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चुनावी होली मिलन पर भी तीसरी नजर
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 18 Mar 2014 03:05 PM IST
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इस बार होली मिलन समारोह के आयोजकों को लंबी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
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उसके बाद ही जिला प्रशासन से कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मिल पाएगी।
लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण मैजिस्ट्रेट की अनुमति के बगैर कोई आयोजन नहीं हो सकेगा।
डीएम राजशेखर ने सभी अपर नगर मैजिस्ट्रेट को कार्यक्रमों की अनुमति जारी किए जाने में सतर्कता बरतने को कहा है, जिससे आचार संहिता का कहीं उल्लंघन न हो पाए और धारा 144 का अनुपालन हो सके।
आयोजकों को शपथ पत्र भी भरना होगा। कार्यक्रम स्थल के लिए भी मानक बनाए गए हैं। इसके अलावा आयोजन में शामिल होने वालों की संख्या को भी दर्ज किया जाना है।
जिससे आयोजन स्थल पर उसी के अनुसार पुलिस बल लगाया जा सके। आचार संहिता का कहीं भी उल्लंघन नहीं किया जाएगा, इसका शपथ पत्र भी आयोजक को प्रस्तुत करना होगा।
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आयोजन की पूरी वीडियो रेकर्डिंग कराना अनिवार्य होगा। जिसकी सीडी आयोजकों को मैजिस्ट्रेट के यहां तीन दिनों के भीतर जमा करनी होगा।
जमा की गई सीडी का जिला प्रशासन के अधिकारी देखेंगे। कार्यक्रम में भाषणों के दौरान प्रयोग की जाने वाली भाषा और अर्नगल बातों को पाए जाने पर आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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