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आईएस आतंकियों की बातचीत में खुलासा: महंत नरसिंहानंद व कई हिंदूवादी नेताओं को ठिकाने लगाने की थी साजिश
Wed, 15 Nov 2023 09:51 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Wed, 15 Nov 2023 09:51 AM IST
सार
नरसिंहानंद को मारने के लिए इस माड्यूल के सदस्यों ने रेकी भी की थी। इस खुलासे के बाद माज की निशानदेही पर बरामद इलेक्ट्राॅनिक डिवाइस को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
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यूपी एटीएस
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आतंकी संगठन आईएस का पुणे माड्यूल गाजियाबाद के डासना स्थित शिव शक्ति धाम मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद व कई हिंदूवादी नेताओं की हत्या की साजिश रच रहा था। इसका खुलासा अलीगढ़ से गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी अब्दुल्ला अर्सलान और माज बिन तारिक से पूछताछ में हुआ है। दोनों को रिमांड पर अलीगढ़ लेकर गई एटीएस ने एक पिस्टल, पांच कारतूस व कुछ इलेक्ट्राॅनिक डिवाइस बरामद किए हैं। इनमें जिहादी साहित्य भी शामिल हैं।
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सूत्रों के मुताबिक नरसिंहानंद को मारने के लिए इस माड्यूल के सदस्यों ने रेकी भी की थी। इस खुलासे के बाद माज की निशानदेही पर बरामद इलेक्ट्राॅनिक डिवाइस को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। दोनों की रिमांड सोमवार को खत्म हो गई। एटीएस दोनों को फिर से रिमांड पर लेने के लिए अदालत से अनुरोध करने वाली है। माड्यूल के मास्टरमाइंड प्रो. वजीहुद्दीन, संभल व अलीगढ़ से गिरफ्तार चार अन्य संदिग्ध व दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में शाहनवाज व रिजवान से भी पूछताछ होगी।
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सामू की पृष्ठभूमि की भी जांच
एटीएस स्टूडेंट्स ऑफ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (सामू) संगठन की गहनता से छानबीन कर रही है। इसके कितने सदस्य हैं और उनमें से कौन वजीहुद्दीन के संपर्क में था इसका पता लगाया जा रहा है। एटीएस के अधिकारी इस संगठन का पूरा प्रोफाइल पता करके हर सूचना को केंद्रीय एजेंसियों के साथ साझा कर रहे हैं। पता लगाया जा रहा है कि पुणे माड्यूल के सदस्य शाहनवाज व रिजवान का इस संगठन से क्या वास्ता था और वे अलीगढ़ में कई महीनों तक क्यों ठहरे थे।
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विवादित बयानों से निशाने पर महंत
महंत नरसिंहानंद अपने विवादित बयानों की वजह से सुर्खियों में रहते हैं। वह सपा से भी जुड़े रहे हैं। उन्होंने उप्र शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष रहे वसीम रिजवी का धर्मांतरण कराया था। हरिद्वार में आयोजित धर्म संसद में नरसिंहानंद और वसीम रिजवी ने भड़काऊ भाषण दिए। इसके बाद दोनों गिरफ्तार हुए थे। उनके खिलाफ अक्तूबर 2019 में सीतापुर में विवादित भाषण देने का मुकदमा दर्ज है। यह भाषण उन्होंने हिंदू समाज पार्टी के कमलेश तिवारी की लखनऊ में हत्या के बाद दिया था।