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Lucknow News: पुरसा देने के लिए संवारी जा रही कब्र
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लखनऊ। शब-ए-बरात यानि गुनाहों से निजात की रात 13 फरवरी को है। इस रात में मुसलमान अपने बुजुर्गों को इसाले सवाब पेश करने के लिए कब्रिस्तान जाएंगे। इसके लिए शहर के कब्रिस्तानों में कब्रों को संवारने का काम भी तेज हो गया है। मस्जिदों, कर्बला, इमामबाड़ों में भी सफाई तेजी से हो रही है।
इस्लामिक माह शाबान की 14 तारीख को शब-ए-बरात मनाया जाता है। इस रात मुसलमान मस्जिदों और घरों में कुरान की तिलावत करने के साथ ही नफिल नमाज अदा करते हैं। इसके अलावा अपने पुरखों को पुरसा देने के लिए परिवार के संग कब्रिस्तान जाएंगे। यहां पर वो कुरान की तिलावत करेंगे और फातिहा पढ़कर बुजुर्गों को इसाले सवाब पेश करेंगे। शहर के कब्रिस्तान रंग बिरंगी झालरों से रोशन रहेंगे। महिलाएं रात भर घरों में इबादत में मशगूल रहेंगी।
वहीं, शिया समुदाय आधी रात के बाद इमाम ए जमाना की विलादत का जश्न मनाता है और आतिशबाजी करता है। अगले दिन सुबह शिया समुदाय के लोग हलवे पर इमाम-ए-जमाना की नज्र दिलाते हैं। नज्र दिलाने के लिए घरों में महिलाएं रातभर तरह-तरह का हलवा तैयार करती हैं। सुन्नी समुदाय अगले दिन रोजा रखता है। शब-ए-बरात को लेकर शहर के डालीगंज, खदरा, ऐशबाग, निशातगंज, सुप्पा, गंज शहीदा, खुर्रम नगर, कर्बला तालकटोरा, कर्बला मलका जहां, गुफरानमॉब सहित शहर के तमाम कब्रिस्तानों में कब्रों को संवारने का काम तेजी से किया जा रहा है।
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इस्लामिक माह शाबान की 14 तारीख को शब-ए-बरात मनाया जाता है। इस रात मुसलमान मस्जिदों और घरों में कुरान की तिलावत करने के साथ ही नफिल नमाज अदा करते हैं। इसके अलावा अपने पुरखों को पुरसा देने के लिए परिवार के संग कब्रिस्तान जाएंगे। यहां पर वो कुरान की तिलावत करेंगे और फातिहा पढ़कर बुजुर्गों को इसाले सवाब पेश करेंगे। शहर के कब्रिस्तान रंग बिरंगी झालरों से रोशन रहेंगे। महिलाएं रात भर घरों में इबादत में मशगूल रहेंगी।
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वहीं, शिया समुदाय आधी रात के बाद इमाम ए जमाना की विलादत का जश्न मनाता है और आतिशबाजी करता है। अगले दिन सुबह शिया समुदाय के लोग हलवे पर इमाम-ए-जमाना की नज्र दिलाते हैं। नज्र दिलाने के लिए घरों में महिलाएं रातभर तरह-तरह का हलवा तैयार करती हैं। सुन्नी समुदाय अगले दिन रोजा रखता है। शब-ए-बरात को लेकर शहर के डालीगंज, खदरा, ऐशबाग, निशातगंज, सुप्पा, गंज शहीदा, खुर्रम नगर, कर्बला तालकटोरा, कर्बला मलका जहां, गुफरानमॉब सहित शहर के तमाम कब्रिस्तानों में कब्रों को संवारने का काम तेजी से किया जा रहा है।
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