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Lucknow News: दो माह पहले बनी थी सड़क, अब चौड़ीकरण की तैयारी
Mon, 26 Aug 2024 01:42 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 26 Aug 2024 01:42 PM IST
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रायबरेली। ऊबड़-खाबड़ सड़कों की मरम्मत कराने के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारी बजट का रोना रोया करते हैं, लेकिन सरकारी पैसा बर्बादी करने में वह पीछे नहीं हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें अधिकारियों द्वारा सरकारी पैसा बेवजह खर्च करने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
दो माह पहले जिस सड़क का नवीनीकरण कराया गया था, उसी सड़क का चौड़ीकरण कराने के लिए 17 करोड़ का टेंडर पास करा दिया गया। सवाल उठ रहे हैं कि जब सड़क का चौड़ीकरण ही कराना था तो नवीनीकरण क्यों कराया गया। बताया जा रहा है कि कमीशनबाजी के चक्कर में ऐसा किया गया है।
शहर के अंदर डिग्री कॉलेज चौराहे से निकली सड़क बस स्टेशन, जहानाबाद चौकी, रतापुर चौराहा होते हुए महराजगंज रोड को जोड़ती है। दो महीने पहले इसी सड़क का 10 किमी. तक नवीनीकरण कराया गया। इसमें करीब तीन करोड़ रुपये खर्च किए गए। खास बात यह है कि इसी सड़क पर डिग्री कॉलेज चौराहा से रतापुर तक चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए स्वीकृत करा ली गई।
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सड़क की चौड़ाई सात मीटर, जिसे अब 10 मीटर किया जाना है, इस पर करीब 17 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। विभाग की इस मनमानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कहा जा रहा है कि जब सड़क का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण प्रस्तावित था, तो दो महीने पहले सड़क के नवीनीकरण में तीन करोड़ रुपये क्यों खर्च किए गए।
अफसरों के इस मनमानी से साफ जाहिर है कि अफसर सरकारी धन को बर्बाद या बंदरबांट करने में लगे हैं। संबंधित अधिशासी अभियंता ने बताया कि जहां-जहां पर चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कराया जाना है, वहां पर नवीनीकरण नहीं कराया गया है।
एक अधिकारी झेल चुके कार्रवाई की मार
हरचंदपुर क्षेत्र में हरचंदपुर से सिरसा घाट जाने वाली सड़क को स्टीमेट से कम चौड़ा किया गया था। मामला तत्कालीन लोक निर्माण विभाग के मंत्री के पास पहुंचा था। उन्होंने इस प्रकरण को गंभीरता से लिया था और इसकी जांच स्वयं की थी। जांच में मामला सही पाए जाने पर एक्सईएन को निलंबित कर दिया गया था। अब शहर में पहले नवीनीकरण और अब उसी सड़क का चौड़ीकरण का प्रस्ताव पास कराने का मामला तूल पकड़ रहा है।
अमेठी हो गया सहायक अभियंता का स्थानांतरण
मामला उजागर होने के बाद लोक निर्माण विभाग के तत्कालीन सहायक अभियंता के कार्यर् पर अंगुली उठ रही है। हालांकि तत्कालीन सहायक अभियंता अनिल कुमार अग्रवाल का स्थानांतरण अमेठी जनपद हो गया है। मौजूदा सहायक अभियंता अलका सिंह का कहना है कि यह मामला हमारे समय का नहीं है। फिलहाल मामले को दिखवाया जाएगा।
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दो माह पहले जिस सड़क का नवीनीकरण कराया गया था, उसी सड़क का चौड़ीकरण कराने के लिए 17 करोड़ का टेंडर पास करा दिया गया। सवाल उठ रहे हैं कि जब सड़क का चौड़ीकरण ही कराना था तो नवीनीकरण क्यों कराया गया। बताया जा रहा है कि कमीशनबाजी के चक्कर में ऐसा किया गया है।
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शहर के अंदर डिग्री कॉलेज चौराहे से निकली सड़क बस स्टेशन, जहानाबाद चौकी, रतापुर चौराहा होते हुए महराजगंज रोड को जोड़ती है। दो महीने पहले इसी सड़क का 10 किमी. तक नवीनीकरण कराया गया। इसमें करीब तीन करोड़ रुपये खर्च किए गए। खास बात यह है कि इसी सड़क पर डिग्री कॉलेज चौराहा से रतापुर तक चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए स्वीकृत करा ली गई।
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सड़क की चौड़ाई सात मीटर, जिसे अब 10 मीटर किया जाना है, इस पर करीब 17 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। विभाग की इस मनमानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कहा जा रहा है कि जब सड़क का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण प्रस्तावित था, तो दो महीने पहले सड़क के नवीनीकरण में तीन करोड़ रुपये क्यों खर्च किए गए।
अफसरों के इस मनमानी से साफ जाहिर है कि अफसर सरकारी धन को बर्बाद या बंदरबांट करने में लगे हैं। संबंधित अधिशासी अभियंता ने बताया कि जहां-जहां पर चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कराया जाना है, वहां पर नवीनीकरण नहीं कराया गया है।
एक अधिकारी झेल चुके कार्रवाई की मार
हरचंदपुर क्षेत्र में हरचंदपुर से सिरसा घाट जाने वाली सड़क को स्टीमेट से कम चौड़ा किया गया था। मामला तत्कालीन लोक निर्माण विभाग के मंत्री के पास पहुंचा था। उन्होंने इस प्रकरण को गंभीरता से लिया था और इसकी जांच स्वयं की थी। जांच में मामला सही पाए जाने पर एक्सईएन को निलंबित कर दिया गया था। अब शहर में पहले नवीनीकरण और अब उसी सड़क का चौड़ीकरण का प्रस्ताव पास कराने का मामला तूल पकड़ रहा है।
अमेठी हो गया सहायक अभियंता का स्थानांतरण
मामला उजागर होने के बाद लोक निर्माण विभाग के तत्कालीन सहायक अभियंता के कार्यर् पर अंगुली उठ रही है। हालांकि तत्कालीन सहायक अभियंता अनिल कुमार अग्रवाल का स्थानांतरण अमेठी जनपद हो गया है। मौजूदा सहायक अभियंता अलका सिंह का कहना है कि यह मामला हमारे समय का नहीं है। फिलहाल मामले को दिखवाया जाएगा।