लखनऊ। देश में सबसे उपजाऊ जमीन उत्तर प्रदेश की है। यहां के किसानों की मेहनत बेकार न जाए और उन्हें फसल की अच्छी कीमत मिले, इस पर सरकार ने काम किया है। भंडारण की समस्या के कारण बड़ी मात्रा में फसल खेतों में ही बर्बाद हो जाती है। यह समस्या शोध का विषय है कि हम ऐसा क्या करें कि हमारे उत्पादों की गुणवत्ता बढ़े और उनका निर्यात कर सकें। ये बातें उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को कहीं।
डिप्टी सीएम एमिटी विश्वविद्यालय में आयोजित पैथोजेंस, प्लांट हेल्थ व फूड सिक्योरिटी क्लाइमेट रेजिलिएंट एग्रीकल्चर व लैंडस्केप कंजर्वेशन विषय पर आयोजित चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बोल रहे थे। एमिटी फूड एंड एग्रीकल्चर फाउंडेशन और इंडियन सोसाइटी ऑफ माइकोलॉजी एंड प्लांट पैथोलॉजी (आईएसएमपीपी) संयुक्त रूप से आयोजन करवा रहे हैं। विवि के प्रति कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) अनिल वशिष्ठ, एमेरिटस प्रेसिडेंट आईएसएमपीपी डॉ. एसएस चाहल, डॉ. सीडी मयी, सचिव आईएसएमपीपी प्रो. (डॉ.) पोखर रावल मौजूद रहे। इस दौरान कृषि वैज्ञानिकों को सम्मानित भी किया गया।