{"_id":"699f67c83071703c330fe926","slug":"the-confluence-of-philosophy-art-and-music-in-the-literature-of-jaishankar-prasad-lucknow-news-c-13-knp1002-1622360-2026-02-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: 'जयशंकर प्रसाद के साहित्य में दर्शन, कला और संगीत की त्रिवेणी'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: 'जयशंकर प्रसाद के साहित्य में दर्शन, कला और संगीत की त्रिवेणी'
विज्ञापन
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय पार्क में चार दिवसीय महाकवि जयशंकर प्रसाद साहित्य-संस्कृति महोत्सव-2026 के तहत बुधवार को चित्रकला शिविर और प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ। आयोजन हिंदी एवं आधुनिक भारतीय भाषा विभाग, ललित कला संकाय, महाकवि जयशंकर प्रसाद ट्रस्ट, राज्य ललित कला अकादमी और संस्कार भारती अवध प्रांत के सहयोग से किया जा रहा है।
ट्रस्ट के न्यासी अवधेश गुप्त ने कहा कि जयशंकर प्रसाद के साहित्य में दर्शन, कला और संगीत की त्रिवेणी बहती है। डॉ. कविता प्रसाद ने ट्रस्ट के पंजीकरण की जानकारी दी। मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश भी पढ़ा गया। राज्य संगीत नाटक अकादमी की उपाध्यक्ष डॉ. विभा सिंह ने ‘हिमाद्रि तुंग श्रंग से’ का पाठ किया।
अधिष्ठाता प्रो. रतन कुमार ने विभिन्न कलाओं के आपसी संबंधों पर प्रकाश डाला। अवसर पर प्रो. सुनील सक्सेना, प्रो. अवधेश मिश्र, रश्मि श्रीवास्तव, अमनदीप, सौरभ सुरेश, मोहन मावा, मैनाज बानो, कुमारी नेहा, अश्विनी कुमार प्रजापति, धर्मेंद्र सिंह, निशांत राय, सिद्धार्थ देव, अराधना कांति, जितेंद्र राम और उपासना त्रिपाठी सहित कई कलाकारों का सम्मान किया गया। मंच पर कमलेश पाठक, प्रो. पवन अग्रवाल और प्रो. योगेंद्र प्रताप सिंह भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
ट्रस्ट के न्यासी अवधेश गुप्त ने कहा कि जयशंकर प्रसाद के साहित्य में दर्शन, कला और संगीत की त्रिवेणी बहती है। डॉ. कविता प्रसाद ने ट्रस्ट के पंजीकरण की जानकारी दी। मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश भी पढ़ा गया। राज्य संगीत नाटक अकादमी की उपाध्यक्ष डॉ. विभा सिंह ने ‘हिमाद्रि तुंग श्रंग से’ का पाठ किया।
विज्ञापन
अधिष्ठाता प्रो. रतन कुमार ने विभिन्न कलाओं के आपसी संबंधों पर प्रकाश डाला। अवसर पर प्रो. सुनील सक्सेना, प्रो. अवधेश मिश्र, रश्मि श्रीवास्तव, अमनदीप, सौरभ सुरेश, मोहन मावा, मैनाज बानो, कुमारी नेहा, अश्विनी कुमार प्रजापति, धर्मेंद्र सिंह, निशांत राय, सिद्धार्थ देव, अराधना कांति, जितेंद्र राम और उपासना त्रिपाठी सहित कई कलाकारों का सम्मान किया गया। मंच पर कमलेश पाठक, प्रो. पवन अग्रवाल और प्रो. योगेंद्र प्रताप सिंह भी मौजूद रहे।
विज्ञापन