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Lucknow News: काकोरी ट्रेन एक्शन ने देश भर के क्रांतिकारियों में भरा था जोश
Sun, 10 Aug 2025 11:17 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 10 Aug 2025 11:17 PM IST
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चंद्रावल स्थित सीबी गुप्ता बीएसएस महाविद्यालय परिसर में शनिवार को काकोरी एक्शन के साै वर्ष पूरे
लखनऊ। राजधानी के चंद्रावल स्थित सीबी गुप्ता बीएसएस महाविद्यालय परिसर में शनिवार को भारत सेवा संस्थान और मोतीलाल मेमोरियल सोसायटी की ओर से काकोरी एक्शन के साै वर्ष (1925-2025) पूरे होने पर शनिवार को एक राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई।
मुख्य अतिथि डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय सिंह ने कहा कि काकोरी ट्रेन एक्शन ने देशभर के क्रांतिकारियों में जोश भर दिया था। कार्यक्रम के अध्यक्ष लविवि के राजनीति विज्ञान के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. रमेश दीक्षित कहा कि साल 1922 हताशा का दौर था जब गांधी जी ने असहयोग आंदोलन स्थगित कर दिया था। राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां दोनों एक ही जज्बे से काम किया।
गिरी इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट स्टडीज के निदेशक प्रो. हर्ष शर्मा ने कहा कि काकोरी ट्रेन एक्शन क्रांतिकारियों का साहसिक कार्य था। अरुण कुमार ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रभानु गुप्त ने काकोरी केस लड़ा था। कार्यक्रम में भारत सेवा संस्थान एवं मोतीलाल मेमोरियल सोसायटी पदाधिकारियों समेत सीबी गुप्ता बीएसएस महाविद्यालय की प्राचार्या डाॅ. सुधा बाजपेई, लविवि के पूर्व कुलपति प्रो. एसपी सिंह, भोनवाल इंस्ट्टीयूट की प्रबंधक मोनिका भोनवाल, लुआक्टा के अध्यक्ष डाॅ. मनोज पांडे, सीआरपीएफ के कमांडेंट जीतेंद्र ओझा भी माैजूद रहे।
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मुख्य अतिथि डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय सिंह ने कहा कि काकोरी ट्रेन एक्शन ने देशभर के क्रांतिकारियों में जोश भर दिया था। कार्यक्रम के अध्यक्ष लविवि के राजनीति विज्ञान के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. रमेश दीक्षित कहा कि साल 1922 हताशा का दौर था जब गांधी जी ने असहयोग आंदोलन स्थगित कर दिया था। राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां दोनों एक ही जज्बे से काम किया।
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गिरी इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट स्टडीज के निदेशक प्रो. हर्ष शर्मा ने कहा कि काकोरी ट्रेन एक्शन क्रांतिकारियों का साहसिक कार्य था। अरुण कुमार ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रभानु गुप्त ने काकोरी केस लड़ा था। कार्यक्रम में भारत सेवा संस्थान एवं मोतीलाल मेमोरियल सोसायटी पदाधिकारियों समेत सीबी गुप्ता बीएसएस महाविद्यालय की प्राचार्या डाॅ. सुधा बाजपेई, लविवि के पूर्व कुलपति प्रो. एसपी सिंह, भोनवाल इंस्ट्टीयूट की प्रबंधक मोनिका भोनवाल, लुआक्टा के अध्यक्ष डाॅ. मनोज पांडे, सीआरपीएफ के कमांडेंट जीतेंद्र ओझा भी माैजूद रहे।
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