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चिकित्सा संस्थानों में शिक्षकों की भर्ती पर राज्यपाल ने मांगा जवाब
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एसजीपीजीआई और लोहिया संस्थान में शिक्षकों की बैकलॉग भर्ती मामले में राजभवन ने जवाब मांगा है। दोनों संस्थानों के निदेशक को पत्र भेजा गया है। इन्हें पूरे मामले का नए सिरे से परीक्षण करने और वस्तुस्थिति से अवगत कराने का निर्देश दिया गया है।
एसजीपीजीआई और लोहिया संस्थान में शिक्षकों की भर्ती को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। दोनों संस्थानों में बैकलॉग के नियमों का पालन नहीं होने का मामला सामने आया है। एसजीपीजीआई के मामले में अनुसूचित जाति आयोग ने भर्ती प्रक्रिया निरस्त करने का निर्देश दिया है। यह भी कहा है कि नियमों का पालन करते हुए नए सिरे से एक माह के अंदर विज्ञापन जारी किया गया। इस मामले को लेकर सांसद कौशल किशोर ने भी राज्यपाल, मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर शिकायत की थी। सांसद ने मांग की थी कि आरक्षण नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाए।
इस पर शुक्रवार को राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव महेश कुमार गुप्ता ने एसजीपीजीआई और लोहिया संस्थान के निदेशक को पत्र भेजा है। इसमें सांसद की ओर से उठाए गए मामले का निस्तारण करने और बैकलॉग भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है। दोनों संस्थानों में अपर मुख्य सचिव का पत्र मिलने के बाद हलचल मची हुई है। संस्थानों के जुड़े सूत्रों ने बताया कि दोनों संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले में बीच का रास्ता निकालने के लिए शनिवार को माथापच्ची में जुटे रहे। एसजीपीजीआई में पूर्व में हुई भर्ती प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों को भी खंगाला जा रहा है। यह देखा जा रहा है कि इससे पहले होने वाली भर्ती में किस तरह से बीच का रास्ता निकाला गया था।
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एसजीपीजीआई और लोहिया संस्थान में शिक्षकों की भर्ती को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। दोनों संस्थानों में बैकलॉग के नियमों का पालन नहीं होने का मामला सामने आया है। एसजीपीजीआई के मामले में अनुसूचित जाति आयोग ने भर्ती प्रक्रिया निरस्त करने का निर्देश दिया है। यह भी कहा है कि नियमों का पालन करते हुए नए सिरे से एक माह के अंदर विज्ञापन जारी किया गया। इस मामले को लेकर सांसद कौशल किशोर ने भी राज्यपाल, मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर शिकायत की थी। सांसद ने मांग की थी कि आरक्षण नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाए।
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इस पर शुक्रवार को राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव महेश कुमार गुप्ता ने एसजीपीजीआई और लोहिया संस्थान के निदेशक को पत्र भेजा है। इसमें सांसद की ओर से उठाए गए मामले का निस्तारण करने और बैकलॉग भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है। दोनों संस्थानों में अपर मुख्य सचिव का पत्र मिलने के बाद हलचल मची हुई है। संस्थानों के जुड़े सूत्रों ने बताया कि दोनों संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले में बीच का रास्ता निकालने के लिए शनिवार को माथापच्ची में जुटे रहे। एसजीपीजीआई में पूर्व में हुई भर्ती प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों को भी खंगाला जा रहा है। यह देखा जा रहा है कि इससे पहले होने वाली भर्ती में किस तरह से बीच का रास्ता निकाला गया था।
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