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Lucknow News: फरियाद लेकर पहुंची जनता को अफसरों ने कराए आश्वासन के दर्शन
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जनता दर्शन में अफसरों को समस्याएं बताते नागरिक।
लखनऊ। गोमतीनगर स्थित एलडीए के सभागार में बृहस्पतिवार को आयोजित जनता दर्शन में पहुंचे ज्यादातर फरियादियों को आश्वासन ही मिला। कुल 36 शिकायतों में से सिर्फ 11 ही मौके पर निस्तारित हो सकीं। मंडलायुक्त डाॅ. रोशन जैकब ने कई प्रकरणों में समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं।
इस मौके पर प्राधिकरण उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार व सचिव विवेक श्रीवास्तव सहित तमाम अधिकारी मौजूद रहे। जन सुनवाई में पहुंचे सुहैल खान व उनके परिवार ने मानसरोवर योजना के सेक्टर-ओ में आवंटित भूखंड की रजिस्ट्री के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया। इस पर मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारी को मौके पर बुलाकर 15 दिन के अंदर प्रकरण का निस्तारण करने के निर्देश दिए। शहीद पथ के पास मलेशेमऊ में 2001 में एलडीए ने शहीद पथ के लिए भूमि का अधिग्रहण किया। शहीर व उनके छह भाइयों की दस बीघे जमीन अधिग्रहीत हुई। सभी को मुआवजा भी मिला, लेकिन जमीन के बदले उन्हें व्यवसाय करने के लिए चबूतरे का आवंटन नहीं किया गया। इन्हें भी आश्वासन मिला। सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि जनसुनवाई में कुल 36 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 11 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। वहीं, शेष प्रकरणों के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं।
निर्माण शुरू होते ही लगाया अड़ंगा
काकोरी के मौदा गांव में बिल्डर नदीम अहमद ने बुस्तान डेवलपर्स के नाम से आवासीय कॉलोनी विकसित की। वर्ष 2016 में सौ से ज्यादा लोगों को भूखंड बेचे, रजिस्ट्री भी हो गई। भूखंड खरीदारों संजय कुमार, राकेश वर्मा ने बताया कि अब जब निर्माण कार्य शुरू हुआ तो एलडीए ने जमीन का लेआउट स्वीकृत नहीं होने की बात कहकर काम रुकवा दिया।
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छह बार शिकायत, निस्तारण नहीं
नबीउल्ला रोड पर नजूल की जमीन से मो. रईस को हटाकर सीतापुर रोड सेक्टर एफएस में 1862 वर्ग फीट का भूखंड दिया गया। वर्ष 2017 में रजिस्ट्री हुई और भूखंड पर दुकानें भी बनाई गईं, लेकिन एलडीए ने जिस किसान से जमीन ली थी, वह मुआवजे की मांग को लेकर दुकान के सामने धरना दे रहा है। छह बार इसकी शिकायत की, लेकिन निस्तारण नहीं हुआ।
नहीं मिला प्रधानमंत्री आवास
डालीगंज की राजकुमारी व रेनू त्रिपाठी पीएम आवास योजना की सूची लेकर मंडलायुक्त से मिलीं। उन्होंने कहा कि नाम आने के बावजूद अभी तक आवास नहीं मिला है। पति मजदूरी करते हैं। किराये के मकान में रहकर गुजारा कर रहे हैं। बसंतकुंज योजना में 272 आवंटियों को भूखंड न मिलने की शिकायत को लेकर अमरनाथ व सतेंद्र पहुंचे थे। उन्होंने बैंक से ऋण लेकर भूखंड खरीदा है, लेकिन एलडीए जमीन नहीं दे रहा है।
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इस मौके पर प्राधिकरण उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार व सचिव विवेक श्रीवास्तव सहित तमाम अधिकारी मौजूद रहे। जन सुनवाई में पहुंचे सुहैल खान व उनके परिवार ने मानसरोवर योजना के सेक्टर-ओ में आवंटित भूखंड की रजिस्ट्री के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया। इस पर मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारी को मौके पर बुलाकर 15 दिन के अंदर प्रकरण का निस्तारण करने के निर्देश दिए। शहीद पथ के पास मलेशेमऊ में 2001 में एलडीए ने शहीद पथ के लिए भूमि का अधिग्रहण किया। शहीर व उनके छह भाइयों की दस बीघे जमीन अधिग्रहीत हुई। सभी को मुआवजा भी मिला, लेकिन जमीन के बदले उन्हें व्यवसाय करने के लिए चबूतरे का आवंटन नहीं किया गया। इन्हें भी आश्वासन मिला। सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि जनसुनवाई में कुल 36 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 11 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। वहीं, शेष प्रकरणों के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं।
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निर्माण शुरू होते ही लगाया अड़ंगा
काकोरी के मौदा गांव में बिल्डर नदीम अहमद ने बुस्तान डेवलपर्स के नाम से आवासीय कॉलोनी विकसित की। वर्ष 2016 में सौ से ज्यादा लोगों को भूखंड बेचे, रजिस्ट्री भी हो गई। भूखंड खरीदारों संजय कुमार, राकेश वर्मा ने बताया कि अब जब निर्माण कार्य शुरू हुआ तो एलडीए ने जमीन का लेआउट स्वीकृत नहीं होने की बात कहकर काम रुकवा दिया।
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छह बार शिकायत, निस्तारण नहीं
नबीउल्ला रोड पर नजूल की जमीन से मो. रईस को हटाकर सीतापुर रोड सेक्टर एफएस में 1862 वर्ग फीट का भूखंड दिया गया। वर्ष 2017 में रजिस्ट्री हुई और भूखंड पर दुकानें भी बनाई गईं, लेकिन एलडीए ने जिस किसान से जमीन ली थी, वह मुआवजे की मांग को लेकर दुकान के सामने धरना दे रहा है। छह बार इसकी शिकायत की, लेकिन निस्तारण नहीं हुआ।
नहीं मिला प्रधानमंत्री आवास
डालीगंज की राजकुमारी व रेनू त्रिपाठी पीएम आवास योजना की सूची लेकर मंडलायुक्त से मिलीं। उन्होंने कहा कि नाम आने के बावजूद अभी तक आवास नहीं मिला है। पति मजदूरी करते हैं। किराये के मकान में रहकर गुजारा कर रहे हैं। बसंतकुंज योजना में 272 आवंटियों को भूखंड न मिलने की शिकायत को लेकर अमरनाथ व सतेंद्र पहुंचे थे। उन्होंने बैंक से ऋण लेकर भूखंड खरीदा है, लेकिन एलडीए जमीन नहीं दे रहा है।