दौरान उसे बैंकिंग की पूरी जानकारी हो गई थी। कोरोना काल में नौकरी छूटने के बाद अपने साथी सुमित और प्रदीप के साथ मिलकर जालसाजी कर रुपये कमाने लगे। इसके बाद तीनों ने जाली कागजों के जरिये विभिन्न बैंकों में गलत नाम, पते पर ऑनलाइन वीडियो केवाइसी वाले खाते खोले। इसके बाद बड़ी कंपनियों के बैंक खातों का डाटा हासिल कर उनके खाते से रुपये ट्रांसफर कराने लगे। आरोपितों ने अलग-अलग लोगों के नाम से सिम कार्ड भी लिया था। जाली लेटर हेड के जरिये आरोपियों ने पांच बैंकों से रुपये स्थानांतरित कराए थे। आरोपियों के बयान के आधार एसटीएफ खाता सीज करने का पत्र भी जारी करने जा रही है।