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Lucknow News: राजधानी में सजा नौसेना के शौर्य का संसार
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शौर्य वाटिका में पहुंचे लोग।
लखनऊ। देश की पहली नौसेना शौर्य वाटिका में नौसैनिक तोप और समुद्री गश्ती विमान है। दर्शक इस विमान की सवारी भी कर सकेंगे। नौसेना शौर्य संग्रहालय के दूसरे चरण में यह पार्क बना है। आगंतुकों के लिए यहां कई सुविधाएं उपलब्ध हैं। इनमें एक भोजनालय और यादगार वस्तुओं की दुकान शामिल है। आधुनिक प्रकाश व्यवस्था और ध्वनि प्रणाली भी यहां लगाई गई है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि पार्क में एके 726 नौसैनिक तोप प्रदर्शित है। इसमें सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के लिए जेड आई एफ 101 प्रक्षेपक भी है। सतह से सतह पर मार करने वाली पोत-रोधी मिसाइलें भी शामिल हैं। जहाज का रडार, टॉरपीडो प्रक्षेपक और लंगर भी यहां मौजूद हैं। आईएनएस गोमती से जुड़ी अन्य कलाकृतियां भी प्रदर्शित की गई हैं। यहां टीयू 142 एम का एक भ्रमण संग्रहालय भी है। यह एक लंबी दूरी का समुद्री गश्ती विमान था जो अब सेवा में नहीं है।
आईएनएस गोमती का गौरवशाली इतिहास
आईएनएस गोमती का नाम गोमती नदी के नाम पर रखा गया था। इसे 16 अप्रैल, 1988 को नौसेना में शामिल किया गया था। यह गोदावरी श्रेणी के निर्देशित-मिसाइल फ्रिगेट जहाजों में तीसरी थी। इसने ऑपरेशन कैक्टस, पराक्रम और रेनबो में हिस्सा लिया। राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा में योगदान के लिए इसे दो बार ''यूनिट प्रशस्ति पत्र'' से सम्मानित किया गया।
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पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि पार्क में एके 726 नौसैनिक तोप प्रदर्शित है। इसमें सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के लिए जेड आई एफ 101 प्रक्षेपक भी है। सतह से सतह पर मार करने वाली पोत-रोधी मिसाइलें भी शामिल हैं। जहाज का रडार, टॉरपीडो प्रक्षेपक और लंगर भी यहां मौजूद हैं। आईएनएस गोमती से जुड़ी अन्य कलाकृतियां भी प्रदर्शित की गई हैं। यहां टीयू 142 एम का एक भ्रमण संग्रहालय भी है। यह एक लंबी दूरी का समुद्री गश्ती विमान था जो अब सेवा में नहीं है।
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आईएनएस गोमती का गौरवशाली इतिहास
आईएनएस गोमती का नाम गोमती नदी के नाम पर रखा गया था। इसे 16 अप्रैल, 1988 को नौसेना में शामिल किया गया था। यह गोदावरी श्रेणी के निर्देशित-मिसाइल फ्रिगेट जहाजों में तीसरी थी। इसने ऑपरेशन कैक्टस, पराक्रम और रेनबो में हिस्सा लिया। राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा में योगदान के लिए इसे दो बार ''यूनिट प्रशस्ति पत्र'' से सम्मानित किया गया।

शौर्य वाटिका में पहुंचे लोग।

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