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Lucknow News: एआई का गलत इस्तेमाल करने वाले हों दंडित

Thu, 29 Jan 2026 02:36 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 29 Jan 2026 02:36 AM IST
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Those who misuse AI should be punished
लखनऊ। एकेटीयू में बुधवार को एआई मंथन के समापन सत्र में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि एआई का जितना सकारात्मक इस्तेमाल है, उतना ही इसका दुरुपयोग हो रहा है। ऐसी कई घटनाएं सामने आईं, जिनमें एआई से समाज में विकृति फैलाई गई। बच्चों को एआई के सही इस्तेमाल के लिए प्रेरित करें। एआई का गलत इस्तेमाल करने वालों को दंड मिलना जरूरी है। एकेटीयू में विश्वविद्यालय और छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने सुझाव दिया कि किसी भी किताब का अनुवाद कई लोग मिलकर व एआई की मदद से कर सकते हैं। कार्यशाला के अनुभवों को शिक्षकों से साझा कर उन्हें जिम्मेदारी दीजिए। राज्यपाल ने कहा कि इसमें शोध छात्रों को भी जोड़ें। गरीब और संसाधनहीन बच्चों को एआई का इस्तेमाल करके शिक्षा से जोड़ने का प्रयास करना पड़ेगा।
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डिपार्टमेंट ऑफ कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग आईआईटी कानपुर के प्रो. अर्नब भट्टाचार्या ने कहा कि एआई के मामले में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की जरूरत है। कार्यक्रम में चयनित स्टार्टअप को राज्यपाल ने सम्मानित किया। कार्यक्रम में आईआईटी कानपुर के डॉ. नितिन सक्सेना, इग्नू दूरस्थ शिक्षा के निदेशक डॉ. रमेश शर्मा, प्रो. विनय पाठक, प्रो. शशि भूषण पांडेय, प्रो. केपी सिंह, प्रो. जेपी पांडेय, प्रो. जेपी सैनी आदि थे।
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एआई वायरस टेस्टिंग एप जल्द

जेनेरेटिव एआई विथ कम्प्यूटर विजन, लैंग्वेज मॉडल एंड मल्टीमॉडल लर्निंग ’बायोमेडिकल फील्ड’ पर एमिटी यूनिवर्सिटी के प्रति कुलपति प्रो. एमके दत्ता ने कहा कि एआई की असीमित शक्तियां हैं। सर्वाइकल कैंसर की जांच में यह अहम भूमिका निभा रहा है। इससे न केवल खतरे का जल्दी पता चल रहा है, बल्कि इलाज में भी आसानी हो रही है। ब्रेस्ट कैंसर की पहचान और पूर्वानुमान की जानकारी एआई से संभव है। उन्होंने बताया कि हम एआई वायरस टेस्टिंग एप बना रहे हैं, जो विभिन्न जांचें करने में सक्षम होगा।
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फोटो जेड में शुभम राय के नाम से पड़ी है-----



एआई ओपीडी बताएगी बीमारी व दवा की डोज भी

एकेटीयू के इनोवेशन हब में इनक्यूबेट हो रहे स्टार्टअप ''''एआई एसिस्ट ओपीडी'''' मरीजों के लिए भी बहुत उपयोगी होगी। शुभम राय और पवन राजू के स्टार्टअप में एआई ओपीडी मैनेजमेंट सिस्टम का मरीज पर परीक्षण करके दिखाया गया। शुभम राय ने कहा, ओपीडी में मरीजों की संख्या काफी ज्यादा होती है। डॉक्टर सभी को बराबर समय नहीं दे पाते हैं। एआई ओपीडी मरीज की जानकारी के आधार पर डॉक्टर को सलाह देगी कि क्या-क्या टेस्ट कराने चाहिए। यह मरीज के वजन व उम्र और पहले ली दवाइयों के आधार पर डोज की भी सलाह देगा। यह एआई मॉड्यूल माइक्रोस्केप की इमेज देखकर बता देगा कि मरीज को कैंसर है या नहीं, किस स्टेज का है और क्या करना चाहिए। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के डॉ. प्रद्युम्न सिंह के साथ मिलकर यह शोध चल रहा है। शुभम ने बताया कि वे ट्यूमर की पहचान पर शोध कर रहे हैं।
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