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राज्यपाल के अभिभाषण से पूर्व हंगामा लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन : डॉ. राजेश्वर सिंह
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डॉ. राजेश्वर सिंह।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र शुरू होते ही सोमवार को विपक्ष ने हंगामा कर दिया। राज्यपाल के अभिभाषण से पूर्व ही सपा विधायकों ने सदन में नारेबाजी करते हुए कार्यवाही बाधित की। सरोजनीनगर से भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने इसे संसदीय परंपराओं और लोकतंत्र की गरिमा को आघात पहुंचाने वाला बताया है।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि विरोध करना विपक्ष का सांविधानिक अधिकार है, लेकिन यह विरोध शोर-शराबे, अव्यवस्था और सदन की कार्यवाही रोककर नहीं, बल्कि बहस, तर्क और तथ्यों के माध्यम से होना चाहिए। बिना सुने किए गए विरोध को किसी भी दृष्टि से रचनात्मक राजनीति नहीं कहा जा सकता। यह नकारात्मक सोच को दर्शाता है।
डाॅ. सिंह ने कहा कि विधानसभा जनता के करों से संचालित होने वाली सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है। इसकी कार्यवाही बाधित करना करदाताओं की मेहनत की कमाई का दुरुपयोग और जनता के विश्वास का अपमान है। उन्होंने विपक्ष से सकारात्मक भूमिका निभाने का आग्रह करते हुए कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए जिम्मेदार और रचनात्मक विपक्ष आवश्यक है, जो पहले सुने, फिर समझे और उसके बाद सांविधानिक मर्यादाओं के भीतर सरकार को चुनौती दे।
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डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि विरोध करना विपक्ष का सांविधानिक अधिकार है, लेकिन यह विरोध शोर-शराबे, अव्यवस्था और सदन की कार्यवाही रोककर नहीं, बल्कि बहस, तर्क और तथ्यों के माध्यम से होना चाहिए। बिना सुने किए गए विरोध को किसी भी दृष्टि से रचनात्मक राजनीति नहीं कहा जा सकता। यह नकारात्मक सोच को दर्शाता है।
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डाॅ. सिंह ने कहा कि विधानसभा जनता के करों से संचालित होने वाली सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है। इसकी कार्यवाही बाधित करना करदाताओं की मेहनत की कमाई का दुरुपयोग और जनता के विश्वास का अपमान है। उन्होंने विपक्ष से सकारात्मक भूमिका निभाने का आग्रह करते हुए कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए जिम्मेदार और रचनात्मक विपक्ष आवश्यक है, जो पहले सुने, फिर समझे और उसके बाद सांविधानिक मर्यादाओं के भीतर सरकार को चुनौती दे।
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