फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Those between 14 and 18 years of age can work for only six hours.

UP: 14 से 18 वर्ष की उम्र वालों से छह घंटे ही ले सकते हैं काम... विज्ञापन, टीवी सीरियल में ही कर सकते हैं काम

Sat, 09 Aug 2025 10:26 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sat, 09 Aug 2025 10:26 AM IST
सार

प्रमुख सचिव श्रम ने उद्यमी संगठनों की बैठक में कहा कि 14 से 18 वर्ष तक के किशोर व युवाओं से अधिकतम 6 घंटे ही काम लिया जा सकता है। उनसे कोई ओवरटाइम नहीं करवाया जा सकता।

विज्ञापन
Those between 14 and 18 years of age can work for only six hours.
प्रमुख सचिव श्रम डॉ. एमके शन्मुगा सुंदरम ने उद्यमी संगठनों के साथ बैठक की। - फोटो : amar ujala

विस्तार

14 से 18 वर्ष तक के किशोर व युवा गैर खतरनाक व्यवसाय में सशर्त काम कर सकते हैं। ये बच्चे जरूरत और हालात को देखते हुए स्कूल समय के बाद बाल कलाकार के रूप में काम कर सकते हैं। इसमें विज्ञापन, टेलीविजन, सीरियल और सर्कस आदि गतिविधियां शामिल हैं। उनसे अधिकतम 6 घंटे ही काम लिया जा सकता है। इसके बाद एक घंटे का विश्राम देना अनिवार्य है। ये महत्वपूर्ण जानकारी प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ एमके शन्मुगा सुंदरम ने दी।

विज्ञापन


शुक्रवार को बापू भवन में उद्यमी संगठनों के साथ बाल श्रम उन्मूलन और पुनर्वासन कार्यक्रम की बैठक में प्रमुख सचिव श्रम ने बताया कि किशोरों व युवाओं से शाम 7 बजे से सुबह 8 बजे के बीच कोई काम नहीं लिया जा सकता। कोई ओवर टाइम नहीं कराया जा सकता। साप्ताहिक अवकाश देना होगा। जिन प्रतिष्ठानों में किशोरों से काम लिया जाएगा, उसकी सूचना क्षेत्रीय श्रम निरीक्षकों को देनी होगी।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - सीएम युवा उद्यमी अभियान में चार महीने में 2 लाख आवेदन, युवाओं की पसंद बनी योजना, जानें- क्या है इसमें खास
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें -  बहनें इस समय तक भाई की कलाई पर बांध सकेंगी राखी, जानें शुभ मुहूर्त और भद्रा काल


डॉ. सुंदरम ने बताया कि बाल श्रम अधिनियम के अंतर्गत 14 साल तक के बच्चों पर सभी प्रकार के काम में प्रतिबंध लगा दिया गया है। व्यापार संगठनों और उद्योग संघ के पदाधिकारियों के साथ श्रम विभाग ने एक आचार संहिता पर भी हस्ताक्षर किए। इसके तहत परिवारों की काउंसिलिंग, हाउस होल्ड सर्वे, होटल इंडस्ट्री व अन्य प्रतिष्ठानों में छात्र पार्ट टाइम काम करेंगे। श्रमायुक्त मार्कंडेय शाही ने बताया कि प्रदेश में कामकाजी बच्चों में लड़कियों की संख्या में वृद्धि हुई है जो चिंता का सबब है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed