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Lucknow News: सीताद्वार मेले में दूसरे दिन भी झील व झूला रहा आकर्षण का केंद्र
Sun, 17 Nov 2024 01:50 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 17 Nov 2024 01:50 AM IST
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मेले में पहुंचे लोग।
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इकौना (श्रावस्ती)। सीताद्वार मेले में शनिवार को दूसरे दिन झूला व झील लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। जबकि हरिहरपुररानी के लखरांव मेले में गन्ना व सिंघाड़ा की भरमार रही। सीताद्वार मेले में भीड़ को देखते हुए प्रशासन रात को भी चुस्त रहा।
कार्तिक पूर्णिमा से प्रारंभ हुआ सीताद्वार व लखरांव का मेला शनिवार को दूसरे दिन भी लोगों को अपनी ओर खींचने में सफल रहा। सीताद्वार मेले में शुक्रवार को दिन की अपेक्षा रात को ज्यादा भीड़ रही। बहराइच, बलरामपुर समेत स्थानीय श्रद्धालुओं ने झील में डुबकी लगा कर माता सीता के मंदिर में दर्शन किया। लोग अपने सुख व समृद्धि के लिए माता सीता की आराधना करते दिखे। मंदिर परिसर स्थित वाल्मीकि मंदिर में भी लोग अपनी मन्नत पूरी करने के लिए वहां लगे वृक्ष पर धागा बांध रहे थे। मेले के दौरान लोगों के मनोरंजन का केंद्र झूले बने रहे। ड्रैगन, डांसिंग डॉल, मोटू-पतलू व अन्य प्रकार के झूले बच्चों को अपनी ओर खींच रहे थे।
दुरुस्त रही सुरक्षा व्यवस्था
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। पूरा मेला सेक्टर व जोन में बंटा था। सेक्टर पर जिला स्तरीय अधिकारियों की तैनाती थी। शुक्रवार रात एसपी घनश्याम चौरसिया ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
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स्वास्थ्य कैंप से मिली मदद
मेले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कैंप लगाया गया था। जहां चौबीसों घंटे स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती है। यहां कई मरीज बुखार व उल्टी-दस्त की शिकायत लेकर आए। जिनका इलाज किया गया।
सड़क से लोगों को जाना पड़ा पैदल
सीताद्वार मेले में भारी भीड़ के कारण मेला क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित था। जिससे मेलार्थियों को डेढ़ किलोमीटर इकौना-बहराइच मार्ग से पैदल जाना पड़ा।
कार्तिक पूर्णिमा से प्रारंभ हुआ सीताद्वार व लखरांव का मेला शनिवार को दूसरे दिन भी लोगों को अपनी ओर खींचने में सफल रहा। सीताद्वार मेले में शुक्रवार को दिन की अपेक्षा रात को ज्यादा भीड़ रही। बहराइच, बलरामपुर समेत स्थानीय श्रद्धालुओं ने झील में डुबकी लगा कर माता सीता के मंदिर में दर्शन किया। लोग अपने सुख व समृद्धि के लिए माता सीता की आराधना करते दिखे। मंदिर परिसर स्थित वाल्मीकि मंदिर में भी लोग अपनी मन्नत पूरी करने के लिए वहां लगे वृक्ष पर धागा बांध रहे थे। मेले के दौरान लोगों के मनोरंजन का केंद्र झूले बने रहे। ड्रैगन, डांसिंग डॉल, मोटू-पतलू व अन्य प्रकार के झूले बच्चों को अपनी ओर खींच रहे थे।
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दुरुस्त रही सुरक्षा व्यवस्था
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। पूरा मेला सेक्टर व जोन में बंटा था। सेक्टर पर जिला स्तरीय अधिकारियों की तैनाती थी। शुक्रवार रात एसपी घनश्याम चौरसिया ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
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स्वास्थ्य कैंप से मिली मदद
मेले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कैंप लगाया गया था। जहां चौबीसों घंटे स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती है। यहां कई मरीज बुखार व उल्टी-दस्त की शिकायत लेकर आए। जिनका इलाज किया गया।
सड़क से लोगों को जाना पड़ा पैदल
सीताद्वार मेले में भारी भीड़ के कारण मेला क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित था। जिससे मेलार्थियों को डेढ़ किलोमीटर इकौना-बहराइच मार्ग से पैदल जाना पड़ा।