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सियासत का सफर : चाचा-भतीजे में फिर बढ़ी दूरियां, आहत शिवपाल पहुंचे इटावा
Sun, 27 Mar 2022 04:53 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 27 Mar 2022 04:53 AM IST
सार
साइकिल सिंबल पर चुनाव लड़े, फिर भी सपा नहीं मानती अपना। सहयोगी दलों की बैठक में बुलाए जाने की दुहाई।
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शिवपाल और अखिलेश यादव
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
चाचा शिवपाल और भतीजे अखिलेश के बीच फिर दूरियां बढ़ती नजर आ रही हैं। सपा के नवनिर्वाचित विधायकों की शनिवार की बैठक में न बुलाने से आहत शिवपाल सिंह यादव इटावा चले गए। वह सपा के चुनाव चिह्न साइकिल पर विधायक बने हैं। फिर भी सपा उन्हें अपना मानने के बजाय सहयोगी दल का नेता मानती है। अब उन्हें सहयोगियों की बैठक में बुलाने की दुहाई दी जा रही है।
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सपा से गठबंधन के बाद शिवपाल ने न सिर्फ अखिलेश को अपना नेता घोषित किया बल्कि यहां तक कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री बनाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगे। सपा से गठबंधन के बाद उम्मीद थी कि प्रसपा नेताओं को चुनाव मैदान में उतारा जाएगा, लेकिन सिर्फ शिवपाल चुनाव लड़े। वह भी साइकिल के सिंबल पर। ऐसे में प्रसपा के तमाम वरिष्ठ नेता दूसरे दलों का रुख कर गए। इसके बाद भी शिवपाल चुनाव मैदान में लगे रहे।
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उन्होंने अपनी विधानसभा के साथ अखिलेश की करहल सीट पर भी प्रचार किया। तीसरे चरण का चुनाव पूरा होने के बाद सपा में शिवपाल को स्टार प्रचारक घोषित किया गया। सप्ताह भर तक वह कार्यक्रम मिलने का इंतजार करते रहे। शिवरात्रि से ठीक पहले उन्हें पूर्वांचल दौरे पर भेजा गया। उन्होंने मल्हनी सहित जिन विधानसभा क्षेत्रों में जनसभा की, वहां सपा का परचम लहराया।
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ऐसे में चर्चा चली कि इनाम के तौर पर उन्हें नेता प्रतिपक्ष बनाया जा सकता है। लेकिन अखिलेश के लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद इस चर्चा पर विराम लग गया। चाचा-भतीजे के बीच चल रही अंतरद्वंद्व का खुलासा तब हुआ, जब शिवपाल को सपा के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में बुलाया नहीं गया। बैठक में न बुलाए जाने से आहत शिवपाल ने एक टीवी चैनल पर कहा कि वह सपा की सक्रिय सदस्यता लेने के बाद विधायक बने हैं। सभी विधायकों को फोन कर बुलाया गया, लेकिन उन्हें नहीं। दो दिन राजधानी में रहकर इंतजार कर रहे थे। फिर भी बुलावा नहीं आया तो अब इटावा जा रहे हैं।
सहयोगियों की बैठक 28 को
सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने कहा कि 28 मार्च को सपा गठबंधन में शामिल सभी दलों के नेताओं को बुलाया गया है। उसमें शिवपाल, पल्लवी पटेल, ओम प्रकाश राजभर सहित अन्य नेताओं को बुलाया जाएगा। शिवपाल व पल्लवी के सपा के सिंबल पर चुनाव लड़ने और अधिकृत रूप से सपा के विधायक होने के सवाल पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सभी सहयोगियों को एक साथ बुलाया जाएगा।