चोरों ने खजाने की तलाश में खोद डाला धर्मस्थल
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पिछले साल अक्टूबर में उन्नाव जिले का डौंडियाखेड़ा सुर्खियों में आया था। संत शोभन सरकार ने सपना देखा जिसके आधार पर डौंडियाखेरा के किले में 1000 टन सोना होने की भविष्यवाणी की थी।
इसके बाद पूरे देश की नजर इस गांव पर टिक गई और यहां खुदाई भी शुरू हो गई थी। हालांकि काफी मशक्कत के बाद नतीजा सिफर रहा।
अब काकोरी क्षेत्र में शुक्रवार रात नवाबी काल के बने धर्मस्थल में खजाने की तलाश में चोरों ने धर्मस्थल खोद डाला। धर्मस्थल से निकली मूर्तियां बाहर फेंक दीं। घटना से नाराज ग्रामीण हंगामा करने लगे।
सूचना पर कई थानों की फोर्स और एडीएम पहुंच गए। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। बाद में पुलिस ने धर्मस्थल पर मूर्ति स्थापित कराई। पुलिस अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके तलाश में जुटी है।
टिकैटगंज में बेहता नदी के किनारे नवाब आसिफ दौला के समय में राजा टिकैट ने धर्मस्थल का निर्माण कराया था। शुक्रवार देर रात चोरों ने खजाने की तलाश में धर्मस्थल खोद डाला।
सूचना पर पहुंची पुलिस फोर्स
कुछ न मिलने पर मूर्तियां बाहर फेंक दीं। सुबह शेखसादी मोहल्ले के कुछ लोग धर्मस्थल पर पहुंचे तो खुदा देख उनके होश उड़ गए। जानकारी पर जुटे ग्रामीण हंगामा करने लगे।
सूचना पाकर कई थानों की फोर्स, सीओ श्यामा कांत त्रिपाठी, एसडीएम संजीव सिंह मौके पर पहुंच गए। हंगामा बढ़ता देख पुलिस ने धर्मस्थल की मूर्तियां दोबारा स्थापित कराई। जिसके बाद लोग शांत हुए।
ग्रामीणों ने बताया यह धर्मस्थल भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित स्मारक है। इसकी जानकारी पाकर पुरातत्व विभाग के अफसर एसए खान मौके पर पहुंचे। आक्रोशित लोगों ने अधिकारी का घेराव करके धर्मस्थल की सुरक्षा के इंतजाम कराने की मांग की।
एसपी ग्रामीण हबीबुल हसन ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत कराया। पुलिस ने अंजनी कुमार सिंह की तहरीर पर अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं पुरातत्व विभाग एसए खान ने रिपोर्ट लिखाने के लिए तहरीर दी है।