{"_id":"66f2d569d91699b45d019698","slug":"the-sultry-heat-made-me-uncomfortable-and-the-electricity-made-consumers-cry-shravasti-news-c-104-1-srv1002-106916-2024-09-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: उमस भरी गर्मी ने किया बेहाल तो रुलाने लगी बिजली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: उमस भरी गर्मी ने किया बेहाल तो रुलाने लगी बिजली
Tue, 24 Sep 2024 08:36 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 24 Sep 2024 08:36 PM IST
विज्ञापन
श्रावस्ती। तराई में विगत कई दिनों से बारिश नहीं हुई है। इस दौरान चिलचिलाती धूप व बादलों की लुकाछिपी से उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया है। इसी बीच घंटों अघोषित बिजली कटौती भी रुलाने लगी है। वहीं 12 से 14 घंटे बिजली कटौती से हो रही है जिससे उपभोक्ता परेशान हैं।
तराई में मौसम की बेरुखी जारी है। एक पखवाड़े से बरसात न होने के कारण असिंचित सिरसिया क्षेत्र में धान के खेत सूखने लगे हैं। उमस भरी गर्मी से निजात के लिए जहां लोगों की बिजली पर निर्भरता बढ़ी है। वहीं किसान भी अपनी फसल को सूखने से बचाने के लिए बिजली के सहारे है। ऐसे में बिजली की बढ़ी मांग के कारण जहां ट्रांसफार्मर व फीडर पर लोड बढ़ा है। वहीं अधिभार के कारण जहां फीडर बार-बार ट्रिप कर रहे हैं।
वहीं इकौना तहसील मुख्यालय पर लोगों को 14 घंटे व ग्रामीण क्षेत्रों को 12 घंटे ही बिजली नसीब हो रही है। रात में होने वाली अघोषित कटौती से उपभोक्ताओं का सब्र जवाब दे रहा है। वहीं बिजली विभाग भी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है। इस बारे में अधिशाषी अभियंता विद्युत अश्वनी चतुर्वेदी बताते हैं कि रोस्टर के अनुसार के अनुसार आपूर्ति दी जा रही है। कहीं कुछ तकनीकी खराबी आने पर ही कटौती की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
तराई में मौसम की बेरुखी जारी है। एक पखवाड़े से बरसात न होने के कारण असिंचित सिरसिया क्षेत्र में धान के खेत सूखने लगे हैं। उमस भरी गर्मी से निजात के लिए जहां लोगों की बिजली पर निर्भरता बढ़ी है। वहीं किसान भी अपनी फसल को सूखने से बचाने के लिए बिजली के सहारे है। ऐसे में बिजली की बढ़ी मांग के कारण जहां ट्रांसफार्मर व फीडर पर लोड बढ़ा है। वहीं अधिभार के कारण जहां फीडर बार-बार ट्रिप कर रहे हैं।
विज्ञापन
वहीं इकौना तहसील मुख्यालय पर लोगों को 14 घंटे व ग्रामीण क्षेत्रों को 12 घंटे ही बिजली नसीब हो रही है। रात में होने वाली अघोषित कटौती से उपभोक्ताओं का सब्र जवाब दे रहा है। वहीं बिजली विभाग भी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है। इस बारे में अधिशाषी अभियंता विद्युत अश्वनी चतुर्वेदी बताते हैं कि रोस्टर के अनुसार के अनुसार आपूर्ति दी जा रही है। कहीं कुछ तकनीकी खराबी आने पर ही कटौती की जाती है।
विज्ञापन