{"_id":"6a073d58e4b1a8a5ce0f1fc0","slug":"the-dispute-between-the-bar-and-the-bench-could-not-be-resolved-lucknow-news-c-97-1-ayo1042-149579-2026-05-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: बार-बेंच मे छिड़े विवाद का नहीं हो सका निपटारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: बार-बेंच मे छिड़े विवाद का नहीं हो सका निपटारा
Fri, 15 May 2026 09:54 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 15 May 2026 09:54 PM IST
विज्ञापन
सोहावल। एडीएम सिटी के हस्तक्षेप के बावजूद सोहावल में बार और बेंच के बीच विवाद नहीं थम रहा है। अदालती कामकाज ठप होने से दूर-दराज से आने वाले वादकारियों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
शुक्रवार को सोहावल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सुधीर मिश्र और वर्तमान महामंत्री बैजनाथ पांडेय ने आरोप लगाया है कि खारिज दाखिल वरासत से संबंधित फाइलें गायब हो रही हैं। उनका कहना है कि बिना वेतन के काम करने वाले बाहरी कर्मी वादकारियों से धन वसूली कर फाइलें ढूंढते हैं। पैसे न मिलने पर फाइलें नहीं मिलतीं। इससे कोर्ट की तारीखें भी बदल दी जाती हैं, जिससे सारा काम बाधित होता है। एडीएम शहर योगानंद पांडेय ने दो दिन में समस्या हल करने का भरोसा दिया था। इसमें बाहरी कर्मियों को हटाने और हर मंगलवार को लेखपालों को तहसील में बैठाने का वादा भी शामिल था। हालांकि, पंद्रह दिन बीत जाने और दो मंगलवार निकल जाने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
वहीं अधिवक्ताओं ने बताया कि बाहरी कर्मियों को हटाकर विभागीय कर्मियों से काम न कराए जाने तक हड़ताल जारी रहेगी। उनका आरोप है कि देर शाम तक बाहरी कर्मी किस आधार पर काम कर रहे हैं, यह समझ से परे है। एडीएम के आश्वासन के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस कारण वादकारियों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शुक्रवार को सोहावल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सुधीर मिश्र और वर्तमान महामंत्री बैजनाथ पांडेय ने आरोप लगाया है कि खारिज दाखिल वरासत से संबंधित फाइलें गायब हो रही हैं। उनका कहना है कि बिना वेतन के काम करने वाले बाहरी कर्मी वादकारियों से धन वसूली कर फाइलें ढूंढते हैं। पैसे न मिलने पर फाइलें नहीं मिलतीं। इससे कोर्ट की तारीखें भी बदल दी जाती हैं, जिससे सारा काम बाधित होता है। एडीएम शहर योगानंद पांडेय ने दो दिन में समस्या हल करने का भरोसा दिया था। इसमें बाहरी कर्मियों को हटाने और हर मंगलवार को लेखपालों को तहसील में बैठाने का वादा भी शामिल था। हालांकि, पंद्रह दिन बीत जाने और दो मंगलवार निकल जाने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
विज्ञापन
वहीं अधिवक्ताओं ने बताया कि बाहरी कर्मियों को हटाकर विभागीय कर्मियों से काम न कराए जाने तक हड़ताल जारी रहेगी। उनका आरोप है कि देर शाम तक बाहरी कर्मी किस आधार पर काम कर रहे हैं, यह समझ से परे है। एडीएम के आश्वासन के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस कारण वादकारियों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
विज्ञापन