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Lucknow News: चुटकी भंडार बालिका इंटर कॉलेज के जर्जर भवन पर हाईकोर्ट सख्त, राज्य सरकार से जवाब तलब
Sun, 21 Dec 2025 02:34 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 21 Dec 2025 02:34 AM IST
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चुटकी भंडार बालिका इंटर कॉलेज के जर्जर भवन पर हाईकोर्ट सख्त, राज्य सरकार से जवाब तलब
लखनऊ। राजधानी के हुसैनगंज स्थित चुटकी भंडार बालिका इंटरमीडिएट कॉलेज के जर्जर और खतरनाक भवन में छात्राओं से पढ़ाई कराए जाने के मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सरकारी वकील को सरकार से निर्देश लेकर स्थिति स्पष्ट करने का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 9 जनवरी को होगी।
मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश विजय कुमार पाण्डेय द्वारा दायर जनहित याचिका पर पारित किया।
याचिका में बताया गया कि विद्यालय का भवन सौ वर्ष से अधिक पुराना है, जिसे लोक निर्माण विभाग और नगर निगम कई बार असुरक्षित घोषित कर चुके हैं। भवन की दीवारों में गहरी दरारें हैं, छत गिरने की स्थिति में है और आधार संरचना कमजोर हो चुकी है। बरसात के मौसम में खतरा और बढ़ जाता है, इसके बावजूद विद्यालय में नियमित कक्षाएं संचालित की जा रही हैं और नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया भी जारी है।
याचिका में मांग की गई है कि जर्जर भवन में तत्काल शैक्षणिक गतिविधियां रोकी जाएं, छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों को सुरक्षित वैकल्पिक स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। साथ ही खतरनाक भवन को ध्वस्त कर नए सुरक्षित भवन के निर्माण और प्रमाणन तक विद्यालय संचालन पर रोक लगाई जाए।
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मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश विजय कुमार पाण्डेय द्वारा दायर जनहित याचिका पर पारित किया।
याचिका में बताया गया कि विद्यालय का भवन सौ वर्ष से अधिक पुराना है, जिसे लोक निर्माण विभाग और नगर निगम कई बार असुरक्षित घोषित कर चुके हैं। भवन की दीवारों में गहरी दरारें हैं, छत गिरने की स्थिति में है और आधार संरचना कमजोर हो चुकी है। बरसात के मौसम में खतरा और बढ़ जाता है, इसके बावजूद विद्यालय में नियमित कक्षाएं संचालित की जा रही हैं और नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया भी जारी है।
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याचिका में मांग की गई है कि जर्जर भवन में तत्काल शैक्षणिक गतिविधियां रोकी जाएं, छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों को सुरक्षित वैकल्पिक स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। साथ ही खतरनाक भवन को ध्वस्त कर नए सुरक्षित भवन के निर्माण और प्रमाणन तक विद्यालय संचालन पर रोक लगाई जाए।
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