फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   The patient had suffered a minor heart attack and was taking gas medicine to relieve the pain.

Lucknow News: मरीज को पड़ा था माइनर हार्ट अटैक, दर्द मिटाने के लिए खा रहा था गैस की दवा

Sun, 14 Dec 2025 02:38 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 14 Dec 2025 02:38 AM IST
विज्ञापन
The patient had suffered a minor heart attack and was taking gas medicine to relieve the pain.
बलरामपुर अस्पताल में मरीज का इलाज करते डॉक्टर।
लखनऊ। फैजुल्लागंज निवासी एक मरीज को तीन दिन से सीने में दर्द और घबराहट की शिकायत थी। नजदीकी डॉक्टर से दवा लेने के बावजूद राहत नहीं मिली। शनिवार सुबह दर्द बढ़ने पर वह बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचा। यहां ईएमओ ने ईसीजी और खून की जांच कराई, जिसमें मरीज को दिल का दौरा पड़ने की पुष्टि हुई।
विज्ञापन


डॉक्टरों ने तत्काल खून पतला करने वाली दवा खिलाई और इंजेक्शन लगाया। महज 10 मिनट के भीतर मरीज की हालत में सुधार आ गया। इसके बाद उसे एंजियोग्राफी के लिए लारी कार्डियोलॉजी या किसी अन्य उच्च चिकित्सा केंद्र में इलाज कराने की सलाह दी गई।
विज्ञापन

फैजुल्लागंज निवासी सुशील मिश्रा को तीन दिनों से सीने में दर्द हो रहा था। पहले उन्होंने पास की ही क्लीनिक में इलाज कराया, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। शनिवार सुबह तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर करीब 11 बजे वह बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे। वहां तैनात ईएमओ डॉ. सौरभ सिंह ने मरीज को तत्काल भर्ती कर ईसीजी और खून की जांच कराई। ईसीजी रिपोर्ट में गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद उन्होंने तुरंत कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. यूसुफ अंसारी से इमरजेंसी कॉल पर परामर्श लिया। सूचना मिलते ही डॉ. यूसुफ ओपीडी छोड़कर तुरंत इमरजेंसी पहुंच गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस बीच, चिकित्सकीय सलाह के अनुसार, ईएमओ डॉ. सौरभ सिंह ने मरीज को खून पतला करने वाली दवा दे दी थी। इमरजेंसी पहुंचने के बाद डॉ. यूसुफ अंसारी ने मरीज को इंजेक्शन लगाया। 10 मिनट बाद दोबारा कराई गई ईसीजी रिपोर्ट सामान्य आई।

डॉ. यूसुफ अंसारी ने बताया कि मरीज को तीन दिन पहले ही माइनर हार्ट अटैक आया था, लेकिन सीने में दर्द को सामान्य समस्या समझकर उन्होंने दिल से जुड़ी जांच नहीं करवाई। इमरजेंसी में दवा और इंजेक्शन देकर थ्रोम्बोलिसिस किया गया, जिससे मरीज की जान बच सकी।इस पूरी प्रक्रिया में चीफ फार्मासिस्ट डीएस त्यागी और रेजिडेंट डॉ. हबीब-उर-रहमान ने भी सहयोग किया।

बलरामपुर अस्पताल में मरीज का इलाज करते डॉक्टर।

बलरामपुर अस्पताल में मरीज का इलाज करते डॉक्टर।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed