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Lucknow News: सरकारी वाहन में कर रहे थे डिलीवरी वैन का पंजीकरण

Fri, 24 Jul 2026 02:31 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jul 2026 02:31 AM IST
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They were registering a delivery van using a government vehicle.
टैक्स चोरी के लिए डिलीवर वैन को सरकारी वाहन के रूप में कर रहे थे पंजीकृत, बाबुओं ने पकड़ा, वसूल - फोटो : स्रोत : वीडियोग्रैब
लखनऊ। आरटीओ की फेसलेस सेवाएं मुसीबत का सबब बन रही हैं। ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ कार्यालय ने डिलीवरी वैन का सरकारी वाहन के रूप में पंजीकरण दर्ज कराने की गड़बड़ी पकड़ी है। यह कारनामा टैक्स बचाने के लिए किया जा रहा था। वाहन का दोबारा पंजीकरण करवाकर टैक्स वसूला जाएगा।
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ऑटो अप्रूवल व्यवस्था लागू न होने से आरटीओ ने गड़बड़ी पकड़ ली। डीलर की भूमिका संदिग्ध होने पर मामला परिवहन विभाग के मुख्यालय भेजा गया है। मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाइवेज मॉर्थ ने परिवहन विभाग की 100 सेवाओं को फेसलेस किया है। इसमें वाहनों के पंजीकरण को ऑटो अप्रूवल की जिम्मेदारी डीलरों को दी जा रही है।
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ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ में ग्रीन सोलरटेक ने टाटाएस डिलीवरी वैन के अस्थायी पंजीकरण के लिए आवेदन किया था। इसका चेसिस नंबर एमएटी559068टीजेडई13194 था। ऑनरशिप टाइप के कॉलम में सेंट्रल गवर्नमेंट भरा था, जिसे आरटीओ कर्मियों ने पकड़ लिया। आवेदन की मंजूरी को रोककर मुख्यालय को जानकारी भेजी गई है। अब वाहन को व्यावसायिक वाहन के रूप में दर्ज कर टैक्स जमा करवाया गया।
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ऑटो अप्रूवल से बढ़ेंगे घपले
परिवहन विभाग ने सेवाओं के साथ ऑटो अप्रूवल का ड्राफ्ट भी तैयार किया है। इससे आवेदक या डीलर खुद ही पंजीकरण अप्रूव कर सकेंगे। एनआईसी का पोर्टल कागजी जांच के बाद इसे मंजूरी देगा। इसके बाद स्मार्ट आरसी वाहन मालिक के घर पहुंच जाएगी। यह व्यवस्था लागू होने से घपले बढ़ने की आशंका है। स्मार्ट आरसी कार्ड पहली अगस्त से बनने शुरू होंगे, इस कारण अभी ऑटो अप्रूवल लागू नहीं हुआ है।


राजस्व का नुकसान, अधिनियम की अनदेखी
कर्मचारी व अधिकारी ऑटो अप्रूवल का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि इससे विभाग का अस्तित्व संकट में पड़ेगा। यह मोटरयान अधिनियम की खुलेआम अनदेखी है। सरकारी वाहन कर से मुक्त होते हैं, जबकि व्यावसायिक वाहन पर 15 वर्ष का रोड टैक्स लगता है। किसी फर्म या डीलर की ओर से गाड़ी को सरकारी वाहन के रूप में दर्ज करने से राजस्व का नुकसान होगा। इससे सरकारी वाहन के बेजा इस्तेमाल के मामले भी बढ़ेंगे।

टैक्स चोरी के लिए डिलीवर वैन को सरकारी वाहन के रूप में कर रहे थे पंजीकृत, बाबुओं ने पकड़ा, वसूल

टैक्स चोरी के लिए डिलीवर वैन को सरकारी वाहन के रूप में कर रहे थे पंजीकृत, बाबुओं ने पकड़ा, वसूल- फोटो : स्रोत : वीडियोग्रैब

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