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Lucknow News: गंगा का बढ़ता जलस्तर बढ़ा रहा लोगों की धुकधुकी
Thu, 04 Jul 2024 05:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 04 Jul 2024 05:13 AM IST
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डलमऊ तहसील क्षेत्र के बड़ा मठ घाट के पास गंगा का बढ़ता जलस्तर।
- फोटो : संवाद
डलमऊ (रायबरेली)। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने लगा है। इससे कटरी क्षेत्र के लोग सहमे हैं। अगर जलस्तर में ऐसे ही बढ़ोतरी हुई तो लोगों की मुश्किलें बढ़ेंगी। अभी नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से दूर है। जलस्तर बढ़ने से तहसील प्रशासन अलर्ट हो गया है। बाढ़ से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है।
पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश का असर नदी के जलस्तर पर पड़ने लगा है। केंद्रीय जल आयोग डलमऊ के मुताबिक नदी का चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर है, जबकि खतरे का निशान बिंदु 99.360 मीटर है। इसके सापेक्ष बुधवार को नदी का जलस्तर 93.900 मीटर दर्ज किया गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने से कटरी क्षेत्र के अंबहा, बबुरा, जमालनगर मोहिद्दीनपुर, जहांगीराबाद, चकमलिकभीटी, पूरे डंगरी, पूरे पवारन, पूरे रेवती सिंह आदि गांवों में रहने वाले ग्रामीणों में दहशत है।
ग्रामीण जयकरन, श्रीकृष्ण, साजन यादव, राजकुमार, सघन तिवारी का कहना है कि नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण जीव जंतु गांव तक आ जाते हैं। इससे हर पल खतरे की आशंका रहती है। खासकर सर्प या बिच्छू के काटने का खतरा ज्यादा रहता है। ग्रामीण कहते हैं कि हर साल गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से हम लोगों की फसलें डूब जाती हैं। बावजूद इसके तहसील प्रशासन की ओर से मुआवजा नहीं दिया जाता है। यदि नदी के जलस्तर बढ़ेगा तो हम सबके लिए मुश्किलें खड़ीं होंगी।
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इसी तरह हुई बढ़ोतरी तक डूब जाएंगे घाट
डलमऊ के किनारे 16 गंगा घाट है। इन घाटों पर विशेष तिथियों पर लोग गंगा स्नान करने पहुंचते हैं। यदि इसी तरह नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी होती रही तो पक्का घाट, सड़क घाट, किला घाट, रानी शिवाला घाट, वीआईपी घाट, संकटमोचन घाट, पथवारी समेत अन्य घाट डूब जाएंगे। इससे लोगों को गंगा स्नान करने में दिक्कत होगी। बड़ामठ डलमऊ के स्वामी दिव्यानंद महाराज ने बताया कि नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। यदि जलस्तर और बढ़ा तो घाट डूब जाएंगे।
गंगा नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। कटरी क्षेत्र के गांवों में तैनात लेखपालों से बाढ़ से बचाव की तैयारियां करने को कहा गया है। बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। यदि ऐसा कुछ होता है तो कटरी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को अन्य स्थानों पर ठहरने की व्यवस्था कराई जाएगी।
- मनोज कुमार, एसडीएम डलमऊ
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पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश का असर नदी के जलस्तर पर पड़ने लगा है। केंद्रीय जल आयोग डलमऊ के मुताबिक नदी का चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर है, जबकि खतरे का निशान बिंदु 99.360 मीटर है। इसके सापेक्ष बुधवार को नदी का जलस्तर 93.900 मीटर दर्ज किया गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने से कटरी क्षेत्र के अंबहा, बबुरा, जमालनगर मोहिद्दीनपुर, जहांगीराबाद, चकमलिकभीटी, पूरे डंगरी, पूरे पवारन, पूरे रेवती सिंह आदि गांवों में रहने वाले ग्रामीणों में दहशत है।
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ग्रामीण जयकरन, श्रीकृष्ण, साजन यादव, राजकुमार, सघन तिवारी का कहना है कि नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण जीव जंतु गांव तक आ जाते हैं। इससे हर पल खतरे की आशंका रहती है। खासकर सर्प या बिच्छू के काटने का खतरा ज्यादा रहता है। ग्रामीण कहते हैं कि हर साल गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से हम लोगों की फसलें डूब जाती हैं। बावजूद इसके तहसील प्रशासन की ओर से मुआवजा नहीं दिया जाता है। यदि नदी के जलस्तर बढ़ेगा तो हम सबके लिए मुश्किलें खड़ीं होंगी।
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इसी तरह हुई बढ़ोतरी तक डूब जाएंगे घाट
डलमऊ के किनारे 16 गंगा घाट है। इन घाटों पर विशेष तिथियों पर लोग गंगा स्नान करने पहुंचते हैं। यदि इसी तरह नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी होती रही तो पक्का घाट, सड़क घाट, किला घाट, रानी शिवाला घाट, वीआईपी घाट, संकटमोचन घाट, पथवारी समेत अन्य घाट डूब जाएंगे। इससे लोगों को गंगा स्नान करने में दिक्कत होगी। बड़ामठ डलमऊ के स्वामी दिव्यानंद महाराज ने बताया कि नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। यदि जलस्तर और बढ़ा तो घाट डूब जाएंगे।
गंगा नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। कटरी क्षेत्र के गांवों में तैनात लेखपालों से बाढ़ से बचाव की तैयारियां करने को कहा गया है। बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। यदि ऐसा कुछ होता है तो कटरी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को अन्य स्थानों पर ठहरने की व्यवस्था कराई जाएगी।
- मनोज कुमार, एसडीएम डलमऊ