दिवाली पर तीन लाख दीप जलाकर रिकॉर्ड बनाएगी अयोध्या, पूरे आयोजन का खाका तैयार
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रामनगरी इस बार त्रेतायुगीन दिवाली पर तीन लाख दीप जलाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाएगी। 4 से 6 नवंबर तक तीन दिवसीय दीपोत्सव कार्यक्रम का खाका तैयार हो चुका है। सुबह हेरिटेज वॉक से शुरू होगी और रावण वध होने की खुशी तीन दिन मनाई जाएगी। लोक कलाकारों की ओर से रामायण के प्रसंगों की झांकियां, सरयू की भव्य आरती समेत सरयू तट पर रामधुन के साथ होने वाला वाटर शो दीपोत्सव का मुख्य आकर्षण होगा।
छोटी दिवाली पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच मुख्यमंत्री व राज्यपाल समेत विदेशी राष्ट्राध्यक्ष व राजदूत पुष्पक विमान से उतरने वाले राम-सीता-लक्ष्मण की अगुवानी के साथ आरती करते दिखेंगे। दक्षिण कोरिया के राष्ट्राध्यक्ष रानी हो मेमोरियल का शिलान्यास करेंगे। इसमें देश-विदेश से 500 लोक कलाकार हिस्सा लेंगे और 10 देशों की रामलीलाओं का मंचन होगा।
दीपोत्सव को भव्य बनाने में सरकार पूरी प्रतिबद्धता से जुट गई है। अवध विश्वविद्यालय व अयोध्या शोध संस्थान को दीपोत्सव को ऐतिहासिक बनाने का जिम्मा सौंपा गया है। अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक वाईपी सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशानुरूप दीपोत्सव को त्रेतायुगीन बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। इस वर्ष राम की पैड़ी से लेकर सभी घाटों पर तीन लाख दीप जलाए जाएंगे।
दीप जलाने के अपने ही विश्व रिकॉर्ड को तोड़ेगी अयोध्या
पिछले वर्ष 1,87,200 दीप जलाने के अपने ही विश्व रिकॉर्ड को रामनगरी तोड़ने जा रही है। इसके लिए अवध विश्वविद्यालय के करीब 500 वालंटियर लगाए जाएंगे। बताया कि इस बार वर्षों से रामलीला परंपरा को जीवंत रखने वाले कलाकारों व संस्थाओं को भी सम्मानित किया जाएगा।
जिसमें 42 वर्षों से लगातार रामलीला कराने वाली जोग जकार्ता की पुराविसाता संस्था, कम्युनिस्ट देश लाओस के नेशनल म्यूजियम में 22 वर्षों से अनवरत रामलीला का मंचन करने वाली संस्था तथा रूस के राम के नाम से विख्यात पद्म श्री गेन्नादी पिचनिकोव की पुत्री तातन्या को पुरस्कृत किया जाएगा।
भारत के श्रीराम भारती कला केंद्र नई दिल्ली को भी सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है। बताया कि दीपोत्सव में गुप्तारघाट व भरतकुंड को भी शामिल किए जाने का प्रस्ताव है। यह दिवाली उत्तर से दक्षिण एशिया, कैरेबियन देशों से लेकर यूरोप तक फैली राम संस्कृति की भी गवाह बनेगी।
देशी व विदेशी रामलीला मंचन की होगी धूम
इस दीपोत्सव में सात विदेशी व दो भारतीय रामलीला दल रामलीला मंचन करेंगे। अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक वाईपी सिंह ने बताया कि इंडोनेशिया से 35, लाओस से 20 व रूस, त्रिनिडाड एवं टोबैगो, कंबोडिया, श्रीलंका व मलेशिया से 15-15 सदस्यीय रामलील दल दीपोत्सव में रामलीला मंचन करेगा।
भारत के श्रीरामभारती कला केंद्र नई दिल्ली व गोरखपुर की रामलीला मंडली भी मंचन के लिए आ रही है। बताया कि साकेत महाविद्यालय से निकलने वाली शोभायात्रा झांकी में उत्तरप्रदेश के 15 व भारत के अलग-अलग राज्यों से करीब 500 लोक कलाकार अपनी कला की प्रस्तुति करेंगे।
रामकथा संग्रहालय में लगेगा ‘रामबाजार’
दीपोत्सव को भव्य बनाने के लिए तरह-तरह के आयोजन किए जा रहे है। रामकथा संग्रहालय में ‘रामबाजार’ लगाने की योजना है। जहां राम व रामायण से संबंधित वस्तुओं के स्टॉल के अतिरिक्त पुस्तकों की प्रदर्शनी भी उत्सव को भव्यता प्रदान करेगी।
अयोध्या शोध संस्थान की ओर से लगने वाले रामबाजार में विदेशों के रामलीला साहित्य सहित भारतीय रामलीला साहित्य, हस्त शिल्प, काष्ठ, आदि से बनाई गए रामायण व राम से संबंधित वस्तुएं पेंटिंग आदि श्रद्धालुओं एवं विदेशियों के लिए आकर्षण का केंद्र होंगी।
दीपोत्सव में प्रस्तावित कार्यक्रम
4 नवंबर:
सुबह 11 से 1 बजे तक राम-सीता स्वरूप प्रतियोगिता, अवध विश्वविद्यालय में।
शाम 6 से 9.30 बजे तक श्रीलंका, लाओस, दिल्ली की रामलीला, अवध विश्वविद्यालय में।
5 नवंबर:
सुबह 11 से 1 बजे तक तुलसी के राम विषय पर रंगोली प्रतियोगिता, अवध विश्वविद्यालय में।
शाम 6 बजे से 9.30 बजे तक इंडोनेशिया, रूस, त्रिनिडाड एवं टोबैगों व श्रीरामभारती कला केंद्र की रामलीला, अवध विश्वविद्यालय में।
6 नवंबर:
सुबह 7 से 8.30 बजे तक हेरिटेज वाक कंचन भवन से नागेश्वरनाथ।
दोपहर 2 से 4.30 बजे तक शोभायात्रा झांकी साकेत महाविद्यालय से रामकथा पार्क।
दोपहर 2.30 से 3 बजे तक क्वीन हो मेमोरियल पार्क का शिलान्यास।
शाम 5.30 बजे रामसीता स्वरूप की अगवानी रामकथा पार्क। शाम 6.30 बजे सरयू आरती सरयू घाट।
शाम 6.45 से 7.30 बजे दीपोत्सव सरयू घाट। 7.35 बजे से सम्मान समारोह रामकथा पार्क।
रात्रि 8 से 10 बजे तक इंडोनेशिया, लाओस, श्रीरामभारती कलाकेंद्र की रामलीला रामकथा पार्क।