{"_id":"bc0f8bdd7f5ad80cd9109e7d74a5428c","slug":"there-were-12-companies-for-civil-construction-of-the-metro","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब तो प्राइवेट कंपनियों का भी ड्रीम बनी मेट्रो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब तो प्राइवेट कंपनियों का भी ड्रीम बनी मेट्रो
ज्ञान सक्सेना/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 11 Jul 2014 02:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अभी तक सिर्फ अखिलेश का ही ड्रीम प्रोजेक्ट कही जा रही मेट्रो का टेंडर पाने के लिए मची होड़ देखकर तो यही कहा जा सकता है कि मेट्रो अब प्राइवेट कंपनियों का भी ड्रीम प्रोजेक्ट बन गई है।
विज्ञापन
मेट्रो के 541 करोड़ रुपये के सिविल वर्क का टेंडर डालने के लिए बृहस्पतिवार को 12 नामी गिरामी कंपनियों ने प्री बिड कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया। दिल्ली में डीएमआरसी ने इस प्री बिड का आयोजन किया।
विज्ञापन
जिसमें कंपनियों के प्रतिनिधियों की तमाम जिज्ञासाओं का निदान किया गया। इन्हीं 12 कंपनियों में से किसी एक का चयन अगस्त में ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग के बीच मेट्रो निर्माण के लिए किया जाएगा।
विज्ञापन
सिविल वर्क्स के लिए दिल्ली में हुई प्री बिड कॉन्फ्रेंस में 12 बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने हिस्सा लिया। सिविल वर्क्स का काम सितंबर में शुरू होना है। इसी महीने 30 जुलाई को टेंडर जारी होना है।
डीएमआरसी द्वारा आयोजित इस कॉन्फ्रेंस में टेंडर की शर्तों को लेकर विस्तार से विचार विमर्श हुआ। कंपनियों ने कई सुझाव दिए, जिन्हें टेंडर की शर्तों में शामिल किया जा सकता है।
मेट्रो का बिजनेस प्लान तैयार करने की दौड़ में अमेरिका और इंग्लैंड की फर्में सबसे आगे मानी जा रही हैं। टेक्निकल बिड में सफल हुई तीन फर्मों में से दो इन देशों की ही हैं।
हालांकि फाइनेंशियल बिड न खुलने से बिजनेस कंसल्टेंट के नाम पर मुहर नहीं लग सकी। इस बीच मेट्रो के सिविल वर्क्स के लिए दिल्ली में प्री बिड कॉन्फ्रेंस शुरू हो गई।
इसमें देश-विदेश की करीब 10 बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। गुरुवार को लालबाग स्थित लखनऊ मेट्रो के दफ्तर में टेक्निकल बिड खुली। इसमें तीन कंपनियां अंतिम चरण में पहुंची।
टेक्निकल बिड में नाइट फ्रैंक ऑफ ग्रेट ब्रिटेन, लुईस बर्जर एंड प्राइस वाटर हाउस कूपर और फीटबैक वेंचर्स को योग्य पाया गया।
बिजनेस कंसलटेंट के नाम पर मुहर लगने के लिए गुरुवार को ही टेक्निकल और फाइनेंशियल बिड की जानी थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।